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दिल्ली हाई कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।उन्होंने CBI के खिलाफ चल रहे एक्साइज पॉलिसी केस में खुद अपनी पैरवी करने का ऐलान किया है।Kejriwal ने कोर्ट में साफ कहा कि वे अपना केस खुद लड़ेंगे और यह उनका कानूनी अधिकार है।इसके साथ ही उन्होंने जज Justice Swarana Kanta Sharma से केस से अलग होने की मांग की है।यह मामला उस फैसले से जुड़ा है जिसमें ट्रायल कोर्ट ने Kejriwal और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया था।CBI ने इस फैसले को Delhi High Court में चुनौती दी है और इसे “mini-trial” बताया है।Solicitor General Tushar Mehta ने Kejriwal के इस कदम का विरोध करते हुए इसे “theatrics” बताया।अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी, जहां बड़ा फैसला आ सकता है।यह केस अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम बन चुका है।

Former Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal has taken a bold and unusual legal step in the Delhi High Court.has decided to argue his own case in the ongoing excise policy matter involving the CBI.Kejriwal stated in court that he would exercise his legal right and represent himself.He has also filed a recusal plea against Justice Swarana Kanta Sharma, requesting her to step aside from the case.The matter stems from a trial court order that discharged Kejriwal and other accused.The Central Bureau of Investigation has challenged this order, calling it a “mini-trial”.Solicitor General Tushar Mehta opposed Kejriwal’s move, terming it as “theatrics” in court.The Delhi High Court has now listed the matter for April 13 for further hearing.This case is now turning into a major legal and political showdown in the country.

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Transcript
00:00CBI vs. Arvind Kejriwal के case में एक नया twist आ गया है
00:04पिना किसी वकील के अब अपने खुद के दम पर लड़ेंगे Arvind Kejriwal अपना case
00:09CBI के सामने सीना तान दिल्ली के former chief minister
00:14और ये step बता रहा है कि इस पूरे case ने एक नया board ले लिया है
00:20सबसे पहले आपको बताते हैं कि क्या हुआ है
00:23दर्शकों April 6,2026 को दिल्ली हाई court में एक unusual scene देखने को मिलता है
00:29और विंद Kejriwal खुद court में appear होते हैं और सीधा बोल देते हैं
00:33कि मैं अपना case खुद आर्ग्यू करूँगा
00:36I will exercise my legal rights
00:47मतलब ना कोई वकालत नामा ना lawyer
00:50पूरा case खुद लड़ने का फैसला ले लिया है
00:53दिल्ली के पूर्व Chief Minister अर्विंद Kejriwal ने
00:57और चरफ इतना ही नहीं उन्होंने एक recusal application भी फाइल की है
01:01अब आपको दर्शकों ये समझाते हैं कि recusal application का मतलब क्या होता है
01:06सिंपल भाशा में समझो recusal का मतलब होता है
01:20क्योंकि आप indirectly court के process पर सवाल भी उठाते हों
01:25देखे अर्विंद Kejriwal जी के लिए आज कोई भी वकील पेश नहीं हुआ
01:28लेकिन वो अपनी दलील खुद रखे उन्होंने जो दर्ख्वास्त फाइल की थी
01:33रिक्विजल की उसके लिए उन्होंने रिक्विस्ट की कि मेरे को allow किया जाए
01:37इसको record पे लिया जाए और मुझे in person appear होने के लिए allow किया जाए
01:41दर्शकों अब case क्या है आपको पूरा background समझाते हैं
01:45थोड़ा साफ flashback भी देते हैं
01:47यह पूरा matter है daily exercise policy case का
01:49और इसमें allocations लगे थे कि liquor policy बनाते वक्त irregularities हुई थी
01:55यानि liquor policies बनाते वक्त केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सरकार के मन में खोड़ था
02:01इस case में अर्विंद केजरीवाल के साथ साथ मनीश सोधिया का भी नाम आया था
02:06और कई सारे आम आदमी पार्टी के लोग इस case में फसे थे
02:10लेकिन दर्शक को twist ये था कि trial court ने recently support discharge कर जिया था
02:16मतलब evidence strong नहीं था इसलिए case आगे ही नहीं बढ़ा था
02:20और अर्विंद केजरीवाल मनीश सोधिया के उपर लगाए अरोब हटा दिये गए थे
02:24लेकिन CBI का counter attack खतम नहीं हुआ था और कहानी इसके बाद आगे चल गई थी
02:31Central Bureau of Investigation यानि CBI ने इस decision को challenge कर दिया था
02:35High court के अंदर यानि CBI केजरीवाल का पीछा नहीं छोड रही थी
02:39CBI का कहना है कि trial court में mini trial कर दिया जो उनके according गलत है
02:45और CBI अब उपरी court में कई थी लेकिन दर्शकों court room में हुआ अलग तरहें का drama
02:50अब जब केजरीवाल ने बोला है कि वो खुद argue करेंगे तो CBI की तरफ से आये हैं
02:55तो शार महता ने इस move को काफी strong opposition किया
02:59उन्होंने कहा कि court कोई theatrics का forum नहीं है
03:03court के अंदर सियासी खेल नहीं खेले जाते हैं
03:06और warning भी दी कि अगर recusal pre-reject होती है
03:10तो ये contempt तक जा सकता है
03:13यानि उन्होंने सीधे तोर पर अरविंद केजरीवाल को चितावनी भी दी
03:17तेकिन दर्शकों अब सवाल यह है कि आगे होगा क्या
03:20फिलाल दिल्ली हाई court ने क्या किया
03:22केजरीवाल की recusal application को record पर ले लिया है
03:26दर्शकों इसके अलावा CBI को reply find करने का भी time दिया है
03:31इसमें अब CBI इस बात का जवाब देगी
03:33और अब सब की नजर है 13 April 2026 पर
03:36जब इस पूरे मामले की next hearing होगी
03:39नेक्स सुनवाई
03:40दर्शकों अब ये समझना जरूरी है कि ये matter क्यों करता है
03:43ये move इतना बड़ा क्यों है
03:45इंडिया में ये बहुत rare होता है
03:47कि कोई former CM अपना case खुद आर्ग्यू करे
03:50यानि कोई chief minister पिनावकील के court में जाए
03:53ये एक strong political और legal statement है
03:56और इससे पूरा case और भी high voltage बन गया है
04:00और अगर परदे की पीछे की एक बात और आप समझना चाहें
04:03तो इससे आम आदमी party शायद कहीं न कहीं
04:05सियासी फाइदा भी डूल रही है
04:07एक narrative भी set हो सकता है
04:09कि अरविंद केजरिवाल तो इतने पड़े लिखे हैं
04:11कि अपना case खुद लड़ सकते हैं
04:13और शायद ये system इतना भष्ष्ट है
04:15कि मानदार केजरिवाल को खुद लगना पड़ेगा
04:18ये भी इसके पीछे का एक narrative हो सकता है
04:20लेकिन दर्शकों ये सिरफ एक legal battle नहीं है
04:23ये image, politics और power का भी game बन चुका है
04:26और अब ये case और जादा तृच्छा हो चुका है
04:29अब सवाल है कि आरविंद केजरिवाल का ये bowl step उनके favor में जाएगा
04:33या CBI का case heavy पड़ जाएगा
04:36और केजरिवाल को ये move, ये बहादूरी दिखाना महंगी पड़ जाएगी
04:40ये decide होगा 13 April को की अगला बड़ा twist क्या होता है
04:44और तर्शकों ऐसे ही updates के लिए आप बने रहिए One India के साथ
04:48मैं हूँ आकुर्श कौशेंगा
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