00:00नमस्ते आचारे जी, I am a second year PhD student here.
00:03मैंने IIT में देखा है कि students counseling के लिए जाते हैं
00:07और IIT भी काफी पैसे spend कर रहे हैं counseling services के लिए
00:11और student को short term में relief भी मिलता है, mental stress कम होता है
00:15but my question is, institute किस वे से like long term solution की तरफ student को motivate कर सकते हैं?
00:22किसी बच्चे को उसके दिल की नहीं सुनने दी गई, उस पर दबाओ डाला गया, उस दबाओ के चलते वो
00:30जही clear करके किसी कदर campus में आ भी गया, तो अब campus उसको दिली जिन्दगी जीने का दुबारा मौका
00:37क्यों नहीं देता, campus क्यों नहीं बूलता
00:39कि ठीक है यार, तू civil engineering और sociology दोनों में parallel major कर सकता है, कर ले
00:46अब उसका tension diffuse होगा ना?
00:49और IIT जैसे संस्थान निश्चित रूप से ये कर सकते हैं
00:53लगबग 180-190 क्रिडिट होते हैं जो आपको 4 साल में बी-tech प्रोग्राम में करने होते हैं
00:59हम क्यों नहीं उसमें से 40-50 क्रिडिट, arts और humanities को devote कर सकते
01:06और students को choice के दौरा empower करो कि वो एक wide variety में से अपने लिए optional courses चुन
01:15सकें
01:17History, philosophy, psychology, जो कुछ भी दुनिया में होता है
01:22हम tension की बात कर रहे है
01:24tension psychology के दाइरे में आता है
01:29हम campus के भीतर psychology के courses ही क्यों नहीं float कर देते
01:34देश की हालत खराब है क्योंकि लोग भीतर से उथले होते जा रहे हैं
01:40यही कमी देख करके 2006 में अद्वेत life education शुरू करी थी मैंने
01:47और वो curriculum बना करके जितने ज़्यादा institutions हो सकते थे उनके पास गया था
01:52यह कहके कि आप जो भी पढ़ा रहे हैं उसमें यह नहीं है मुझे पढ़ाने दो
01:57और जो मैं बात कह रहा था उससे कोई institution इंकार नहीं कर पाता था
02:02हाँ उनको समझ में आ जाता था कि यह चीज़ अगर हम नहीं पढ़ा रहे हैं तो कमी रह जा
02:06रहे हैं यह बड़ी कमी a big hole
02:09लेकिन फिर कभी logistics आड़े आ जाता था कभी consensus आड़े आ जाता था बाहर की उस्था हम नहीं भी
02:17बदल सकते
02:17तो भीतर तो हम उसको कह सकते ना कि तुह यहां आ गया है जैसे भी आया है
02:22now relax and breathe
02:27खुल के सांस ले
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