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  • 2 days ago
भारत तेजी से टेक्नोलॉजी सुपरपावर बनता जा रहा है! हरियाणा के Gurugram में पहली बार ड्रोन और AI रोबोट के जरिए डोरस्टेप डिलीवरी सेवा शुरू की गई है। यह हाईटेक पहल Skye Air Mobility द्वारा शुरू की गई है, जो लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्रांति ला सकती है।
इस स्मार्ट सिस्टम में ड्रोन पैकेज को निर्धारित ड्रॉप पॉइंट तक पहुंचाता है और वहां से AI रोवर उसे सीधे ग्राहक के घर तक पहुंचाता है। कंपनी के CEO Ankit Kumar के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में 36 लाख डिलीवरी पूरी की जा चुकी हैं और लगभग 1,000 टन CO₂ उत्सर्जन की बचत हुई है।

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Transcript
00:01भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI समिट हुआ
00:04इसके बाद अब दिल्ली NCR हाई टेक होने लगा है
00:07गुरुग्राम में ड्रोन और AI रोबोर्ट से घर-घर डिलीवरी शिरू हो गई है
00:13गुरुग्राम स्थित्र ड्रोन डिलीवरी कमपनी Sky Air ने इसकी शिरुवात की है
00:19Sky Air Mobility के CEO अंकित कुमार ने कहा कि हम इस छित्र में भारत की पहली कमपनी है
00:27पिछले धाई सालों में हमने 36 लाख डिलीवरी पूरी की है
00:38हमने Sky Port जो हमारा एक Hyper-Local Delivery Port है
00:42उसको हमने एक बहुत ही आधूनिक जो से हमें फिजिकल AI इंफरस्ट्रक्चर बोटे है
00:48उसके साथ में कनिक किया है
00:50अभी तक ड्रोन से डिलीवरी कर रहे थे
00:52हमने करीबन करीबन 3.6 मिलियन ड्रोन डिलीवरी करी है पिछले डाई साल में
00:56जहां पे 1000 तन से जादा कावन के हमने बच्चत की है
00:59और आज यहां पे हमने AI Impact Summit में जैसा अनौन्स किया था
01:03कि हमारा एक करार हुआ है एक कॉलाबरेशन हुआ है
01:07अराइव AI के साथ जो एक American Company है नास्टेक पर लिस्टेड है
01:11उनकी जो अराइव पॉइंट आती है जो एक स्मार्ट मेल बॉक्स सिस्टम है
01:14उसको हम रेसिरेंशल टाउन शिप्स में या फिर कमर्शल कॉम्पलेक्स में इंस्टाल करते हैं
01:19जहां ट्रोन जाता है और पैकेज की डिलिवरी करता है
01:22और यह सब आटोमाटिकली होता है
01:24तीसरी कंपनी जिसके साथ हमारा करार हुआ है जहां पे हमने क्लाबरेट गिया है
01:29डाट इस अटॉनमी जो एक American कंपनी है और उसने एक अटॉनमस रोवर बनाया है
01:35जो रोवर आटोमाटिकली एक सामान को अराइव पॉइंट से निकालता है
01:39और कंजूमर डोस्टे पे जाके डिलिवरी करता है
01:41कंजूमर उस पे OTP अपना डाल सकता है आटोमाटिकली और सामान रिसीव कर सकता है
01:46इसका उधारन एक हमने दिखाया आज जैसा कि जिस तरीके से हमने डिमंस्टेशन दिखाई
01:50कि किस तरीके से जोन मुव करता है और सामान कंजूमर तक पहुंचता है
01:55इसे आने वाले समय में हम कोरुग्राम में हर एक जगे पे लेकर जाएंगे
01:59हर एक एरियाज में लेकर जाएंगे
02:01और जिस तरीके से हमारे प्रतान मंतरी जी ने कहा
02:04कि AI के शेतर में भारत बहुत आगे बढ़ने वाला है
02:07हम जो फिजिकल AI इंफरस्रक्टर पर काम कर रहे हैं
02:10कॉमन पब्लिक के लिए आम इंसान के लिए
02:13जिस तरीकी की सुवध हैं लेकर आ रहे हैं
02:16यह एक autonomous end-to-end quick commerce, e-commerce की शरुवात है
02:22जहां पर इन deliveries को आसान बनाया जा रहा है
02:24किफायती बनाया जा रहा है
02:26और इनको sustainable बनाया जा रहा है
02:29तक ही सबकी रक्षा हो सके
02:31और हम इस चीज़ को इस पाधुनिक technology को जादे जादा यूज़ कर पाए
02:35अभी तक यह इसी भी देश में पहली बार है
02:38और तहां से शुरुवात की जाने है
02:40यह दुनिया का पहला शहर है
02:41भारत दुनिया का पहला देश है
02:43जहां पर हम इसके शुरुवात कर रहे हैं
02:46इसके नीव यहां रखी गई है
02:47और इसको हम गुरुग्राम में पहले explore करना चाते हैं
