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  • 21 hours ago
Sambit Patra ने New Delhi में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी दलों और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए विपक्ष पर भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति, नीतिगत फैसलों और ताजा विवादों पर पार्टी का पक्ष विस्तार से रखा। इस बयान को आगामी राजनीतिक माहौल और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
 

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Transcript
00:00और जैसा आप जानते हैं कल भारती जन्ता पार्टी के राष्ट्य अध्यक्ष मानिय नितिन नभीन जी ने एक सिरीज आरंब
00:10किया था कॉंप्रोमाइज गांधी परिवार और आज उसी संधर्व में हम उसे आगे बढ़ाएंगे
00:22कभी-कभी मुझे लगता है कि we have given a long rope to the Congress Party और Congress Party के
00:30असलियत को, Congress Party के परिवार के असलियत को, परिवार ही Congress है, इसलिए नेहरू, इंदिरा, सोनिया गांधी, राजीव गांधी,
00:44राहूल गांधी, प्रियंका वाड़ा,
00:47इनके असलियत को, जनता के समक्ष संपून रूप से बार-बार रखना पड़ेगा, ताकि इनकी डाइनास्टी कितनी compromised है, इनकी
01:00हालत कितनी compromised है और इनके compromises के कारण,
01:05भारत वर्ष को क्या सहना पड़ा है, क्या हानी हुई है,
01:31अगर सर्वप्रथम में ये कहना चाहता हूं कि,
01:34जो World AI Summit हुई थी, आज हमने देखा कि उसके पीछे एक बहुत सोचा समझा planned arrangement था,
01:48social media में भी हमने देखा कि reels चल रही है,
01:53और लोकों ने बकायदा tweet करके reels के माध्यम से ये बताया है,
01:59कि उन्हें Congress कार्याले से और Congress के बड़े लोगों का message आया था,
02:05कि यदि आप World AI Summit के खिलाफ tweet करेंगे या कोई reel बनाएंगे,
02:11तो आपको पचीस हजार रुपए, पचास हजार रुपए, देड़ लाख तक आपको पैसा दिया जाएगा,
02:20अनेकों ऐसे उदाहरन हम social media में देख रहे हैं और ये authentic है,
02:27क्यूंकि बकायदा messages डाल कर दिखाये गए हैं,
02:31मैं भी मीडिया में देख रहा था, कई चैनल से चला रहे हैं,
02:35तो ये जो राहूल गांधी का पूरा का पूरा एक preparedness था,
02:40भारत वर्ष को निचा दिखाने में, और जो slogan वो compromised का use कर रहे हैं,
02:45आज हम बताना चाहते हैं कि वास्तविक रूप में compromised कौन है,
02:50इस सिलसिले में, पूरे इस कड़ी में, सर्व प्रथम नहरू जी का नाम आता है,
03:00how नहरू was compromised, and how the compromises of नहरू,
03:05compromise our country, आज इस विशह में कहूंगा मैं,
03:10चचा नहरू बुला जाता था उनको, चचा नहरू,
03:14he was compromised नहरू,
03:17चचा compromised, वो चचा नहरू नही थे,
03:20चचा compromised, मुझे लगता है, आज से उनको,
03:24चचा compromised के नाम से ही बोलना चाहिए,
03:29जब चचा ही compromised होगा, तो क्या देश का हल होगा, आप सोचिए जड़ा,
03:35अब ये चचा compromised की पुरी कच्ची चित्थी है,
03:38बहुत बड़ी चित्थी है, कच्ची चित्थी मैं,
03:40प्रयास करता हूँ, कि एक-एक करके इस विशय को रखूँगा,
03:44और आप सब भी देखेंगे,
03:47और ये चचा compromised के जो गलतियां थी,
03:52ये कोई नितिकत गलतिया,
03:55unintentionally उनसे हो गई थी, ऐसा नहीं है,
03:59ये गलतिया सोच समझ करके,
04:01जान बूझ करके किया गया था,
04:04ताकि देश compromised हो,
04:06मैं पहला आरोप जो मीडिया के समक्ष,
04:09और मीडिया के माध्यम से देश के समक्ष,
04:12रखना चाहता हूँ,
04:14चचा compromised के बारे में,
04:16वह है,
04:18कि चचा compromised के सचीवाले में,
04:21नहरू के सचीवाले में,
04:23CIA का इतना पैट था,
04:26कि उनके जो विशेश सहायक या विशेश सचीव थे,
04:31जिनका नाम M.O. मताई था,
04:35M.O. मताई को,
04:37अमरीकी एजन्ट के नाम से बुलाया जाता था,
04:42और,
04:4360 के दसक में,
04:451960 के दसक में,
04:47KGB,
04:48जो रशिया की एजन्सी है,
04:51KGB,
04:52KGB के एजन्सी के एजन्ट भी,
04:56चचा कॉम्प्रोमाइस्ट के ओफिस में मौजूद थे,
05:00तो चाहे वो M.O. मताई हो,
05:03चाहे KGB के एजन्स हो,
05:05CIA और KGB का दबदबा,
05:07चचा नहरू के ओफिस में था,
05:10और,
05:11in the 60s and 70s,
05:13it used to be said,
05:14in fact,
05:15it used to be said about
05:17Nehru's regime,
05:19that any document that the foreign dispensation
05:21needed was readily available
05:24for US and for Russia.
