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गीतकार और कहानी लेखक जावेद अख्तर ने तालिबान के घरेलू हिंसा से संबंधित कथित प्रावधानों की निंदा की है और धार्मिक नेताओं से कड़ा विरोध करने की मांग की है ...उन्होंने तालिबान के कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर शनिवार को लिखा कि "तालिबानों ने पत्नी को पीटने को कानूनी मान्यता दे दी है, जब तक कोई हड्डी न टूटे। अगर कोई पत्नी बगैर पति की इजाजत के अपने मायके जाती है, तो उसे तीन महीने की जेल होगी। मैं भारत के मुफ्ती और मुल्लाओं से निवेदन करता हूं कि वे इसकी बिना शर्त निंदा करें क्योंकि यह सब उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है।"


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00:00गेतकार और कहानी लेखक जावेद अक्तर ने तालिबान द्वारा घरेलू हिंसा से संबंधित कथित प्रावधानों की निंदा की है और
00:09धारिमिक निताओं से कड़ा विरोध करने की मांग की है।
00:12उन्होंने तालिबान के कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर शनिवार को लिखा की तालिबानों ने पत्नी को पीटने
00:21को कानूनी मानिता दे दी है जब तक कोई हड़ी न तूटे। अगर कोई पत्नी बगैर पती की इजाजत के
00:28अपने माय के जाती है तो �
00:30से तीन महीने की जेल होगी मैं भारत के मुफ्ती और मुलाओं से निवेदन करता हूं कि वे इसकी बिना
00:37शर्त निंदा करें क्योंकि यह सब उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है अब जावेद अक्तर के बयान
00:44पर मुस्लिम नेता और धर्म गुरू क्या कुछ कह रहे हैं �
01:17वो भी सुननी जिये
01:18लोग हिंसा पे कानून बनाते हैं तालिबान ने बनाया जो है कि मुलाना ने कह दिया हम हिंसा को सही
01:27मानते ही नहीं है क्योंकि हम भी मुसल्मान है मजहब से जुड़े हुए है लेकिन हिंसा किसी के साथ ने
01:35होनी चाहिए लोगों के लोगों के प्रति परिवार में महले में �
01:40We need to be aware of the issues of the country, and we need to be aware of the issues.
02:10These people who have been under the law, that they have under the law of the Bizarre of the Sikh
02:37Section.
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