इतिहास में यह पहली बार हो रहा है:
विशुद्ध अध्यात्म को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के अपने संकल्प के अंतर्गत,
आचार्य प्रशांत ऋभु गीता पर सत्रों की श्रृंखला प्रस्तुत कर रहे हैं।
ऋभु और निदाघ के संवाद के रूप में प्रस्तुत यह गीता, अद्वैत वेदान्त की सबसे तीखी, सबसे “निर्दय” और सबसे सीधे झूठ पर चोट करने वाली ग्रंथ-रचना मानी जाती है
पहला सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है 🔔
अभी जुड़ें ▶️
www.acharyaprashant.org
Comments