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US Iran War Big Update में बड़ा सवाल, क्या जॉर्डन, UAE और सऊदी अरब ट्रंप से दूरी बना रहे हैं? क्या मिडिल ईस्ट की रणनीति बदल रही है? ताज़ा घटनाक्रम में अयातुल्ला खामेनेई की कूटनीतिक चाल ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। क्या मुस्लिम देशों की एकजुटता अमेरिका के लिए नई चुनौती बनेगी? इस वीडियो में जानिए US-Iran तनाव, अरब देशों की भूमिका, क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन पर इसका असर। पूरी विश्लेषण के साथ समझिए कैसे बदल रही है मिडिल ईस्ट की राजनीति और ट्रंप की रणनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

In this US Iran War Big Update, major questions arise over shifting Middle East alliances. Are Jordan, the UAE, and Saudi Arabia reconsidering their stance toward Donald Trump amid rising US-Iran tensions? Reports suggest that strategic moves by Ayatollah Khamenei may have strengthened Iran’s regional position. Is a broader Muslim bloc emerging, or is this a temporary diplomatic shift? This video breaks down the geopolitical strategy, Gulf state calculations, energy politics, and the wider implications for US foreign policy.

#USIranWar #TrumpNews #Khamenei #MiddleEastCrisis #JordanNews #UAENews #SaudiArabia #Geopolitics #BreakingNews #WorldPolitics

~HT.410~PR.540~ED.104~

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00:00दिवनाज सर अभी जो कोचर सर ने बताया इरान की नौ सेना के बारे में इरान की वाई सेना के
00:04बारे में उसमें अगर आपको जोड़ना चाहें इसके साथी एक सवाल भी आपसे होगा वो सवाल ये है कि हम
00:09डिएगो गर्सिया और फियर बोर्ड एरबेस की बात कर रहे थे सरे
00:16ठीकाने पहले से हैं जैसे मैं देख पा रहा हूं उसके पास टर्की में है, इराक में है, कुएत में
00:20है, जॉर्डन में है, सौधी अरब में है, UAE में है, ओमान में है तो फिर उसे यहां वाले सेंट
00:26ठीकाने की क्यों जरुट पड़ रही है, हिंद मासा अगर में जो मौझू�
00:44उनको पहले agree होना पड़ता है, तो सौधी अरेबिया में एक airbase होने का मतलब यह नहीं कि बस अमेरिका
00:52कोई भी जहाज वहाँ ले जा सकता है, पहले अमेरिका को सौधी अरेबिया की सरकार से एक understanding बनानी पड़ती
00:59है, कि यह जो strategic bomber है, B2 bombers या B52 bombers वहाँ deploy कर सकते हैं,
01:08एक और reason यह है कि यह B2 bombers या B52 strategic bombers यह long range strategic bombers हैं, इनकी
01:18जो काम करने का तरीका होता है कि यह 30,000, 40,000, 50,000 feet की उंचाई पर उड़ते
01:26हुए दुश्मन के वायूसिम्ना में परवेश करते हैं,
01:30तो जैसे अगर एक सकेंड के लिए सुचा जाए कि वो अबुधाबी, कतार, कुएट, ओमान, इराक, इनके airbase से टेक
01:43आफ करता है एक B52 theoretically,
01:45तो वो इरान के सीमा में परवेश जब करेगा तो उसकी हाइट महच 5,000, 10,000 feet और climbing
01:53है,
01:54मतलब आभी भी वो 20,000, 30,000, 40,000 feet पर नहीं पहुँचा है,
01:59तीसरी बात है survivability, जैसे जनरल कुचर ने बताया, देखिए, अगर एक US arm fighter shot down होता है युद
02:08में,
02:08समझे एक F-16 या F-35 shot down होता है, तो उससे हला होता है,
02:16लेकिन अगर B-52 या B-2 को जमीन पर ही नुकसान पहुँच जाए,
02:25एक B-52 कुएट में डपलाई हो गया, एक B-2 बॉमबर जो है वो इराक में डपलाई हो गया,
02:31और इरान ने अपनी जमीन से जमीन पर मार करने वाली जो रॉकेट्स और मिसाइल्स हैं, इरान के पास सैकडों
02:38हैं,
02:38जो कि 200-400 किलोमिटर तक जा सकती हैं, और उस B-52 को इराक की धरती पर नश्ट कर
02:45दिया,
02:45या B-2 को कतार के दुखा के पास जो एरबे से वान अश्ट कर दिया, यह एक भेंकर क्रिकरी
02:52हो जाएगी,
02:53तो स्ट्रेटेजिक जो वेपन्स होते हैं, उनको हमेशा दुश्मन के जमीन से जमीन पर मार करने वाले जो सिस्टम्स हैं,
03:02उनकी रेंज से बाहर रखा जाता है, अगर हम याद करें, पिछले बार भी जब ऑपरेशन मिटनाइट हैमर हुआ था,
03:11तो जो B-2 बॉमबर्स यहनों ने आके युद के बारवे दिन बॉमिंग की थी इरान के उपर,
03:19वो अमरीका से उड़कर इंग्लैंड में आए, इंग्लैंड से रिफिलिंग करके वो पहुँचे इरान पर बॉमिंग करने के लिए,
03:27अमेरिका इस तरह की स्ट्रेटेजिक एसेट्स को किसी भी अरब मुल्क में डेपलॉई नहीं करता है, जी,
03:34बिल्कुल, दियोना सर उस सवाल का जवाब भी दे दीजिए, कि इरान की नौ सेना और वायू सेना कितनी ताकत
03:40वर है, कितनी कमजूर है?
