00:00और जैसा आप जानते हैं कल भारती जन्ता पार्टी के राष्ट्य अध्यक्ष मानिय नितिन नभीन जी ने एक सिरीज आरंब
00:10किया था कॉंप्रोमाइज गांधी परिवार और आज उसी संधर्व में हम उसे आगे बढ़ाएंगे
00:22कभी-कभी मुझे लगता है कि we have given a long rope to the Congress Party और Congress Party के
00:30असलियत को, Congress Party के परिवार के असलियत को, परिवार ही Congress है, इसलिए नेहरू, इंदिरा, सोनिया गांधी, राजीव गांधी,
00:44राहूल गांधी, प्रियंका वाड़ा,
00:47इनके असलियत को, जनता के समक्ष संपून रूप से बार-बार रखना पड़ेगा, ताकि इनकी डाइनास्टी कितनी compromised है, इनकी
01:00हालत कितनी compromised है और इनके compromises के कारण,
01:05भारत वर्ष को क्या सहना पड़ा है, क्या हानी हुई है,
01:31अगर सर्वप्रथम में ये कहना चाहता हूं कि,
01:34जो World AI Summit हुई थी, आज हमने देखा कि उसके पीछे एक बहुत सोचा समझा planned arrangement था,
01:48social media में भी हमने देखा कि reels चल रही है,
01:53और लोकों ने बकायदा tweet करके reels के माध्यम से ये बताया है,
01:59कि उन्हें Congress कार्याले से और Congress के बड़े लोगों का message आया था,
02:05कि यदि आप World AI Summit के खिलाफ tweet करेंगे या कोई reel बनाएंगे,
02:11तो आपको पचीस हजार रुपए, पचास हजार रुपए, देड़ लाख तक आपको पैसा दिया जाएगा,
02:20अनेकों ऐसे उदाहरन हम social media में देख रहे हैं और ये authentic है,
02:27क्यूंकि बकायदा messages डाल कर दिखाये गए हैं,
02:31मैं भी मीडिया में देख रहा था, कई चैनल से चला रहे हैं,
02:35तो ये जो राहूल गांधी का पूरा का पूरा एक preparedness था,
02:40भारत वर्ष को निचा दिखाने में, और जो slogan वो compromised का use कर रहे हैं,
02:45आज हम बताना चाहते हैं कि वास्तविक रूप में compromised कौन है,
02:50इस सिलसिले में, पूरे इस कड़ी में, सर्व प्रथम नहरू जी का नाम आता है,
03:00how नहरू was compromised, and how the compromises of नहरू,
03:05compromise our country, आज इस विशह में कहूंगा मैं,
03:10चचा नहरू बुला जाता था उनको, चचा नहरू,
03:14he was compromised नहरू,
03:17चचा compromised, वो चचा नहरू नही थे,
03:20चचा compromised, मुझे लगता है, आज से उनको,
03:24चचा compromised के नाम से ही बोलना चाहिए,
03:29जब चचा ही compromised होगा, तो क्या देश का हल होगा, आप सोचिए जड़ा,
03:35अब ये चचा compromised की पुरी कच्ची चित्थी है,
03:38बहुत बड़ी चित्थी है, कच्ची चित्थी मैं,
03:40प्रयास करता हूँ, कि एक-एक करके इस विशय को रखूँगा,
03:44और आप सब भी देखेंगे,
03:47और ये चचा compromised के जो गलतियां थी,
03:52ये कोई नितिकत गलतिया,
03:55unintentionally उनसे हो गई थी, ऐसा नहीं है,
03:59ये गलतिया सोच समझ करके,
04:01जान बूझ करके किया गया था,
04:04ताकि देश compromised हो,
04:06मैं पहला आरोप जो मीडिया के समक्ष,
04:09और मीडिया के माध्यम से देश के समक्ष,
04:12रखना चाहता हूँ,
04:14चचा compromised के बारे में,
04:16वह है,
04:18कि चचा compromised के सचीवाले में,
04:21नहरू के सचीवाले में,
04:23CIA का इतना पैट था,
04:26कि उनके जो विशेश सहायक या विशेश सचीव थे,
04:31जिनका नाम M.O. मताई था,
04:35M.O. मताई को,
04:37अमरीकी एजन्ट के नाम से बुलाया जाता था,
04:42और,
04:4360 के दसक में,
04:451960 के दसक में,
04:47KGB,
04:48जो रशिया की एजन्सी है,
04:51KGB,
04:52KGB के एजन्सी के एजन्ट भी,
04:56चचा कॉम्प्रोमाइस्ट के ओफिस में मौजूद थे,
05:00तो चाहे वो M.O. मताई हो,
05:03चाहे KGB के एजन्स हो,
05:05CIA और KGB का दबदबा,
05:07चचा नहरू के ओफिस में था,
05:10और,
05:11in the 60s and 70s,
05:13it used to be said,
05:14in fact,
05:15it used to be said about
05:17Nehru's regime,
05:19that any document that the foreign dispensation
05:21needed was readily available
05:24for US and for Russia.
