00:00मालूम है, Epstein जब मरा था 2019 में जेल में, अजीब बात, कोई भारत की जेल नहीं है, किसी अफरीका
00:06के पिछड़े हुए देश की बनाना रिपब्लिक की जेल नहीं है, कहां की जेल है, अमेरिका की, अमेरिका में भी
00:13नियॉयोक की, नियॉयोक की, कि रहे, CCTV उस दिन डिसफंक्श
00:28की जाला नहीं है, यह Epstein का जो पूरा खेल है, यह 20 साल पुराना और बहुत लंबे समय तक
00:33उस पर मुगदमा चला, एक बार बरी हुआ, जब बरी भी हुआ, तो भी सामने, बिलकुल बिलकुल जाहिर था कि
00:40वो स्ट्रेटेजिक एसेट है, इसलिए उसको बरी कराया गया है,
00:43बरी माने B.U.R.Y. नहीं, बरी रिहा, बहुत साफ था कि जुडिशरी नियापलिका पर दबाव डाल करके उसको
00:51छुड़वाया गया था, फिर खेल दुबारा वो अरेस्ट हो गया, जब दुबारा अरेस्ट हो तो जेल में ही उसकी बिलकुल
00:55एक दम मौत हो गई, किसने उस
00:58को मरवाया, खोजबीन करने की भी क्या बहुत जरूरत है, दुख की बात ही है कि हम सब जानते हैं
01:03किसने मरवाया उसके बाद भी जिन्होंने मरवाया हम उन्हीं के आशिक बने बैठे हैं, तो बताओ इसमें दोश किसको दे
01:10हैं, मौका देकर देखो, पूरी दुनिया की आ�
01:23आम आदमी को देकर देखो, वो क्या करता है, वो क्या बढ़ पाखंडी आम आदमी खुद होता है तो यह
01:36लोग दोशी हैं, नहीं, वो दोशी होंगे बाद में, सबसे बढ़ year, शबसे बढ़ नेस, सेठों अव्मा ऑट्वाओंपर उन्गलिया उठा
01:47देखों एक नही अु
01:53इस डिफेक्ट को ठीक करने में भी हमारी कोई रूची नहीं है, जद्या पर ठीक किया जा सकता है, हमारे
01:58पास साधन मौजूद है, हमारे पास ग्यान मौजूद है, कैसे ठीक करना है, पर हम चाहते ही नहीं कि ओ
02:02ठीक हो, क्योंकि उस डिफेक्ट के साथ हमारे स्वारत जुड�
02:07सब्सक्राइब
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