00:09बगवान कृष्ण की नगरी मतुरा वृंदावन की होली विश्व प्रसिद्ध है यहां होली का आयोजिन पूरे 40 दिन चलता है
00:19मतुरा स्तित रमन रेती में होली के इस खास आयोजिन की शुरुवात हुई
00:23इस मौके पर रमण रेती में रेत की जगा भक्तों ने होली का गुलाल उड़ाया
00:29और फूलों की महक के बीच संतों और भक्तों ने दोनों नहीं ठाकुर जी के साथ होली खेली
00:37आश्रम का कोना कोना अबीर गुलाल और फूलों की खुश्मू से सराबोर हो उठा
00:42जग होरी ब्रिज होरा विश्व प्रसिद्ध है ब्रिज की होरी और रमडरेती आश्रम से ब्रिज की होली का आरम्ब होता
00:52है और यहां केमिकल रहित गुलाल और रंगों का प्रियोग किया जाता है
00:58यहां पर टेसू के फूल के द्वारा जो दस दिन से पैयार की होई द से 20,000 लीटर रंग
01:06पैयार किया गया और केसड के रंग और चन्नान का रंग पैयार किया गया
01:12पांच कुंतल लड्डूओं के साथ होली हुई और छे कुंतल जो गुलाल है और अवीर है उसके साथ सदगुर्दे भगवान
01:22रमण विहारी भगवान और रास विहारी भगवान ने प्रेम के रंग से सब भक्तों को सरावोर कर दिया है
01:29और उस रंग में आनंद लेकर के सबी भक्त सरावोर होकर के आनंद से चुने बोल होरी के रसिया कीजänge
01:38यहां जो होली का आनंद है यह ब्रज में बिलकुल आलोकिक है इस तरह का आनंद पुरे ब्रज में कहीं
01:44देखने को नहीं मिलता क्योंकि यहां स्वेम ठाकुर जी यहां के काश्री पीटा दिश्वरी जी के साथ स्वेम आकर होली
01:50खेलते हैं संतों के साथ खेलते हैं और भक्त �
01:52इतना आनंदित होते हैं एक मर्यादित होली अगर होती है रमडरेती धाम में जिसके अंदर प्रकरते टेसू के फूल इत्यादी
01:59लट्थ है लड्डू है फूल है बहुत सारी चीजों के साथ होली यहां पर खेली गई और ऐसा अनंद जो
02:05यहां बरसा ऐसा अनंद शायद ब्र�
02:20तोने बहुत अनंद के साथ नाश्ते गाते जूमते ठाकुर जी ने स्वैम उनके उपर जाकर रंग डाला फूल डाले फूलों
02:29की होली खेली रंग की होली खेली लट्टू की होली खेली ठाकुर जी के सवरूपों ने जाकर ऐसी होली खेली
02:35पुझे मारसीरी ने खेली तो य
02:50पानी वाली बहुत आनवा है
02:53बरज यहीं पूरे विश्वों में कहीं नहीं होती
02:55बरज की होली सबसे प्रसंत है
02:57थापुरजी के साथ होली होती और थाई ऐसी होली थी
03:00बहुत आनवा है
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