00:00मित्रो, आज हम आपको सरेंडर के वंशानुगत केलेंडर का एक नया अध्याय आपके समक्ष रखते हैं।
00:14क्योंकि आज कल इस विशय के उपर बहुत दुश्परचार, प्रायोजित दुश्परचार, संगठित दुश्परचार किया जाता है कंप्रोमाइज्ट कवर्मेंट।
00:25तो आज हम कॉंग्रेस पार्टी के द्वारा सर्वकालीन, सर्वशक्तिशाली माने जाने वाली प्रधान मंत्री श्रीमती इंद्रा गांधी जी के सरिंडर
00:38की दास्तान और कंप्रोमाइज्ट को कंसाइज फॉर्म में आपके सामने रखने का प्रयास करेंगे।
00:49स्षीमती इंद्रा गांधी जी के संदर्म में, चुकि कॉंग्रेस ने किताब की शुरुआत की है, तो कॉंग्रेस को ध्यान रखना
00:59चाहिए कि किताब का हिसाब बहुत खराब है उनके हिसाब से।
01:03तो किताब का हिसाब किताब उनके लिए बहुत सी चुनोतियां लेके आ रहा है, तो मैं सिर्फ कोट करना चाहूंगा,
01:13कि पॉल मेगवर की बुक है,
01:15इस्पाइंग इन साउथ एशिया, ब्रिटन, युनाइटेड इस्टेट्स, इंडिया, और सीक्रेट कोल वार।
01:45वो कहते हैं, इस 1978 मेमायर, a dangerous place, Mohanian U.S. Ambassador confirmed, that to his knowledge, CIA has
01:58twice intervened in Indian politics,
02:02और अब intervene किस तरीके से किया है, on both the occasions, agency has funneled money to the ruling Congress
02:08Party,
02:09in one insistence, the ambassador charged, that the CIA money has been passed directly to Mrs. Gandhi, in her capacity
02:18as the party president.
02:22मुझे लगता है कि अब इस compromise को analyze करने में किसी को बहुत समस्या नहीं होनी चाहिए, फिर, कहानी
02:32सिर्फ इतनी नहीं रुकती है,
02:35इसके बाद के, यह सब public domain में है, यह भी मैं Congress parties कहना चाहता हूँ, ऐसा नहीं कि
02:40हम कोई एक नई चीज़ खोच के ला रहे हैं,
02:42हम सिर्फ जो सामने खड़ी चीज़ है, उस पर से परदा उठा रहे हैं,
02:46वीके मेनन retained considerable influence with इंद्रा गांधी,
02:57फिर उसके बाद सोवियस संग के साथ affiliation की बात आती है, और उसके उपरांद, यह तो CIA का उधारण
03:05है,
03:06अब मित्रोकिन्स आर्काइब में, KGB के संदर्म में, अब लिखा हुआ है किसाब polit bureau की तरफ से दो मिलियन
03:15रुपीज, जैनि उस जमाने में 20 लाख रुपए,
03:191976 में Congress Party को दिये गए, और एक बार पुनह 10 लाख रुपए दिये गए, उस जमाने में 10
03:25लाख, 20 लाख रुपए, आज से 50 साल पहले बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी, और यह वहां के पूर्व
03:36अधिकारियों ने लिखा है,
03:37अब आईए साथ, इसके आगे, वसेली मित्रोकिन एक अधिकारी था केजीबी का, जो सोवियस संके विक्टन के बाद बहुत सारे
03:47दस्तावेज वहां से लेकर चला गया,
03:49और लंडन में जाके उसने 2006 में केजीबी के दुनिया भर में ऑपरेशन्स के उपर किताब लिखी दो भाग में,
03:58में त्रोकिन सार्काइव, केजीबी और वर्ल्ड, पार्ट वन और पार्ट तू, पार्ट तू में भारत के बारे में लिखा है,
