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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति Donald Trump की रणनीति के तहत उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। क्या इस बयान से ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को कूटनीतिक बढ़त मिली? क्या अमेरिका बैकफुट पर है या यह नई रणनीति का हिस्सा है? इस वीडियो में जानिए US Iran वॉर अपडेट, वैश्विक राजनीति पर असर और पूरी अंदर की कहानी।

US Iran tensions take a dramatic turn as former President Donald Trump reportedly influences a key statement delivered by Vice President JD Vance toward Iran. What exactly was said that sparked speculation about Supreme Leader Ali Khamenei being pleased? Is America shifting strategy, or is this high-level diplomatic signaling? In this video, we break down the latest US Iran war update, geopolitical implications, Middle East reactions, and what it means for global security. Stay tuned for expert analysis, strategic insights, and the real story behind the headlines.


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~HT.318~PR.540~ED.520~GR.508~

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00:07मिडल इस्ट में बढ़ती हलचल के बीच एक बयान ने सियासी पारा और चड़ा दिया है।
00:30या फिर ये दबाव बनाने की रण नीती है।
00:32मिडल इस्ट में अमेरिकी सेन्य मौझूदगी बढ़ाई गई है।
00:35विमान वाहक पोत और लड़ाकु जहास तैनाथ हैं।
00:38पेंटगॉन ने साफ संकेद दिये हैं कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
00:42इसी दोरान जेडी विंस ने फॉक्स न्यूस से बातचीत में कहा कि
00:45अमेरिका की कूटनीती को कमजोरी न समझा जाए।
00:47उन्होंने चितावनी दी की जरूरत पढ़ी तो सैन्य विकल्प भी इस्तिमाल किया जाएगा।
00:52विंस ने कहा कि इरान को परमानु हतिया हासल करने से रोकना अमेरिका की प्रात्मिकता है।
00:56उनके शब्दों में दुनिया के सबसे खतरनाक शासन को परमानु ताकत नहीं बनने दिया जा सकता।
01:02उन्होंने ये भी कहा कि अगर इरान ने धमकियों को हलके में लिया तो परिणाम गंभीर होंगे।
01:06लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा की राष्टपती डोनाल ट्रम्प कूटनितिक समाधान चाहते हैं।
01:11ये बयान ऐसे समय में आया है जब जिनेवा में अमेरिका और इरान के बीच तीसरे दौर की बातचीत की
01:16तयारी चल रही है।
01:41कब ये माना जाएगा कि कूटनिती अपनी सीमा पर पहुँच चुकी है, ये तै करने का धिकार भी राष्टपती के
01:46पास है।
01:47राष्टपती ट्रम्प ने हाल ही में अपने संबोधन में आरोप रगाया था कि एरान ऐसी मिसालें विक्सित कर रहा है
01:52जो अमेरिका तक मार कर सकती है।
01:54उन्होंने ये भी कहा कि पिछले साल अमेरिकी हमलों के बाद एरान अपने परमानु कारिकरम को फिर से खड़ा करने
01:59की कोशिश कर रहा है। इन आरोपों को इरान ने सिरे से खारिच कर दिया है।
02:04इरानी विदेश मंत्राले के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी बयानों को दुश प्रचार बताया। उनका कहना है कि वाशिंग्टन दबाग
02:10की नीती के जरिये बादचीत में बढ़त बनाना चाहता है।
02:13इरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी हमले की स्थिती में मिडलीस्ट में मौझूद अमेरिकी सैनिय अड्डे
02:18उसके निशाने पर होंगे। इस सिक्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता भड़ गई है।
02:44सैनिय ताकत की मौझूदगी के बावजूद कूटनीती पर जोर देना क्या रणनीतिक संतुलन है या मजबूरी।
02:49वेंस का सخت लहजा इरान के लिए चितावनी था लेकिन उसमें बाचीत की गुनजाईश भी साफ दिखी।
02:55अब नजर जिनेवा की बैठक पर है अगर बाचीत आगे बढ़ती है तो तनाव कम हो सकता है लेकिन अगर
03:00वारता विफल होती है तो हालात तीजी से बदल सकते हैं।
03:03फिल हाल दुनिया ये देख रही है कि ताकत और बाचीत के इस खेल में अगली चाल कौन चलता है
03:08और उसका असर कितना दूर तक जाता है।
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