00:01बेबाग भाशा की तरफ से हम सलाम पेश करते हैं आर नल्ला कनु को
00:06कॉमरेट आर एन के को जिन्होंने एक सो साल की उम्र में हमसे विदाली
00:14तमिलाडू में जन में आर नल्ला कनु ने 80 साल से अधिक सामाजिक राजनितिक जुझारू जीवन जिया
00:24और एक लंबी विरासत कम्निस्ट पार्टी की और जाती उन्मूलन की जमीन पर चलाई
00:31उनका जो योगदान है जिस तरह से उन्होंने शुरुआत से कम्निस्ट पार्टी का दामन थामा
00:39उसके बाद आजादी का आंदोलन किया
00:42और आजादी के आंदोलन में उसके बाद भी
00:46किसानों के आंदोलन में सक्री रहे
00:48लेकिन सबसे बड़ी मिसाल थी
00:51कि वामपंथ और दलित उत्पीडन के बीच के पुल बने
00:55उसके खिलाफ जो आंदोलन चल रहा था
00:58जो untouchability यानि छुवा छूत के खिलाफ आंदोलन तमिल्नाडू में था
01:02उसका सबसे बड़ा प्रमुक्ष चहरा ग्रासरूट पे काम करने वाले चहरे के तौर पर
01:09कॉमरेड आरेन के जीवन भर माने गए और शायद यही वज़़ है
01:14कि 101 साल की उमर में जब विदा हुए तब बड़ी संख्या में तमिल्नाडू उन्हें सलाम पेश करने के लिए
01:24एक जुठ हुआ
01:25यहाँ याद रखना बहुत जरूरी है कि जिस तरह से CPI के साथ उन्होंने एक लंबी पारी खेली तमिल्नाडू में
01:35और तमिल्नाडू में उन्होंने एक तरह से वामपन्थी आंदोलन को जाती उत्पीडन का जो आंदोलन चल रहा था उसके साथ
01:45जोडने का काम किया
01:46किसान आंदोलन में अग्रणी भूमिकादा की उसमें जेल भी गए आजीवन कारावास की सजा हुई जेल में जब वे थे
01:55तब उनकी मूचे जलादी पुलिस इंस्पेक्टर ने और उन्होंने उसके रेजिस्टेंस में अपने जीवन भर मूचे नहीं रखी और उन्होंने
02:15क
02:15खड़े हैं उनसे प्रेणा पा रहे हैं वह बेमिसाल है और एक और बेमिसाल बात 101 साल की उम्र में
02:23विदा लेने वाले कॉम्रेड आरेन के ने अपना शरीर दान दिया लिहाजा अंतिम दर्शन के लिए उनका शव रखा गया
02:32लोग आए और बताया गया जिस तरह से गाना च
02:40है
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