03:42हाँ, देखिए, इरान की जो नौसेना है वो ना के बराबर है, इरान की नौसेना जो है, वो ज़्यादातर जैसे
03:51हम बोलते हैं न कोस्ट गार्ड, उनके पास कोई भी बड़ा युद्ध दुपोत नहीं है, जैसे जनरल कोचर अभी बता
03:58रहे थे, उनके पास कोई भी डेस्ट
04:00launcher क्रूजर या फ्रिगेट नहीं है एक अरिकाफ्ट केरियार तो है चुआ ही takiej
04:07उनके पास नोसफडिय नहीं जतने हैं वो सब जो फास्ट स्पीड बोस होते
04:15हैं या पेट्रोल बॉट्स होते हैं उन्होंने सर फेश्थ लगा लिए
04:22हैं और यह सर्फेस टू सर्फेस मिसाईल जो हैं इनकी रेंज भी बहुत ज्यादा नहीं होती है जो यह पेट्रोल
04:30बोट्स पर इरान की नेवी ने जो मिसाईलें लगा दी हैं इनकी रेंज आमूननन
04:3540 km, 60 km, 100 km, इससे ज्यादा नहीं होती है रिंज, उनकी एरफोस भी ना के बराबर ही है,
04:46उनकी एरफोस में कोई भी फाइटर विमान ऐसा नहीं है, जो की नया हो, 1979 में जब इरानियन रिवलिशन हुआ
04:55था, तो उसके पहले उनके पास अमेरिका द्वारा दिये F-4 विमान थे,
05:004, 5, 6, 8 अभी बचे खुचे हैं, टूटे फूटे हालत में उड़ाते हैं, F-14 विमान भी उनके पास
05:06थे, कोई 30 या 40, उनकी को बरबर ठीक करकर उड़ा रहे हैं, लेकिन वो F-14 के भी उनको
05:13स्पेर पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं, और उनमें जो एर टू एर डार्म हैं, वो
05:18वो 70 के दशक की टक्नेलोजी है, 80 के दशक की टक्नेलोजी है, और उसमें जो एर टू एर मिसाइल
05:25लगे हैं, F-14 जो एरानियन एर फॉस में हैं, वो भी बहुत ही रूडिमेंटरी हैं, उनकी रेंज भी बस
05:3310 किलोमेटर, 20 किलोमेटर टाइप है, तो एर टू एर कॉमबैट म
05:38वो यूएस एर फोर्स या यूएस नेवी के हवाई जहाज F-35 या उनके जैसे
05:45एमराम एर टू एर मिसाइल हैं जो की 120-140 किलोमेटर से शूट डाउन कर से कहीं नहीं टिकते हैं
05:53तो अभी उनके पास लड़ने के लिए अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है करेगा नहीं
05:59लेकिन अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है तो एरान की 6 लाक की आर्मी है लेकिन उनके पास भी जो
06:07टैंक तो बक्तर बंद गाड़ियां हैं वो सब पुराने हैं
06:1140 साल पुराने 50 साल पुराने रूस ने कुछ दिया हुआ है
06:15लेकिन वो भी बहुत ज़्यादा automated या computer control नहीं है
06:19इरान के पास सिर्फ एक ही ताकत है जो की अच्छी है
06:24वो है इरानियन revolutionary guard ताकत करीबन 175,000 है
06:29ये बहुत loyal हैं बहुत dedicated हैं
06:33आयातला कुमानी के परती उनकी एक व्यक्तिगत निष्टा होती है
06:36और इनको तभी भरती किया जाता है IARG में
06:40जब उनको इरान की जो political leadership है
06:44वो letter of recommendation देती है
06:47ऐसा नहीं है कि बस return test दिया और interview दिया और join किया
06:51उनको उनी घरानों से उनी तबकों से या उनी कस्बों से चुना जाता है
06:57जहां पर आयातला कुमानी के परती एक व्यक्तिगश्ट loyal हवा हो
07:04और उनकी ताकत जहिर बात है
07:083000 से ज़्यादा जमीन से जमीन पर मार करने वाले rockets and missiles हैं
07:132000 किलो मिटर दूर इसराइल है
07:16पिछले बार भी उन्होंने 300-600 लांच किये थे पहुंच गये थे इसराइल
