00:16दिल्ली की राजनीती में जिस केस ने भूचा ला दिया था उस शराब घोटाला मामले में बड़ा मोड आ गया
00:21है
00:21राज एविन्यो कोट ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्विंद केजरिवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीश सिसोधिया को CBI केस में बरी कर
00:30दिया है
00:30कोट ने साफ कहा कि दोनों के खिलाफ ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे आरोप साबित हो सकें
00:36जज जीटेंद्र सिंग ने कहा कि जांच एजनसी ने साजिश की कहानी तो पेश की लेकिन वो पुखता प्रमानों के
00:43बजाए अनुमान पटिकी हुई थी
00:44इसी आधार पर कोट ने 23 आरोपियों के खिलाफ आरोप तै करने से इंकार करते हुए सभी को बरी कर
00:51दिया
01:20फैसले के बाद कोट परिसर के बाहर भावनात्मक द्रिश्य देखने को मिला
01:21नहीं होती सीबियाई ने तुरंत संकेत दे दिया कि वो इस फैसले से सहमत नहीं है
01:26एजनसी का कहना है कि जाज के कई पहलूओं को या तो नजर अंदास किया गया या पर्याप्त रूप से
01:31समझा नहीं गया
01:32अब सीबियाई इस आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देगी
01:36कानूनी प्रक्रिया के तहट जरूरत पढ़ने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है
01:40यानि अदालत से मिली राहत के बाद भी कानूनी लड़ाई जारी रहने वाली है
01:45सीबियाई का दावा है कि इस पूरे मामले की जड़ में दिल्ली की आबकारी नीती थी
01:50एजनसी के मताबिक केजरिवाल के करीबी विजय नायर शराब कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में थे
01:56आरोप है कि नीती में फायदा दिलाने के बदले पैसों की मांग की गई
02:00जाच एजनसी का कहना है कि दक्षिन भारत के एक समूह से करीब 100 करोड रुपए की डील हुई
02:05इस रकम में से 44.5 करोड रुपए नकद गोवा विधान सभा चुनाव में खर्च किये गए
02:12एजनसी का आरोप है कि इस धन का इस्तिमाल चुनाव में लाभ पाने के लिए किया गया
02:16CBI ने ये भी कहा कि गोवा में कुछ नेताओं को चुनाव खर्च के लिए नकद राशी दी गई थी
02:21एजनसी ने दावा किया कि ये पैसा अवैद तरीके से जुटाया गया और चुनावी अभ्यान में लगाया गया
02:27इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आये जिनके जरिये धन के लेंदेन और ट्रांसफर की बात
02:33कही गई
02:33जांच एजनसी का आरोप है कि शराब नीती के दोरान, निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुद्रा कारोबारियों का एक समूह बना
02:41जिसने नियमों का उलंगन किया
02:43इस से कुछ लोगों को आर्थिक लाब हुआ जबकि सरकारी खजाने को नुकसान पहुचा
02:47हाला कि अदालत ने कहा कि इन आरोपों को साबित करने के लिए परियाप्त साक्ष पेश नहीं किये गए
02:53अब सबसे बढ़ा सवाल यही है कि आगे क्या होगा
02:56क्या हाई कोट में ये फैसला पल्टेगा या निचली अदालत का आदेश बरकरार रहेगा
03:01क्या सुप्रीम कोट तक ये मामला जाएगा
03:03राजनीती और कानून की इस जंग में अगला अध्याय अभी बाकी है
03:08फिलहाल एक अदालत ने राहत दी है
03:10लेकिन जाच एजनसी पीछे हटने को तयार नहीं है
03:13सौ करोड की कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है
03:16असली फैसला आने वाले दौर में होगा
Comments