02:51और उसके बाद दुसरे शवीन भी जाएंगे भारत में
02:54और उसके बाद दुनिया के बाकी डेशों में भी
02:56हम सेम चीज़ को लेकर जाएंगे तो जिस तरीके से भारत ने UPI के शेत्र में एक कीरतीवान हासल किया
03:03है, एक establishment क्रेट की है, अपना नाम क्रेट किया है कि आज दुनिया UPI को यूज करती है और
03:10भारत के नाम से जानती है, उसी तरीके से हम फिजिकल AI के शेत्र में ड्रोन, रो
03:26जो है, वो दस किलो का पेलोड उटा सकता है और 30 क intervals की डिस्कर सकता है, जो रोवर
03:34है वे सौ किलो का प्रड़ट पितम किलोड की है और किसी भी डोर स्टेप पर डाके लास्ट जो माईल
03:40होता है पचासव मीटर का वो वो सर्फ कर लेता है और जाइज्स जाद जाद मेंत के म�
03:55किलोमेटर रेडियस पे हम इसको अपरेट करेंगे यहां पे हमारे पस और डी साथ से आठ सोसाइटीज है जहां पे
04:02हमारा आक्टिविटी चल रहा है पहले से इन सारे सोसाइटीज को हम इनेबल करेंगे विट न्यू अराइफ AI पॉइंट और
04:12रोवर के जरीए और आने वाले
04:25पैसे किस दर्ये से डोज करते हैं देखिए रोवर जो है वो एक लाइडर के मदद से चीजों को पहले
04:32स्कांग करता है उसके लिए पैत बनता है और उस पैत को फॉलो करता है और पिर जैसे एलिवेटर होगी
04:39किसी बिल्डिंग में एलिवेटर से सिंक होता है और आगे चलक
04:54आप वहाँ जाए और OTP डाले वह जैसे कंजूमर OTP डालता है उसको पैकेट के लिए दर्वादा कुलता है और
05:00पैकेट ले देता है इस तरह की रोबोट या ड्रोन अकसर चाइना और जापान में सुना जाता है
05:08जाही के डीजा बढ़ाओ के जाता है यहाँ पर्तिषट जो हमारी ड्रोन है वो यहाँ प की जा रही है
05:17हमारे जो अराइफ पॉइंट्स है तो यह अमेरिकन कंपनी है जो इस पर काम कर रही है बदिसका निर्मान भारत
05:25इलक्रानिक्स लिमिटेड ने किया है इसको लोकलाइज
05:28यहां पे local make in India भारत electronics limited कर रही है उनके लिए काम
05:32और जो autonomy की rover है वो भी यहां पे noida में बनती है
05:36और जादा से जादा चीज़ों को यहां पे design, element और बाकी test and trial की माधियम से
05:43पिछले 5 साल में ऐसा नहीं है कि एक दिन में हमने यह achieve किया है
05:47इस पे काम पिछले 5 सालों से चला आ रहा है और यह 5 साल का नतीज़ा है कि आज
05:53हम इस जगर पर है
05:54जहां हम इसको public को दिखा रहे हैं, establishment create करके यह पहुचा पा रहे है
05:59और इसका real world implementation सामने आ रहा है
06:02इतने लोगों को रोज़गार हो और इतने एक business होने की इनका question है
06:06जी यह एक एक billion dollar industry बनके उखरने वाली है आने वाले वक्त में
06:12जिस तरीके से AI की चर्चा हुई है
06:15AI Impact Summit के दोरान काफी सारी companies आकर investment का मुद्दा लेकर आई है
06:22कि हम 300 million का investment करेंगे, 300 billion का investment डालेंगे
06:26इंडिया की AI infrastructure में
06:29physical AI एक बहुत ही important role play करने वाला है
06:33because machines जब automatically चीज़ें करने लगे
06:36और infrastructure में lean हो और infrastructure के साथ
06:41sink में काम करें तो बहुत ही impact उसका आता है
06:44तो यहाँ पर वहुत चीज़ होने वाली है
06:46physical AI के शेतर में यह एक billion dollar opportunity बनकर सामने आने वाला है
06:51जो मेरे हिसाब से लाखों की job creation में काम आएगा
06:55लाखों इंजीनियर्स को, technicians को, managers को, infrastructure related jobs बहुत जादा create होने वाले होने
07:07प्राटीए प्यालन होने चीज़
07:25कि अगो कि अग। पॉप आपको कि अगाव सूचार आपक कि अगर कि अग में।
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07:46कि इर लिए लोे अगाव लिए टीजिए
07:57प्रिफिलियं करते हैं, इसलिए उपना करते हैं
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