00:28।
00:34एक सक्तिसाली भारतिये नेवी का महत्व सिर्फ इस बात से समझा जा सकता है कि देश का 97 फिजदी वेपार
00:41समुद्री रास्तों से होता है।
01:00तो भारतिये नौसेना दुनिया में चौथे अस्थान पर है।
01:07भारत सरकार के मताबिक इंडियन नेवी विजन 2047 के तहट बिल्डर्स नेवी बनने की राह पर है। यानि भारतिये नौसेना
01:14पुरी तरह आत्म निर्भर हो जाएगी।
01:23भारतिये नौसेना के इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की तिहास की बात करे तो भारत में आई एफार की परंपरा साल 2001
01:29में शुरू हुई थी।
01:30पहला कारेक्रम मुंबई में हुआ था। पहले आई फियर में 20 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था। इसके बाद
01:36दुसरा कारेक्रम साल 2016 में हुआ था। इस दौरान इस कारेक्रम को नई बुलंदी मिली। दुनिया भर की नौसेनाओं ने
01:42इसमें हिस्सा लिया।
01:48जहां तक मिलन अभ्यास की बात है तो इसकी सुरुवात साल 1995 में अंडमान और निकोबार दीप समू के पोर्ट
01:54बलेर में हुई थी। उस दोरान महज 9 देसों की 9-9 ने इसमें हिस्सा लिया था। 2001, 2005, 2016
02:00और 2020 को छोड़कर हर दूसरे साल इसका आयोजन हो रहा है। साल 2024 तक ये
02:1779,000 यूनिफॉर्म वाले इस्टाफ सामिल हैं। फ्लीट साइज के मामले में भारतिय नेवी पांचवें अस्थान पर है। आगामी सालों
02:27में इंडियन नेवी की ताकत का इजाफा होगा। भारत सरकार वीजन 2047 के मताबिक नेवी का मॉडरनाइजेशन कर रही है।
02:33इसके �
02:45सिब्याड में 60 से ज्यादा जंगी जहाज बन रहे हैं। ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
Comments