00:10प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का इसराइल दौरा इस वक्त देश विदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
00:30जैशंकर और इसराइली विदेश मंत्री समझोतों का आदान प्रदान कर रहे थे, उस समय भारत का राष्ट्रिय चिन्न उल्टा दिखाई
00:36दिया।
00:37वीडियो वाइरल होते ही लोगों की नाराजगी सामने आई, कई सोशल मीडिया यूजर्ज और राजनीतिक विशलेशकों ने इसे राष्ट्रिय प्रतीक
00:44के अपमान के रूप में देखा, आलोचना में कहा गया कि इस छोटी चूक ने भारतिय गौरव और कूटनीतिक गरिमा
00:50को नुकसान पहुँचाया, कुछ लोग इसे डिपलोमाटिक प्रोटोकॉल की अंदेखी भी मान रहे हैं, वीडियो में दिख रहा था कि
00:56जैशंकर समझोतों का आदान प्रदान कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रिय चिन्ह की स्थिती ने सब की नजरें खीच ली, इस
01:02घटना �
01:03ने भारत इसराइल दौरे को केवल कूटनीतिक विजिट से बढ़कर एक विवादित चर्चा में बदल दिया, मीडिया और जनता दोनों
01:09ने इसे गहन तरीके से देखा, राष्ट्रिय चिन्ह जो भारत की पहचान और सम्मान का प्रतीक है, उसके उल्टा दिखने
01:15की वजह स
01:16सोशल मीडिया पर टिटपणियों की बाढ़ आ गई, लोगों ने सवाल उठाए कि क्या कूटनीतिक तैयारी में इस तरह की
01:22चूप नहीं होनी चाहिए थी, वीडियो के वाइरल होने के बाद PM मोदी और PM नितन्याहू की वारता की भी
01:27चर्चा हुई, लेकिन अब मुख्य ध
01:42योग और नई तकनी की साज़दारी पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि भारत और इसरायल के रिष्टे समय की कसोटी
01:48पर खरे उतरे हैं, कही समझोतों और नई पहल के बावजूद राष्ट्रिय चिन्ह के उल्टा दिखने वाला वाइरल वीडियो चर्चा
01:55में सबसे आगे र
01:56वीडियो के वाइरल होने के बाद ये मामला देश भर में चर्चा का विशय बन गया, लोग और मीडिया दोनों
02:01ही राष्ट्रिय चिन्ह चे उल्टा दिखने को गंभीरता से ले रहे हैं, भारत का राष्ट्रिय चिन्ह सिर्फ एक प्रतीक नहीं
02:07है, बलकि ये देश की गौर
02:24कई लोगों ने इसे कूटनीतिक गलती और तैयारी की कमी बताया, उनका कहना है कि एक उच्च स्तरिय प्रतिनिधी मंडल
02:30और विदेशी दौरे में हर छोटी-छोटी चीज पर नजर रखी जानी चाहिए, राष्ट्रिय चिन्ह का आदर करना हर भारतिय
02:36कूटनीतिक मिशन का
02:37मूल उद्देश्य होना चाहिए, विशेशग्यों का कहना है कि इस तरह की चूक विदेश में भारत की छवी पर असर
02:43डाल सकती है और इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए, राजनैक और राजनीतिक विशलेशक भी इस पर राय दे रहे हैं,
02:49उनका मानना है कि जैशंकर ने
02:51समझोतों के आदान प्रदान में पूरी जिम्मेदारी से काम किया, लेकिन राश्ट्रिय प्रतीक की स्थिती पर ध्यान न दिया जाना
02:57आलोचना का मुख्य कारण बना, इससे ये स्पष्ट हुआ कि विदेश यात्रा में प्रतीकों और प्रोटोकॉल की सुरक्षा सिर्फ �
03:02औपचारिकता नहीं, बलकि सम्मान का मामला है. इस घटना ने आम जनता को भी इस बात का एहसास कराया कि
03:09देश के प्रतीक केवल समारों हों और सरकारी भवनों तक सीमित नहीं हैं, वे हर जगह भारत की गरिमा का
03:14प्रतिनिधित्व करते हैं. सोशल मीडिया पर लोग लगात
03:17प्रतार मांग कर रहे हैं कि भाविश्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर कदम पर साफधानी बरती जाए.
03:22इस वाइरल वीडियो ने व्यापक बहस चुरू कर दी है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या कूट नितिक तयारी में
03:27इतनी बड़ी चूक हो सकती है. कुछ विश
03:43प्रतीक के अपमान को हलके में नहीं लिया जा सकता. चाहे प्रधानमंत्री की मौझूदगी हो, समझोतों का आदान प्रधान हो
03:50या मीडिया कबरेज, हर स्थिती में प्रतीकों का सम्मान सर्वोपरी होना चाहिए. ये घटना देशवासियों और राजनैक दोनों के लिए
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03:57जेतावनी बन गई है कि भारत के प्रतीकों के प्रती समवेधन शीलता हमेशा बरती जानी चाहिए.
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