00:00कि एक फेलड़ बाकी सब बस साय है कि इतफा कमाठर से हश्टिक वह मेरा सौचता था मैंने इसे कमाया
00:17मनें तो इक הי दुनिया में हम सथ
00:19है संसार मगर सद्धा पर आया है कहने को तो सब है लेकिन सब का मतलब माया है
00:24क्या सब श्रुख में बिट जाएगा किया हूं सच में मर जाएंग।
00:29कॉन सुचेगा होने को मेरे जब स्वयम perí श्रुख सोचना पाई।
00:37कॉन हूं मैं यह किस से पूछूं।
00:40सब स्वारस्त में डूब एक हैं,
00:42जाने हैसो कहे का,
00:44ना जाने हैसो बोले।
00:47स्वयम्चित भी मैं कैसे मानने, जब एक संजोग ही मेरा होना है, आधार कहा है मुल्यांकन का, इतिफाक कहा में
00:56खिलोना है, यह काम करना, इसी को ना, एक इत जो बात लिखी है, जिस पर सवाल करना, और छोटी
01:04-छोटी उसमें कलात्मक तब देलियां करते चलना, जैसे तुम
01:09आगे बढ़ोगे, तुमारी कविता आगे बढ़ेगी, कविता को आगे बढ़ने का दरपन साधन सब बना दो, यह बड़े-बड़े लोगों
01:16ने कराए, बहुत सारे फिलोसफर्स हुए है, जिन्हों ने अपनी ही थियोरीज लिए और उनको फिर आगे रिफाइन कराए, क�
01:25कभीर साब भी थे, तो पहले उन्होंने क्या बोला था, कि हेरत हेरत हे सकी रहा कभीर हराई, और बुंद
01:37समानी समुंद में अबकित हेरत जाई, तो वो ट्रेडिशनल जैसी बात हो गई थी, that the small is now disappearing
01:44in the infinite diamonds, और आगे बढ़े, तो बोले हेरत हे सकी रहा कभीर हराई, जो दू
01:53समुंद समाया बुंद में अबकित हेरत जाई, तब तो मसी हो गया अब, तो इसी को अपने आगे बढ़ने का
02:01समझ लो की जर्नल बना लो, जैसे-से मैं आगे बढ़ रहा हूं मेरी कभीता भी आगे बढ़ रही है,
02:06शायद किसी रोज मेरी नीद खुलेगी, सपना ये मेरा �
02:13सपने में एक हकीकत लिख रहा हूं, या हकीकत में एक सपना, खुलती नीद के साथ, शायद ये लिखा हुआ
02:20भी मिठ जाए, इसको लिखे हुए को मिठाते ही चलना, आगे बढ़ते चलना है
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