00:00आज इस विधान सभा में खड़े होकर बोलना मेरे लिए बहुत बहुत बहुत बढ़ी बात है
00:04ये सिर्फ एक भाशन नहीं है ये उस बीटी का सपना है जो बिहार के मिटी में
00:10मिथला के मिटी में पली बढ़ी खेली कूदी
00:13मैं जानती हूँ कि इस सदन में मुझसे कई अधिक अनुभवी
00:19कई अधिक वरिष्ट और कई अधिक परिपक्व नेता विराजमान है
00:25विपक्ष के वे दिगज नेता जिनकी राजनेतिक उम्र मेरे पूरी उम्र से बड़ी होगी
00:32उन सभी के सामने बोलना भी मिरी बहुत चुनोती पूर्ण है
00:36अधिक्ष जी आज शिक्षा बजट पर चर्चा हो रही है तो मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहती हूँ
00:43कि वो बिहार सभी को याद है जै मैं उस समय को याद करती हूँ
00:48मुझे महाभारत के धृत राश्ट्र का हस्तना पूर याद आता है जो बहुत बड़े वरिष्ट और बहुत यह अनुभवी नेता
00:57रहे बहुत यह अनुभवी राजा रहे
01:02लेकिन वो अन्धे थे और उससे भी बड़ी बात है कि वो देखना भी नहीं चाहते थे
01:08क्योंकि उन्हें हस्तेनापूर की चिंता नहीं बलकि दुरियोधिन की चिंता लगी रहते थे
01:14जब इस धरती के बेटियां स्कूल जाने से डरती थी जब सरकारी स्कूल के नाम पर सिर्फ टूटी फूटी दिवारे
01:21जब शिक्षक वेतन के लिए दर बदर भटकते रहते थे जब दोफर का खाना नहीं मिलता था तो बच्चे भूखे
01:27पेट पढ़ने जाते थे
01:28और जादा तर तो जाते भी नहीं थे जनता चिलाती रहती थी कि स्कूल में शिक्षक नहीं है तो कानों
01:35पर पट्टी जनता रोती रहती थी कि बेटी पढ़ने ही पारे है तो आखों पर पट्टी और जनता कहती रहती
01:43थी कि बिहार पिछड रहा है तब भी इनका दिल नहीं
01:46पसीजा बिहार में 2005 से पहले ऐसा ही अंधिरा था स्कूल में ताले पढ़ाई लिखाई नहीं बजट आता था लेकिन
01:55बच्चों तक पहुचता नहीं था रिपोर्ट में विद्याले थी लेकिन जमीन पर घास उगती रहती थी और हमारे विपक्ष के
02:03माननिय साथी जो आज ब�
02:16इतना कहना चाहते हैं कि जो बीत गई सो बात गई लेकिन नितिहास गवा है भले ही बिहार की भोली
02:23भाली जन्ता वो दोर भूल जाए लेकिन नितिहास कभी नहीं भूल सकती है नाहीं वो कभी माफ करेगी
02:302005 में एक नवोदय हुआ नया सूरजुगा माने ये उपाध्यक्ष महोदय जी 2005 में बिहार की जन्ता ने एक एतिहासिक
02:41फैसला किया और उस फैसली का नान था नितिश कुमार
02:46महा भारत में जब युदिष्टे राजगदी पर बैठे तो उनके राज में धर्म की स्थापना हुई न्याय आया और प्रजा
02:53सुखी हुई ठीक उसी तरह जब नितिश कुमार जी ने बिहार की बागदोर संभाली तो यहां सुशासन आया
03:00जब मैं यहां इस वधान सभा में खड़ी हुँ तो मेरे मन में एक शलोक गुंज रहा है तमसो मा
03:06जोतिर गमै अर्थात अंधकार से मुझे प्रकाश की और ले चलो यही बिहार रहा है अंधकार से प्रकाश की और
03:15भय से आत्ममिश्वास की और अपमान से सम्मान की और और �
03:22जंगल राज से सुशासन की और उपाद्यक्ष जी मितीश कुमार जी ने ऐसी योजना शुरू की जिसने पूरे देश को
03:33चौका दिया मुख्यमंत्री साइकल योजना जिसके बारे में सभी ने बात की है और मैं खास कर इसलिए बोलना चाहती
03:40हूं कि मेरी आखों देखी कहा
03:52जिसना शुरू कर दिया विपक्ष के लोग तो इस योजना का मजाग भी उडाते थे लेकिन आज वही योजना पूरे
