00:07मिडल इस्ट में बढ़ती हलचल के बीच एक बयान ने सियासी पारा और चड़ा दिया है।
00:30या फिर ये दबाव बनाने की रण नीती है।
00:32मिडल इस्ट में अमेरिकी सेन्य मौझूदगी बढ़ाई गई है।
00:35विमान वाहक पोत और लड़ाकु जहास तैनाथ हैं।
00:38पेंटगॉन ने साफ संकेद दिये हैं कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
00:42इसी दोरान जेडी विंस ने फॉक्स न्यूस से बातचीत में कहा कि
00:45अमेरिका की कूटनीती को कमजोरी न समझा जाए।
00:47उन्होंने चितावनी दी की जरूरत पढ़ी तो सैन्य विकल्प भी इस्तिमाल किया जाएगा।
00:52विंस ने कहा कि इरान को परमानु हतिया हासल करने से रोकना अमेरिका की प्रात्मिकता है।
00:56उनके शब्दों में दुनिया के सबसे खतरनाक शासन को परमानु ताकत नहीं बनने दिया जा सकता।
01:02उन्होंने ये भी कहा कि अगर इरान ने धमकियों को हलके में लिया तो परिणाम गंभीर होंगे।
01:06लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा की राष्टपती डोनाल ट्रम्प कूटनितिक समाधान चाहते हैं।
01:11ये बयान ऐसे समय में आया है जब जिनेवा में अमेरिका और इरान के बीच तीसरे दौर की बातचीत की
01:16तयारी चल रही है।
01:41कब ये माना जाएगा कि कूटनिती अपनी सीमा पर पहुँच चुकी है, ये तै करने का धिकार भी राष्टपती के
01:46पास है।
01:47राष्टपती ट्रम्प ने हाल ही में अपने संबोधन में आरोप रगाया था कि एरान ऐसी मिसालें विक्सित कर रहा है
01:52जो अमेरिका तक मार कर सकती है।
01:54उन्होंने ये भी कहा कि पिछले साल अमेरिकी हमलों के बाद एरान अपने परमानु कारिकरम को फिर से खड़ा करने
01:59की कोशिश कर रहा है। इन आरोपों को इरान ने सिरे से खारिच कर दिया है।
02:04इरानी विदेश मंत्राले के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी बयानों को दुश प्रचार बताया। उनका कहना है कि वाशिंग्टन दबाग
02:10की नीती के जरिये बादचीत में बढ़त बनाना चाहता है।
02:13इरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि किसी भी हमले की स्थिती में मिडलीस्ट में मौझूद अमेरिकी सैनिय अड्डे
02:18उसके निशाने पर होंगे। इस सिक्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता भड़ गई है।
02:44सैनिय ताकत की मौझूदगी के बावजूद कूटनीती पर जोर देना क्या रणनीतिक संतुलन है या मजबूरी।
02:49वेंस का सخت लहजा इरान के लिए चितावनी था लेकिन उसमें बाचीत की गुनजाईश भी साफ दिखी।
02:55अब नजर जिनेवा की बैठक पर है अगर बाचीत आगे बढ़ती है तो तनाव कम हो सकता है लेकिन अगर
03:00वारता विफल होती है तो हालात तीजी से बदल सकते हैं।
03:03फिल हाल दुनिया ये देख रही है कि ताकत और बाचीत के इस खेल में अगली चाल कौन चलता है
03:08और उसका असर कितना दूर तक जाता है।
Comments