04:04अब उसमें और भी कंभीर बात है,
04:06इन इंडिया, लिखा हुआ है, इन इंडिया, ओन मॉस्को जिन्सिस्टेंस, बैक इन में 1976,
04:13इन इंडिया, ओल्ट अटर दे एक्स्चेंज रेट अफ रूबल, अन इंपोर्ट अफ सोवियत गुड्स, रूपीज 8.33 तू रूपीज 10
04:22तू रूबल, यानि सीधे, के प्रभाव में कंप्रोमाइज करके, भारत की, रूपए की विनिमेदर, रूबल के संदर्व में,
04:34बढ़ा कर 8.33 से 10 कर दी गई, ताकि सोवियत संग से अधिकाधिक आयात हो सके, और उसकी कीमत
04:45भारत के लोगों को चुकानी पड़े, अब, उसके उपरान थी,
04:521977 में कॉंग्रेस की हार के बाद, बाकैदा मसकों में बैठक हुई, कि भाई, इतना सब कुछ करने के बाद
04:59भी हम हार कैसे गए, अब उसके बाद भी किसी को नहीं समझ में आता है, कि क्या कंप्रोमाइज होता
05:06है, तो फिर उनको और बहतर तरीके ज़र समझना चाहिए, मैं �
05:09यह भी कह रहा हूँ, विकी लिक्स में जो लिखा है, मैं नहीं कह रहा हूँ, यह पूर्टा सकते हैं,
05:12पर आज तक कॉंग्रेस ने उसका कंडन नहीं किया है, विकी लिक्स में लिखा हुआ है कि जो नुकलियर टेस्ट
05:20पाकिस्तान करने जा रहा था, in the decade of early 80s, और इस बारे
05:25में एक अमेरिका के जो नुकलियर इन्वेस्टिगेटिव एनलिस्ट है, रिचर्ड बर्लो, उन्होंने भी अपनी किताब में लिखा कि early 1980s,
05:38पाकिस्तान के कहुटा, रियक्टर को डिस्ट्वाइ करने के लिए, एक प्रस्ताव आया, और इसराइल उसमें सयोग करने को तया
05:48तयार था, मगर मिसिस गांधी इसके लिए तयार नहीं हुई, और अगर ऐसा हो जाता तो आज भारत नहीं, उसने
05:55लिखा, विश्व में बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो सकता था, तो आज जवाब इस बात पे चाहिए, कि आप
06:03तयार क्यों नहीं हुए, जब सारी चीज
06:06तयार थी, इसके अलावा आप सभी को ग्यात है, कि कच्चा थीवू, आइलेंड किस धंग से श्रीलंका को दे दिया
06:16गया, और सबसे बड़ा कंप्रोमाईज ये, कि 1971 की, उस ग्रैंड विक्री को, कैसे राजनीत की, तूटनीत की मेज पर,
06:27उस शानदार विजय को पराजे मे
06:29तब्दील कर दिया गया, जब हमने पाकिस्तान के 93,000 युद्बंदी वापस किये, और अपने 54 वापस नहीं लिये, पाकिस्तान
06:40ने हमारा 30,000 स्क्वाइर मील का जो इलाका कबजे में है, वो नहीं वापस किया, और आज का जो
06:46पाकिस्तान, यानि ततकालीन पश्यमी पाकिस
06:59कंप्रोमाईज था, और ये किसके आधार पर किया गया था, और मैं तीसरा भी उधारण आप सबको बता देना चाहता
07:06हूँ,
07:061974 का पोकरण का परमाण विसफोर्ट, भारत के एनाउस करने से पहले, रशिया और अमेरिका दोनों ने एनाउस कर दिया
07:15था, इंडिया एस कंड़क्टेड टेस्ट, ये इस बात का प्रमाण है कि भारत की गोपनी से गोपनी जानकारी, भारत से
07:22पहले उस समय की विदेशी श
07:34किया है, इसलिए भारत में प्रतिबंद नहीं लगा था, उसकी वजए उननीस सो अठानवे में, जब ग्यारा मई को, दो
07:43पहर सवा तीम बजए अठेल जी ने कहा था, इंडिया हैस कंड़क्टेड टेस्ट इन पोकरन रेंज, इड़ वस शॉक.
08:06झाल
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