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Maithili Thakur vs Tejashwi : मैथिली ठाकुर ने कैसे विधानसभा में किसे कहा 'धृतराष्ट्र और दुर्योधन'!

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने तीखे तेवरों से सबको हैरान कर दिया है। उन्होंने लालू परिवार पर हमला करते हुए महाभारत के पात्रों का उदाहरण दिया,जिसके बाद अब तेजस्वी यादव और खेसाली लाल यादव ने मैथिली ठाकुर के बयान पर पलटवार किया है...लेकिन इससे पहले विधानसभा में मैथिली ठाकुर ने क्या कुछ कहा था इस वीडियो में देखिए अनकट

BJP MLA Maithili Thakur surprised everyone with her sharp tone during the budget session of the Bihar Assembly. She attacked the Lalu family, citing characters from the Mahabharata. Tejashwi Yadav and Khesali Lal Yadav have now retaliated against her statement... But watch this video uncut to see what Maithili Thakur had to say beforehand in the Assembly.

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Transcript
00:00आज इस विधान सभा में खड़े होकर बोलना मेरे लिए बहुत बहुत बहुत बढ़ी बात है
00:04ये सिर्फ एक भाशन नहीं है ये उस बीटी का सपना है जो बिहार के मिटी में
00:10मिथला के मिटी में पली बढ़ी खेली कूदी
00:13मैं जानती हूँ कि इस सदन में मुझसे कई अधिक अनुभवी
00:19कई अधिक वरिष्ट और कई अधिक परिपक्व नेता विराजमान है
00:25विपक्ष के वे दिगज नेता जिनकी राजनेतिक उम्र मेरे पूरी उम्र से बड़ी होगी
00:32उन सभी के सामने बोलना भी मिरी बहुत चुनोती पूर्ण है
00:36अधिक्ष जी आज शिक्षा बजट पर चर्चा हो रही है तो मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहती हूँ
00:43कि वो बिहार सभी को याद है जै मैं उस समय को याद करती हूँ
00:48मुझे महाभारत के धृत राश्ट्र का हस्तना पूर याद आता है जो बहुत बड़े वरिष्ट और बहुत यह अनुभवी नेता
00:57रहे बहुत यह अनुभवी राजा रहे
01:02लेकिन वो अन्धे थे और उससे भी बड़ी बात है कि वो देखना भी नहीं चाहते थे
01:08क्योंकि उन्हें हस्तेनापूर की चिंता नहीं बलकि दुरियोधिन की चिंता लगी रहते थे
01:14जब इस धरती के बेटियां स्कूल जाने से डरती थी जब सरकारी स्कूल के नाम पर सिर्फ टूटी फूटी दिवारे
01:21जब शिक्षक वेतन के लिए दर बदर भटकते रहते थे जब दोफर का खाना नहीं मिलता था तो बच्चे भूखे
01:27पेट पढ़ने जाते थे
01:28और जादा तर तो जाते भी नहीं थे जनता चिलाती रहती थी कि स्कूल में शिक्षक नहीं है तो कानों
01:35पर पट्टी जनता रोती रहती थी कि बेटी पढ़ने ही पारे है तो आखों पर पट्टी और जनता कहती रहती
01:43थी कि बिहार पिछड रहा है तब भी इनका दिल नहीं
01:46पसीजा बिहार में 2005 से पहले ऐसा ही अंधिरा था स्कूल में ताले पढ़ाई लिखाई नहीं बजट आता था लेकिन
01:55बच्चों तक पहुचता नहीं था रिपोर्ट में विद्याले थी लेकिन जमीन पर घास उगती रहती थी और हमारे विपक्ष के
02:03माननिय साथी जो आज ब�
02:16इतना कहना चाहते हैं कि जो बीत गई सो बात गई लेकिन नितिहास गवा है भले ही बिहार की भोली
02:23भाली जन्ता वो दोर भूल जाए लेकिन नितिहास कभी नहीं भूल सकती है नाहीं वो कभी माफ करेगी
02:302005 में एक नवोदय हुआ नया सूरजुगा माने ये उपाध्यक्ष महोदय जी 2005 में बिहार की जन्ता ने एक एतिहासिक
02:41फैसला किया और उस फैसली का नान था नितिश कुमार
02:46महा भारत में जब युदिष्टे राजगदी पर बैठे तो उनके राज में धर्म की स्थापना हुई न्याय आया और प्रजा
02:53सुखी हुई ठीक उसी तरह जब नितिश कुमार जी ने बिहार की बागदोर संभाली तो यहां सुशासन आया
03:00जब मैं यहां इस वधान सभा में खड़ी हुँ तो मेरे मन में एक शलोक गुंज रहा है तमसो मा