03:58देश के लिए एक मॉडल है
04:01सुनने में सरर लगती है लेकिन इस साइकल में क्या क्या है यह नहीं सोचिए आपको बत देंगा इनके भासन
04:10के बार दिहार के गाउं में एक बाप था जो सोचता था कि बेटी को हम दूर दराज कैसे भेजे
04:18स्कूल कैसे भेजे रास्ता बहुत लंबा है खत्रा है पैसे नह
04:24जा और बीटी के हाथ में साइकल थमा दी और उस साइकल पर पहियों ने सिर्फ सडक नहीं ना पी
04:30उन्होंने लाखों बीटियों का भविश्य ना पा ड्रोप आउट गरी नामांकन बढ़ा और बिहार की बीटी ने कहा हम भी
04:38पढ़ेंगे और हम भी आगे बढ़ेंगे मैं �
04:43सबसे बड़ी मंदर में आज आप सभी के बीच में खड़ी हो अगर मैं 2005 को देख करके ध्यान करके
04:502005 से पहली के बात करूं तो संभावना भी नहीं था कि मैं यहां पर खड़ी होती है फिर कोई
04:54ऐसी उमीद मेरे अंदर जगती वाली का साक्षार्ता 35 प्रतिशत मतलब तीन म
05:10कितनों की जवानी चीन ली आप सभी तुसके खुद साक्षी रहे हैं लगभग दो दशक बिहार शिक्षा से वंचित रहा
05:19कई पेडियां इसका दंश आज भी जेल रही है वीडियो साहब आप खुद अपने दिल पे हाथ रखके बोले कि
05:26मैं जो बोड़ी क्या वो जूट है
05:28आप दिल पे हाथ रखके बोले आप खुद अपने दिल पे हाथ रखके बोले उपादियाक्ष जी बढ़ाई तभी होती है
05:37जब सुरक्षा होती है हमारी नितिश कमांग जी ने समझा कि बिहार के बच्चों को किताब के साथ साथ सुरक्षा
05:44भी चाहिए आप जानते हैं मैं
05:47कलाकार भी रही हूं मैं जब पहले आती थी तो पहले की कहानिया सुनती थी अरे बहुत सुरक्षित
06:08और शराब बंदी से लेकर महिला सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े कानून तक हर कदम पर नितीश कुमार जी ने
06:14बेट अरे आप सुनते हैं
06:16मेरे बाद बेटियों के पक्ष में खड़े होकर हमारे मानिय मुख्य मंत्री जी ने लिए और आज जब मैं बिहार
06:23के सबसी युवा विधाईकों में से एक इस सदन में खड़ी होकर के बोल रही हूं तो ना जाने आपको
06:28क्यों इतनी दिक्कत हो रही है
06:30मानिय उपाद यक्ष महोद जी अब आते हम आज के बज़ट पर और मैं यहां में बात करूंगे इस दबल
06:36इंजन की जिसने बिहार के शिक्षा को नहीं उच्चाईयों तक पहुचाया है
06:40अपना भासन का नकुलूड करें तो मुझे आकड़ों पे जादा बोलने की जरूरत नहीं है मेरे सभी साथियों ने बहुत
06:47ही जोरदार तरीके से अपनी बाते रखती है
06:52लेकिन मैं अपने शेत्र के कुछ जो स्कूल है उसकी उपर ध्यान देना चाहूंगी
06:57क्योंकि हमारे शेत्र के जितने भावन बने हैं स्कूल में आप तो तीजी से इतने सारे स्टूडेंस रोल इन कर
07:03रहे हैं कि हमारे लिए भावन के भी कमी हो रही है
07:05तो इसलिए मैं चाहूंगे कि जिस तरीके से शिक्षा के उपर बच्चों का भी इतना आकर्शन बढ़ते जा रहे हैं
07:11लगातार सब लोग अपनी दाखिल करवाते आ रहे हैं तो उस हिसाब से भावन के कमरे भी और बढ़वाये जाए
07:17जैसे कि कीरतपूर में प्राथमिक विद्याले गड़ोल कन्या विद्याले कुम्रोल विद्याले प्राथमिक विद्याले महत्व और मुसहरी प्राथमिक विद्याले पकड़ी उच
07:27माधुमिक विद्याले महत्व और हरिजन ग्राम श्री रामपूर टोले के दरगाह में ज
07:43स्री मची केतागी
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