00:00ये आंसू चहरे पर दुख ये हैं एयर एंबुलेंस के पाइलिट विकास भगत की पिता डियस भगत
00:08किसी ने नहीं सोचा होगा कि ये एयर एंबुलेंस दिली तक जाही नहीं पाएगी
00:14पिता को जैसे ही उनके बेटी की ख़बर मिली तो गाड़ी लेकर सीधा पहुँच गए
00:19तब ही से पिता का रो रो कर बुरा हाल है सुनिए पिता ने अपना दर्द बया करते हुए क्या
00:26कुछ कहा
00:28मेरा बेटा मिलेक दिकास बगात दुवजर बाइस से जोब में था अक्टूबर या सितंबर से था दुवजर बाइस से
00:43मेरा बेटा बीगाइब मुव्मेंट में एयर एंबुलेंस चलाता था कितनों का जान बचाया आज कूछ चला गया
00:52साथ कर आख नच अकरी बार कर बात बिगाँ से अपकी हम से बात नहीं ती मापनी मम्मी से बात
00:58हुए थी कि भी दिली से फोन पिया था कि मम्मी मैं आज हो सके तो ना ची आओंगा फिर
01:06सामने बात में बात भी आए अधि और दिली में उतकी चाची यहा हम रहती थी अपनी �
01:13चाची से बोला कि चाची हम घर में खाना खाएंगे, नौ बज़े तक हम दिल्ली पहुंच जाएंगे, चाची वहां दिल्ली
01:23में खाना बना के, गारा बज़े रात तक इस दिजार की, वेटा तब तक यहां गुज़र चिना, दुरहटना क्राइस की
01:31जनकारी कब मिली आपको स
01:34हम चत्रा में ही थे, और रात में स्वई हुए थे, तो भाग इसे मेरा मोबाइल सालेंट हो गया, बहुत
01:43सारे लोग फोट किये, पर सालेंट के चलते हमको पता नहीं चल पाया, धाई बज़े जब हम उठे, टोईलेट के
01:54लिए, तो मोबाइल का लाइट जला तो जाकर कि द
01:58देखे, तो देखे की प्लैन क्रेस हुआ है, फिर ड्राइबर को ले करके, कुछ वाट सेफ उसमें आया हुए थे,
02:07गारा बज़े कबाद से ही लोग चैट कर रहे थे, वाट सब कर रहे थे, तो फिर मैं घटनास्तल पर
02:13गया, वहां गया तो मैं परसासर के सारे जीला, जीला
02:21कि विदेख से चाव मैं पुदके बाद मैं पीरचे ट्राइब कर गया.
02:33येवले का देखे हुआ है.
02:59झाल झाल
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