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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से दो दिन के Israel दौरे पर जा रहे हैं, जहां Defence Cooperation मुख्य एजेंडा रहेगा।इस दौरान Anti-Ballistic Missile Shield के संयुक्त विकास पर अहम चर्चा होने की संभावना है।भारत अपने Mission Sudershan के तहत मिसाइल सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करना चाहता है।Israel के साथ Laser-based Defence Systems, Long-Range Missiles और Drones पर भी सहयोग बढ़ सकता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, इस यात्रा में Security Cooperation पर एक MoU पर सहमति बन सकती है।पिछले साल Defence Secretary की Israel यात्रा के दौरान सहयोग का ढांचा तैयार किया गया था।Israel का multi-layered missile defence system दुनिया के सबसे उन्नत सिस्टम्स में माना जाता है।यह दौरा 2017 के बाद PM Modi की दूसरी Israel यात्रा होगी।इस यात्रा को India-Israel Strategic Partnership के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

Prime Minister Narendra Modi will visit Israel from February 25 for a two-day trip focused on defence cooperation.Discussions are expected on the joint development of an Anti-Ballistic Missile Shield.India aims to strengthen its missile defence capabilities under Mission Sudershan.Cooperation may expand to laser-based defence systems, long-range missiles, and advanced drones.Reports suggest that an MoU on security cooperation could be finalised during the visit.The groundwork for expanded defence ties was laid during the Defence Secretary’s visit last year.Israel’s multi-layered missile defence system is considered among the most advanced globally.This will be PM Modi’s second visit to Israel after 2017.The trip is seen as a significant step in deepening the India-Israel strategic partnership.

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00:13मिडल इस्ट में बदलते सिक्योरिटी डाइनामिक्स के बीच भारत और इसरेल अपनी स्ट्राटेजिक पार्टनर्शिप को एक नए लेवर पर ले
00:21जाने के लिए तयार हैं
00:22प्रधान मंत्री नरेंदर मोधी 25 वेब्रेरी से दो दिन के इसरेल विजिट पर जा रहे हैं और इस विजिट का
00:29सबसे बड़ा फोकस होगा अड़वांच्ट मिसाइल डिफेंस और हाई एंड मिलिटरी टेकनोलोजी कोपरेशन
00:36रिपोर्ट के मुताबित इंडिया और इसरेल अंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के जॉइन डेवलप्मेंट पर सीरियस डिसकशन कर सकते हैं
00:45ये कोपरेशन इंडिया के लार्जर मिसाइल शील्ड विजिन मिशन सुदर्शन के लिए काफी महत्वकून माना जा रहा है
00:52और इस मिशन का अबजेक्टिव है देश को लॉग रेंज मिसाइल थ्रेट से सिक्योर करना
00:58एस्पेशली जब रीजनल सेक्योरिटी चैलेंजेज लगातार विवॉल्फ होगी
01:03डिफेंस कोपरेशन के तहट लॉग रेंज स्टैंड ओफ मिसाइल्स, आम ड्रोन्स और लेजर बेस्ट एर डिफेंस सिस्टम्स पर भी
01:11अब भारत और इसरेल के बीच में बातचीत होगी और दोनों देश की कटिंग एज डिफेंस टेकनोलजी एक्सचेंज करने और
01:20जॉइंड प्रोड़क्शन फ्रेम्वर्क्स को एक्स्पैंड करने पर जोर दिया जाएगा
01:25यानि प्रदान मंत्री मोदी जब इसरेल जाएंगे तो हथियारों की बातचीत वो जरूर करकियाएगे
01:32हाला कि इस विजट के दुरान कोई मेजर डिफेंस डील साइन होने की संभावनाएं कम बताई जा रही है
01:39लेकिन सेक्योरिटी कॉपरेशन को इंस्टिशनलाइज किया जाएगा और एक MOU भी फाइनल किया जा सकता है
01:47पिछले साल नवेंबर में डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंग के इसरेल विजट के दरान डिफेंस और टेक्नोलोजी कोपरेशन को एक्स्पैंड
01:55करने के लिए ग्राउंड वर्क तयार किया गया था
01:58उस एग्रीमेंट ने दोनों देशों की बीच लॉंग टर्म स्राटेजिक कॉल उपरेशन की डारेक्शन को भी सेट किया था
02:05अब इसरेल का मल्टी लेड मिसाइल डिफेंस आर्किटेक्चर जिसमें आरो, डेविट स्लिंग और आइरन डोम जैसे सिस्टम्स शामिल हैं दुनिया
02:14के सबसे एडवांस्ट मिसाइल इंटरसेप्शन प्लाटफॉर्म्स में ये माने जाती है
02:18अब इंडिया पहले से ही इसरेल के साथ बारत सुर्फेस टू एर मिसाइल सिस्टम्स पर काम कर रहा है और
02:25इंडियन नेवी लॉंग रेंज बारक मेरियन्स को टेस्ट भी कर रही है ताकि मारिटाइम और एरियल थ्रेट्स का इफेक्टिवली सामना
02:33किया जा सके और ऐसे में
02:35नई मिसाइल्स पर काम करना भारत के डिफेंस के लिए अच्छे संकेत है डिप्लोमाटिक फ्रंट पर भी ये विजिट काफी
02:42सिगनिफिकेंट है इसरेली प्राइम मिनिस्टर बेंजमिन नेतन याहू ने इंडिया को जाइगांटिक पावर बताते हुए इस पार्टनर्श
03:04के बाद दूसरा इसरेल विजिट होगा पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच में डिफेंस टेक्नोलजी आग्रिकल्चर और इनोवेशन
03:12सेक्टर में कोपरेशन काफी डीपन हुआ है अब रिपोल्स के अनुसार आने वाले समय में डिफेंस कोलाबोरेशन का स्क
03:19करने चेल दस बिलियन डॉलर तक भोच सकता है यानि दस बिलियन डॉलर तक के डिफेंस प्रॉडक्स भारत और इसरेल
03:27एक साथ मिल के बनाएंगे
03:29तस बिलियन डॉलर के हतियार ये दोनों देश साथ आके रहेंगे
03:34गुल मिलाकर ये विजिट सिरफ एक डिप्लोमाटिक इंगेजमेंट नहीं है
03:38बलकि भारत और इस्रेल के बीच में strategic trust और defense integration को और मजबूत करने की तरफ एक बड़ा
03:46कदम माना जा रहा है
03:47जहां focus होगा missile shield systems, advanced weapon platforms और long term security partnership पर
03:55यानि अब ये दोनों देश defense के मामले में साथ आकर दुनिया में आगे चलेंगे
04:01और भारत के लिए अच्छी strategy है क्योंकि इस्रेल के हतियार वैसे भी दुनिया भर में सराय जाती है
04:07अब दर्शकों देश और दुनिया से जुड़ी तमाम ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए आप बने रहेए One India के
04:12साथ
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