00:00एक कहानी थी, अगिन खूर, एक आध बार पहले भी उसका जिक्र करा है, बंगाली की कहानी है, तो उसमें
00:07एक पायर ब्रैंड बिल्कुल क्रांतिकारी, कम्यूनिस्ट लड़का है, वो यूनिवरस्टी में पढ़ता है और कहरा है ये कर दूँगा, वो
00:16कर दूँगा, क्रांति
00:27मैं सब खतम कर दूँगा, उसका जो बाप है, वो बाप सीधा साधा, बिल्कुल मृदल इंसान है, कम बोलता है,
00:35चुप रहता है, ये जब उसके आगे जाकर के बेटा बहुत आग उगलता है, कि दुनिया में इतना गलत है,
00:41ऐसा है, वैसा है, में सब तोड़ देना चाहिए
00:42ये बाप चुप चाप रहता है, अपना बैठा ख़बार पढ़ता है, तो ये बेटा अपने बाप को भूत ताने मारता
00:47है, बोलता है तुहारे भीतर को याग नहीं है, और उस बेटे का नाम उसके साथ के लोगों ने उसका
00:55जो पियर क्रूप उसने लाग दे आग खाने वा
01:10आती है, बुर्जु आप भद्रजन, तुम्हारे कारणी ये दुनिया जैसी चल रही है वैसी है, तो एक दिन वो यही
01:20सब कुछ कर रहा होता है, बाप बैठा है, बाप ऐसे अख़बार नीचे करता है, और उसे बोलता है बेटा
01:24तुम्हे एक बाप बतानी थी, बोलता है क्
01:29तुम्हारी मा का किसी से अफेर था, तो मेरी अउलाद नहीं हो, और ये अगिन खोर ऐसे सुनता है, और
01:40ऐसे लहराता हुआ गिर जाता है, आनी खत्म, कोई रिष्टा है जो सच को जहल सके, कोई रिष्टा है, बन
01:51रहे हैं बहुत करांतिकारी दुनिया में, पर अपनी नि�
01:54बंदगी में सब जूट पर ही तो चल रहा है, कहानी में अतिश्योक्ति थी, आम घरों में ऐसा नहीं होता
02:00कि आउलादें कहीं और से आ रही हो, पर उतना बड़ा नहीं तो छोटा मोटा जूट तो होता ही है,
02:08जूट खटाने का, सच जेलने का दम रखिये,
02:20जो रिष्टा लगातार जूट की खुराक मांगता हो, उसको भूखा मरने दीजिए, उसकी डाइटिंग हो जाएगी, उसकी फास्टिंग है वो,
02:33कुछ बहतर बन कर निकलेगा अब वो, और बहतर माने यह नहीं होता कि प्रेम बढ़ जाएगा, बहतर माने सम्यक
02:40हो जाएग
02:41एप्राप्रियेट हो जाएगा, वैसा हो जाएगा जैसा उसे होना चाहिए
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