05:26That was the situation,
05:28grim situation,
05:29I would say,
05:30and that was the compromise
05:31that Nehru did with the security
05:33of this country.
05:36सवाल है कि,
05:37रास्त्री सुरक्षा इतनी
05:38खोकली क्यूं बनाई गई,
05:41कि गुप्त दस्तावेज देश के,
05:43विदेशी हाथों में सौप दिया जाता था.
05:47दूसरा विशय है,
05:49खेत्रिय समर्पन का,
05:52ये जो चाचा कॉम्प्रोमाईज थे,
05:54चाचा कॉम्प्रोमाईज ने भारत के नक्से के ऊपर,
05:59जब मन किया मानो अपने स्केच्च पेन सही होने,
06:02आख दिया, कि ये पोर्षन पाकिस्तान को दे देंगे,
06:06ये पोर्षन चीन को दे देंगे.
06:08He used the sketch pen
06:11to in fact
06:13cut off parts of India,
06:15dismember India
06:16and hand it over to
06:18foreign dispensations
06:20like Pakistan and China.
06:23तिब्बत और अक्से चिन की कहानी तो आप जानते ही है.
06:281954 में
06:29पंचसील समझोता होता है.
06:32और पंचसील समझोते के जरिये
06:35नहरू ने तिब्बत को चीन को गिफ्ट में दिया.
06:40आप सोच के देखिए.
06:42पंचसील के समझोते में
06:44चाचा नहरू ने इतना कॉंप्रोमाइज किया.
06:48चाचा कॉंप्रोमाइज ने इस प्रकार काम किया
06:50देश के अहित में
06:52कि उन्होंने तिब्बत को चाइना को गिफ्ट में दे दिया.
06:56और 1951 से
06:58चीन अक्षई चीन में
07:00इसको आज हम अक्षई चीन कहते हैं
07:02वहाँ सड़क बना रही थी.
07:05ये नहरू जी को भी मालूम था
07:07कि वहाँ सड़क बन रहा है.
07:08और जो उस समय के ततकालीन
07:11आईबी के इंटेलिजन्स ब्यूरो के
07:12प्रमुग थे बियन मुलिक
07:14बियन मुलिक ने
07:16बड़े पश्टता के साथ
07:18नहरू जी और नहरू के कैबिनेट को
07:21सचयतित किया था.
07:22उन्हें बताया था
07:25कि चीन अक्षई
07:26चीन में रस्ता बना रही है और इसका
07:29कहीं न कहीं संग्यान
07:30में भारत वर्ष को इसो लिना चाहिए.
07:33मगर आपको जान
07:34क्या आश्चर ही होगा कि
07:351951 में ये सब कुछ बताया गया
07:38मगर 1959 तक
07:42नहरू जी ने इस विशय को छुपा के रखा
07:44और यहां तक चुपा के रखा
07:46कि पार्लेमेंट में भी उन्होंने कहा
07:48कि ये सब बाते अफवाएं
07:50चाइना इस नॉट प्रोग्रेसिंग तोअज इट
07:53चाइना ये नहीं कर रही है
07:54चाइना को बचाने की जो कोशिश थी
07:57वह नहरू जी कर रहे थे
08:021962 आप जानते ही हैं
08:04उस समय कितना बड़ा
08:05रणनेटिक फेलियोर हुआ था
08:071962 में बिना
08:09सैन्य परामर्ष के
08:11बिना किसी रसद के
08:15और
08:16फॉर्वर्ड पॉलिसी को मांते हुए
08:18जिस प्रकार से हमारे आर्मी को
08:20बिना यूनिफॉर्म
08:22बिना जूते कैन्वस शूस
08:24पहना करके बॉर्डर में धकेला गया
08:26और वह भी
08:27बड़े आस्चरे के साथ मुझे कहना
08:30पढ़ रहा है ये जो
08:31आत्मगाती निरनय था
08:33उसको हेड नहरू जी के ही रिस्तेदार कर रहे थे
08:36जो हरार्खिया लाइन होती है आर्मी की
08:39उसको तोड़ करके
08:40जिस प्रकार से
08:42चेन अफ कमांड को दरकिनार करके
08:45अनुभवी
08:46योद्धाओं को छोड़ करके
08:48जेनरल बी
08:51कमांड सौपा गया
08:53जो उनके खुद के रिस्तेदार थे
08:55और उसके बाद
08:561962 में क्या हुआ
08:58क्या हश्र हुआ
09:00उसका परिणाम क्या हुआ
09:02यह भी हम जानते है
09:04परवर्ड पॉलिसी के नीती के कारण
09:08बेरुबारी और पाकिस्तान
09:11बंगाल का जो छेतर
09:12जिसको बेरुबारी कहते है
09:15नेहरु ने
09:16पश्चिम बंगाल के सरकार
09:18को बिना इनफॉर्म किये
09:20उनके साथ कोई भी
09:22कैबिनेट में कंसल्टेशन
09:24नहीं हुआ पश्चिम बंगाल के
09:26सरकार को अंधेरे में
09:28रखते हुए बेरुबारी का
09:30हिस्से को पाकिस्तान को एक तरह से नहरू नून समझोता जिसे कहते
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