00:00मेरा ये कहना है
00:02कॉंग्रेस पार्टी से
00:04और इतना ही नहीं
00:06मैं अभी आपको उसका
00:07डिटेल नहीं दे रहा हूँ
00:08जस्ट आपके फूट पर थॉट के लिए कह रहा हूँ
00:11एक यवगलेना अलबेटस से किताब
00:13लिखी स्टेट विदिन स्टेट
00:16चलिए आप कहेंगे ना
00:17किताबों का उधारन है
00:19उसमें केजीवी की तरफ से
00:21कॉंग्रेस की फर्स फैमिली को दिये जाने वाले
00:23पैसे के लेटर नंबर
00:25रिजोलूशन नंबर
00:27तक लिखे हैं
00:29डेटेड 20 डिसमबर 1985
00:31और उसमें ये भी उलेख है
00:57मुझे लगता है कि
00:58कॉंग्रेस पार्टी को
01:00और स्री राहूल गांदी जी को
01:03ये लेट हैंड स्पिनर्स
01:05जो स्पिन थमा रहे हैं
01:08वो शायर आप लोगों पता हो
01:09कि गुगली बॉल होती ना
01:11जो जो आप स्पिन बॉल
01:13जो लेग स्पिन के एक्शन ने फेकी जाती है
01:15उसका लेट हैंडर का जो काउंटर होता हो
01:17चाइना मन होती है
01:18क्रिकेट में
01:19तो लगता है कि ये लेट हैंडर वाले
01:22उनको क्लीन बॉल्ड करवा कर ही छोड़ेंगे
01:26जितनी बची खुची इज़त है
01:28उसको भी उतरवा कर ही छोड़ेंगे
01:30आधा नग्न तो उन्होंने
01:32खुद कर दिया था
01:33और बाकी ये जो राहुल जी के एडवाइजर
01:36किताबे ला रहे हैं
01:37ये किताबे लाके बची खुची भी इज़त उतरवा देंगे
01:41तो मैं कॉंग्रेस पार्टी से सिर्विय कहना चाहूंगा
01:43कि करोगे याद तो हर बात याद आएगी
01:47गुजरते वक्त की हर किताब निकल आएगी
01:50तो मुझे लगता है
01:52आज देश बहुत इस पश्रूप से पूछना चाहता है
01:56कि विदेशी एजेंसियों से पैसा लेने के सीधी बातें
02:02जिन किताबों में लिखी हुई हैं
02:05और आपके स्वयम के साथियों ने
02:09आफिसर्स ने इस बात को लिखा है
02:11को अंग्रेश पार्टी ने आज तक
02:13उन किताबों पे कोई उत्तर तो जेना छोड़िये
02:17सवाल तक नहीं उठाया है
02:20तो देश के सामने बहुत इसपश्ट है
02:22कि एक दौर वो है
02:25जब प्रधान मंतरी शीर नरेद्र मोदी जी के नित्तरत में
02:30भारत उस शक्ति के रूप में उभर रहा है
02:33कि विश्व का हर देश यह कह रहा है
02:36कि भारत एक नया सुरूप में
02:38कली आपने देखा इसराहिल के नेसेट में थे
02:40और दूसी तरफ
02:41अब ये किताबों का हिसाब जो निकल कर आ रहा है
02:45उसने
02:47उनका वातावरन
02:48बहुत खराब कर दिया है
02:49तो मैं सिर्फ कॉंग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूँ
02:52कि आज आप देश को बताएं
02:53कि आपने कौन कौन सा कम्प्रॉमाइस किया गया था
02:57और आपके कम्प्रॉमाइस के सरेंडर से
03:00देश का केलिंडर भरा हुआ है
03:03धन्यवार
03:07पहले इस पर पूछ रही जवा भी कोई और हो इस पर पूछना हो तो पूछिज़े
03:18फिर अलग वाले का भी जवाब दे देंगे
03:23हाँ इसका मतलब यह थाबित हो गया
03:24कि इसमें कोई किम्तु परंतु की गुंजाइश नहीं है
03:28जैसे हम लोग इंजिनिंग के दौरान मैट्स के सवाल सॉल करते हैं
03:35लास्ट में होता था है हैंस प्रूवड तो यह हैंस प्रूवड हो चुका है
03:39नव नेक्स अब देखिए निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में
03:55उनको बरी किया है यह तकनिकी भी शह है क्योंकि यह बात भी सही है
04:00कि सेक्ड़ों की संख्या में सिम कार्ड और फोन सबूत के रूप में नश्ट किये गए थे
04:05अब वो किस भाव से वो सबूत नश्ट किये गए थे उस कारण से सबूतों का क्या अभावत्पन हुआ है
04:10इस विशे को लेकर जो भी होगा
04:13सी बी आई एक टेक्निकल इशू है इस पे अगला इस से बुठाएगी वो हाई कोर्ट में जाते हैं या
04:19क्या होता है जहां तक पार्टी का संदर्ब है
04:22इस पूरे डिटेल के आने के बाद वह इस पर structured reply देगी और यह भी बात विचारनी है कि
04:33यदि सबूत बिलकुल नहीं थे
04:34तो कोर्ट में charges frame करने की permission कैसे दी है
04:38इस पर इंटार चार्जेस वर बसलेस तन अगला इसमें तरह रहा थे जब आपर इसमें तरह रहा थे जजमेंट इन
04:53देप्थ पार्टी विल गिवन इस सचर्चर्च अगरुजी
05:11मुझे लगता है कि अर्विंद केजरिवाल जी यदि राजनेतिक आरोप लगा रहे हैं तो वो भारत के राजनेतिक इतिहास के
05:18बहुत अभूत पूर्व लोगों में से एक हैं
05:22हम लोगों ने 1951 में जनसंग से बने हुए आज हमें 75 साल हो गए हमने एक भी दिन कॉंग्रेस
05:31से हाथ नहीं मिलाया उन्होंने 75 दिन में हाथ मिलाया था
05:35फिर वो छोड़िये वो बच्चों की कसम खाएंगे और करोड़ों के शीश महल में रहके रेनॉल्ड का पेन लगाएंगे
05:42और ऐसा लगएगा हंडिया के अंदर से निकाल के शर्ट पहने हुए हैं और उसके बाद तिन तिन करोड़ के
05:47परदे रहेंगे घर में वो सारी बाते अपनी जगए हैं परंतो जहां तक इसकी बात है तो देश की जनताने
05:56और वो भारत के इतिहास के ऐसे इकलोते नेता रहे
05:59हैं जो सरवोच चिन्यायले में आरोप लगाने के बाद माफी मांग चुके हैं और माफी एक नहीं अनेक नेताओं से
06:06हमारे नितिन गटकरी जी से स्वरगी अरून जेटली जी से कपिल सिब्बल जी से और शायद मनीश्तिवारी जी से भी
06:12वो माफिया मांग चुके हैं कई �
06:15मुझे लगता है राजनेतिक आधार पर दिल्ली की जनता उनको राजनीत का उत्तर दे चुकी है तकनीकी आधार के उपर
06:20यह विशय जो होगा इसके उपर जो तकनीकी प्रक्रिया होगी वो समंधित एजेंसियां आगे करने लेगे
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