05:26That was the situation,
05:28grim situation,
05:29I would say,
05:30and that was the compromise
05:31that Nehru did with the security
05:33of this country.
05:36सवाल है कि,
05:37रास्त्री सुरक्षा इतनी
05:38खोकली क्यूं बनाई गई,
05:41कि गुप्त दस्तावेज देश के,
05:43विदेशी हाथों में सौप दिया जाता था.
05:47दूसरा विशय है,
05:49खेत्रिय समर्पन का,
05:52ये जो चाचा कॉम्प्रोमाईज थे,
05:54चाचा कॉम्प्रोमाईज ने भारत के नक्से के ऊपर,
05:59जब मन किया मानो अपने स्केच्च पेन सही होने,
06:02आख दिया, कि ये पोर्षन पाकिस्तान को दे देंगे,
06:06ये पोर्षन चीन को दे देंगे.
06:08He used the sketch pen
06:11to in fact
06:13cut off parts of India,
06:15dismember India
06:16and hand it over to
06:18foreign dispensations
06:20like Pakistan and China.
06:23तिब्बत और अक्से चिन की कहानी तो आप जानते ही है.
06:281954 में
06:29पंचसील समझोता होता है.
06:32और पंचसील समझोते के जरिये
06:35नहरू ने तिब्बत को चीन को गिफ्ट में दिया.
06:40आप सोच के देखिए.
06:42पंचसील के समझोते में
06:44चाचा नहरू ने इतना कॉंप्रोमाइज किया.
06:48चाचा कॉंप्रोमाइज ने इस प्रकार काम किया
06:50देश के अहित में
06:52कि उन्होंने तिब्बत को चाइना को गिफ्ट में दे दिया.
06:56और 1951 से
06:58चीन अक्षई चीन में
07:00इसको आज हम अक्षई चीन कहते हैं
07:02वहाँ सड़क बना रही थी.
07:05ये नहरू जी को भी मालूम था
07:07कि वहाँ सड़क बन रहा है.
07:08और जो उस समय के ततकालीन
07:11आईबी के इंटेलिजन्स ब्यूरो के
07:12प्रमुग थे बियन मुलिक
07:14बियन मुलिक ने
07:16बड़े पश्टता के साथ
07:18नहरू जी और नहरू के कैबिनेट को
07:21सचयतित किया था.
07:22उन्हें बताया था
07:25कि चीन अक्षई
07:26चीन में रस्ता बना रही है और इसका
07:29कहीं न कहीं संग्यान
07:30में भारत वर्ष को इसो लिना चाहिए.
07:33मगर आपको जान
07:34क्या आश्चर ही होगा कि
07:351951 में ये सब कुछ बताया गया
07:38मगर 1959 तक
07:42नहरू जी ने इस विशय को छुपा के रखा
07:44और यहां तक चुपा के रखा
07:46कि पार्लेमेंट में भी उन्होंने कहा
07:48कि ये सब बाते अफवाएं
07:50चाइना इस नॉट प्रोग्रेसिंग तोअज इट
07:53चाइना ये नहीं कर रही है
07:54चाइना को बचाने की जो कोशिश थी
07:57वह नहरू जी कर रहे थे
08:021962 आप जानते ही हैं
08:04उस समय कितना बड़ा
08:05रणनेटिक फेलियोर हुआ था
08:071962 में बिना
08:09सैन्य परामर्ष के
08:11बिना किसी रसद के
08:15और
08:16फॉर्वर्ड पॉलिसी को मांते हुए
08:18जिस प्रकार से हमारे आर्मी को
08:20बिना यूनिफॉर्म
08:22बिना जूते कैन्वस शूस
08:24पहना करके बॉर्डर में धकेला गया
08:26और वह भी
08:27बड़े आस्चरे के साथ मुझे कहना
08:30पढ़ रहा है ये जो
08:31आत्मगाती निरनय था
08:33उसको हेड नहरू जी के ही रिस्तेदार कर रहे थे
08:36जो हरार्खिया लाइन होती है आर्मी की
08:39उसको तोड़ करके
08:40जिस प्रकार से
08:42चेन अफ कमांड को दरकिनार करके
08:45अनुभवी
08:46योद्धाओं को छोड़ करके
08:48जेनरल बी
08:51कमांड सौपा गया
08:53जो उनके खुद के रिस्तेदार थे
08:55और उसके बाद
08:561962 में क्या हुआ
08:58क्या हश्र हुआ
09:00उसका परिणाम क्या हुआ
09:02यह भी हम जानते है
09:04परवर्ड पॉलिसी के नीती के कारण
09:08बेरुबारी और पाकिस्तान
09:11बंगाल का जो छेतर
09:12जिसको बेरुबारी कहते है
09:15नेहरु ने
09:16पश्चिम बंगाल के सरकार
09:18को बिना इनफॉर्म किये
09:20उनके साथ कोई भी
09:22कैबिनेट में कंसल्टेशन
09:24नहीं हुआ पश्चिम बंगाल के
09:26सरकार को अंधेरे में
09:28रखते हुए बेरुबारी का
09:30हिस्से को पाकिस्तान को एक तरह से नहरू नून समझोता जिसे कहते
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