07:20और ज़्यादातर अमेरिकन बेस जो गल्फ आ पर्शिया है
07:24पर्शियन गल्फ के आसपास है
07:27कुईत में, इराक में, अबुधावी, सौदी में
07:30इन सब की डिस्टेंस इरान से में 400-600 किलो मिटर है
07:36तो इस तरह के मिसाइल तो इरान के पास हजारों है
07:41एक हजार है या दो हजार है
07:43और युद्ध की स्तिती में वो दरजनों एक साथ
07:47या जरोत पढ़ने पर सैक्रों एक साथ लांच करेगा
07:50जो की अमेरिकन एर डिफेंस सिस्टम जैसे पेट्रियोट है या थाड है
07:54उनको पेनेट्रेट कर जाएंगे
07:59देखिए एक सिस्टम होता है जिसे हम बोलते हैं सिंगल शॉट किल प्रॉबिलिटी
08:03पेट्रियोट मिसाइल अगर इरान 100 मिसाइल लांच करेगा
08:08तो पेट्रियोट एर डिफेंस सिस्टम उनमें से कितने को शूट डाउन कर देगा
08:12बारा, चॉबिस
08:13क्योंकि इस से ज़्यादा एक लांचर पर होते नहीं है
08:19ऐसा नहीं होता है कि लांचर पर एक साथ
08:22दो सो पेट्रियोट मिसाइल मौंटेड होते हैं
08:26इसा नहीं होता है, इसी रज़े थाड, एक थाड के लॉंचर में एक बार कितने एंटी एरकाफ मिसाइल लोड़ेड होते
08:35हैं, चार, आठ, बारा, चलिए दो अलग अलग बैटरी से तो 24, तो याल अगर सैकडो जमीन से जमीन पर
08:45मार करने वाली मिसाइल हैं, समझें, UAE, दु
08:51इस एक-दो दर्जन तो जमीन तक, अमेरिकन बेस तक, चाहिए मिलिटरी बेस हो, नेवल बेस हो, या एर बेस
08:57हो, उसके रणवे तक महुँच ही जाएंगे, जी
09:01बिल्कुल दिवनाज सर, आपने और कोचर सर ने जैसा की बताया कि इरान के पास, ना तो बहुत अच्छी नो
09:07सेना है, और ना ही बहुत ज़़ा ताकत वर, वाई उसेना है, उसकी ताकत है, रॉकेट्स में, मिसाइलों में, और
09:12वहां की जो IRGC है, अगले पढ़ाओ की ओर �
09:22अगले हपते, आपने इस बाच्चीत के और अगला पढ़ा भाला होगा, रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है, बस आखरी मानजूरी
09:30मिलना बाकी है, ट्रम सहाप से, और एक रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया है, कि मध्वुर में अमेरिका
09:35ने 2003 के बाद, बड़ी वाय�
09:43इसके क्या माइने है और इस रिपोर्ट से कितना इतिफात रखते हैं आप दोनों कोचर सर सर से शुरू करेंगे
09:48कोचर सर देखिए जमाड़ा तो हो चुका है उसको आर्माड़ा आ चुका है सारे वेपन्स ओफ डिस्ट्रक्शन लगा दिये गए
10:06मिजाइल्स को आम कर दिया गया है यह वाइजास टेंटू पर हैं और पूरा जो आपके जो एक्रेफ्ट कैरियर्स हैं
10:16और इसके रिखस्शन भी साथ साथ उनके चली रहे हैं प्लैंस की वार्गेमिंग हो चुकी है और कंटिजिंसी प्लैंस भी
10:27बन गए पाकिस्तान के देखि
10:32मैं पाकिस्तान को लेके आना चाहता हूँ थोड़ा इस पाकिस्तान के साथ भी कुछ बाचीत चल रही थी के खास
10:43दोर पे जब आपके बी-टू और बी-फिफिटी-टू बॉमर्स होते हैं उनको रिफ्यूलिंग के लिए और जब वो
10:49एक बार अटैक करके आएंगे तो उन
11:01माल हो सकते हैं एक स्ट्रॉंग पॉसिबिलिटी वहां पर भी है और इसको मुल्ला मुनीर से शैद यो कुछ डिस्करिशन
11:11भी हो चुका है पाकिस्तान के पास कोई चारा नहीं है पाकिस्तान मना नहीं कर पाएंगे दूसरा है कि
11:21ये जो अमेरिका की कुछ डूमेस्टिक कंपल्शन दे नजर आ रही है कि अभी तक अमेरिका ने अटैक क्यों नहीं