03:06जोतिर गमै अर्थात अंधकार से मुझे प्रकाश की और ले चलो यही बिहार रहा है अंधकार से प्रकाश की और
03:15भय से आत्ममिश्वास की और अपमान से सम्मान की और और �
03:22जंगल राज से सुशासन की और उपाद्यक्ष जी मितीश कुमार जी ने ऐसी योजना शुरू की जिसने पूरे देश को
03:33चौका दिया मुख्यमंत्री साइकल योजना जिसके बारे में सभी ने बात की है और मैं खास कर इसलिए बोलना चाहती
03:40हूं कि मेरी आखों देखी कहा
03:52जिसना शुरू कर दिया विपक्ष के लोग तो इस योजना का मजाग भी उडाते थे लेकिन आज वही योजना पूरे
03:58देश के लिए एक मॉडल है
04:01सुनने में सरर लगती है लेकिन इस साइकल में क्या क्या है यह नहीं सोचिए आपको बत देंगा इनके भासन
04:10के बार दिहार के गाउं में एक बाप था जो सोचता था कि बेटी को हम दूर दराज कैसे भेजे
04:18स्कूल कैसे भेजे रास्ता बहुत लंबा है खत्रा है पैसे नह
04:24जा और बीटी के हाथ में साइकल थमा दी और उस साइकल पर पहियों ने सिर्फ सडक नहीं ना पी
04:30उन्होंने लाखों बीटियों का भविश्य ना पा ड्रोप आउट गरी नामांकन बढ़ा और बिहार की बीटी ने कहा हम भी
04:38पढ़ेंगे और हम भी आगे बढ़ेंगे मैं �
04:43सबसे बड़ी मंदर में आज आप सभी के बीच में खड़ी हो अगर मैं 2005 को देख करके ध्यान करके
04:502005 से पहली के बात करूं तो संभावना भी नहीं था कि मैं यहां पर खड़ी होती है फिर कोई
04:54ऐसी उमीद मेरे अंदर जगती वाली का साक्षार्ता 35 प्रतिशत मतलब तीन म
05:10कितनों की जवानी चीन ली आप सभी तुसके खुद साक्षी रहे हैं लगभग दो दशक बिहार शिक्षा से वंचित रहा
05:19कई पेडियां इसका दंश आज भी जेल रही है वीडियो साहब आप खुद अपने दिल पे हाथ रखके बोले कि
05:26मैं जो बोड़ी क्या वो जूट है
05:28आप दिल पे हाथ रखके बोले आप खुद अपने दिल पे हाथ रखके बोले उपादियाक्ष जी बढ़ाई तभी होती है
05:37जब सुरक्षा होती है हमारी नितिश कमांग जी ने समझा कि बिहार के बच्चों को किताब के साथ साथ सुरक्षा
05:44भी चाहिए आप जानते हैं मैं
05:47कलाकार भी रही हूं मैं जब पहले आती थी तो पहले की कहानिया सुनती थी अरे बहुत सुरक्षित
06:08और शराब बंदी से लेकर महिला सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े कानून तक हर कदम पर नितीश कुमार जी ने
06:14बेट अरे आप सुनते हैं
06:16मेरे बाद बेटियों के पक्ष में खड़े होकर हमारे मानिय मुख्य मंत्री जी ने लिए और आज जब मैं बिहार
06:23के सबसी युवा विधाईकों में से एक इस सदन में खड़ी होकर के बोल रही हूं तो ना जाने आपको
06:28क्यों इतनी दिक्कत हो रही है
06:30मानिय उपाद यक्ष महोद जी अब आते हम आज के बज़ट पर और मैं यहां में बात करूंगे इस दबल
06:36इंजन की जिसने बिहार के शिक्षा को नहीं उच्चाईयों तक पहुचाया है
06:40अपना भासन का नकुलूड करें तो मुझे आकड़ों पे जादा बोलने की जरूरत नहीं है मेरे सभी साथियों ने बहुत
06:47ही जोरदार तरीके से अपनी बाते रखती है
06:52लेकिन मैं अपने शेत्र के कुछ जो स्कूल है उसकी उपर ध्यान देना चाहूंगी
06:57क्योंकि हमारे शेत्र के जितने भावन बने हैं स्कूल में आप तो तीजी से इतने सारे स्टूडेंस रोल इन कर
07:03रहे हैं कि हमारे लिए भावन के भी कमी हो रही है
07:05तो इसलिए मैं चाहूंगे कि जिस तरीके से शिक्षा के उपर बच्चों का भी इतना आकर्शन बढ़ते जा रहे हैं
07:11लगातार सब लोग अपनी दाखिल करवाते आ रहे हैं तो उस हिसाब से भावन के कमरे भी और बढ़वाये जाए
07:17जैसे कि कीरतपूर में प्राथमिक विद्याले गड़ोल कन्या विद्याले कुम्रोल विद्याले प्राथमिक विद्याले महत्व और मुसहरी प्राथमिक विद्याले पकड़ी उच
07:27माधुमिक विद्याले महत्व और हरिजन ग्राम श्री रामपूर टोले के दरगाह में ज
07:43स्री मची केतागी
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