11:29किया और बार बार डॉनल्ड ट्रॉंप धंकिया दे रहे है अब लेटस्ट धंकी डॉनल्ड ट्रॉंप ने दिया है कि
11:37दो या तीन दिन में ड्राफ्ट प्लान तैयार होना चाईए इसका जो आपकी नुक्लियर का कि आप अपनी नुक्लियर को
11:47पीस्फुल परपरसेस के लिए आपका प्रोग्रेम आपका बनेगा और आपका एक नुक्लियर वर हैड्� नहीं बनेगे उसके लिए आपको जो
11:59एं
12:07जैसे ही एग्रिमट हो जाती अगर इसको लड़ाय नहीं हो और इसको अमेरीका इरान को एक लंबा टाइम दे रहा
12:16है और इसको एरान भी लंबा को खीच रहे दिए जितना इस से लड़ाई पो देखिए आपको जो को याद
12:25रखने पाड मैं जितने आप इस आपने टूसको अ
12:37मेंटल फटीग और आपका लोजिस्टिक स्टेमिना ये दो चीजे हैं जो आपकी डिप्लीट होती रहती है
12:46अगर ट्रुप्स को अगर आपने डिप्लॉइ कर दिया लड़ाई के लिए और दो तीन तीन चार्चा में आपने उसको लड़ाई
12:54को आपने ग्रीन सिग्नल नहीं दिया
12:59तो ट्रुप्स का भी एक एक फ्रस्टेशन आती है और मैं आपको एक फ्रस्ट हैंड एक्जाम्बल देता हूं पराकरम का
13:07और मैं उस टाइब पे राजिस्तान बॉर्डर पे था हम पूरी तैयारी से गए थे कि पाकिस्तान के अंदर हम
13:14गुज जाएंगे
13:14और हमारी एक सिचुएशन ऐसी भी थी कि हमने प्री एम्टिव करना था पाकिस्तान तैयार नहीं था पर हमको ओर्डर
13:22नहीं मिले है और हम एक साल तक बॉर्डर पे थे और एक साल के बाद हम वापिस आए तो
13:27वो एक
13:27एक psychologically भी एक
13:29फॉज के लिए अच्छा नहीं होता है कि लड़ाई के लिए आप गए
13:32और आप लड़ाई मिना वापिस आगए
13:34तो इसको अमेरिका
13:36you see ultimately अमेरिका
13:39ये agreement अगर और
13:4110 दिन में sign नहीं होती है
13:43अगर मान के चलिए
13:45तो मुझे लगता है strike होगा
13:47और इसको अमेरिका इसमें रुखने वाला नहीं है
13:50जो भी consequences आप इसको मान के चलिए
13:53कि वो जो उनकी
13:54ballistic missile अंदर आ जाएगी
13:56और saturation हो जाएगा ही सारी चीज़े हो जाएगी
13:59देखे जब आप
14:01इतना
14:04strikes करेंगे
14:0690% उनके जो
14:10missile
14:10launching sites से आप उसको
14:13खतम कर देगे उसी अमेरिका को
14:15हलके मान के मद चलिए के वही
14:17जो अगर
14:18strike होगा अमेरिका ने अभी तक
14:20पूरी intelligence हासिल कर ली होगी
14:22इनके launching sites कांका है
14:24और आजकर तो आपके पास
14:27satellite से आपके पास यह चीज़ है
14:28तो आपके पास पूरी information
14:30available है तो इसको
14:32अमेरिका उनकी almost 90%
14:34missile launching sites को
14:36खतम कर देगा उनके पास
14:37एक limited scope होगा एक limited
14:39damage के लिए उससे जाला damage नहीं होने वाला है
14:42अब यह तो time ही बताएगा
14:44हम लोग तो इसको भाविश्वानी ऐसे
14:46नहीं कर सकते बट एक
14:48logical एक अगर हम
14:50analysis करें तो एक limited
14:52damage मैं मान के चंडरा
14:54अमेरिका के damage होगा ऐसे तो नहीं है कि
14:56कोई damage नहीं कर पाएंगे
14:58limited damage होगा और
15:00खास तोर पर इसराइल का damage
15:02जादा होगा मुझे यह लग रहा है
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