00:17पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक ऐसा वीडियो सामने आया है
00:21जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है
00:24अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बी ले ने दावा किया है
00:29कि उसने पाकिस्तानी सेना के जवानों को बंदी बनाया है
00:33और अब जो तस्वीर सामने आ रही है
00:35वो सिर्फ एक सुरक्षा चुनोती नहीं
00:37बलकि राजनीतिक और नैरेटिव की जंग भी बन चुकी है
00:40वीडियो में कई लोग घुटनों के बल बैठे दिखाई देते हैं
00:43वे खुद को पाकिस्तानी सैनिक बताते हुए पहचान पत्र दिखा रहे हैं
00:48और कह रहे हैं कि उन्हें ड्यूटी के दौरान पकड़ा गया
00:50उनमें से एक भावुख होकर कहता है
00:52कि उसने पाकिस्तान के लिए सेवा की
00:54लेकिन अब उसे अपना ही संस्थान पहचानने से इंकार कर रहा है
00:58वीडियो में ये भी दावा किया गया है
01:00कि 14 फरवरी को इन्हें पकड़ा गया
01:02और 22 फरवरी तक कैदियों की अदला बदली को लेकर
01:05बातचीत शुरू करने का अल्टिमेटम दिया गया है
01:08दूसरी और पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है
01:11कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है
01:13और ना ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में है
01:16यही विरोधा भास इस पूरे मामले को और गंभीर बना देता है
01:20अगर सैनिकों के दावे सही है
01:22तो सवाल उठता है कि आधिकारिक स्तर पर उन्हें क्यों नकारा जा रहा है
01:26और अगर सरकार का दावा सही है
01:28तो वीडियों में दिख रहे लोग कौन है
01:30यह वही बिंदू है जहां से मामला सिर्फ एक आतन की घटना नहीं
01:34बलकि राज्य और उगरवादी संगठन के बीच मनोवज्यानिक युद्ध का रूप ले लेता है
01:38बी एल ए लंबे समय से बलूचिस्तान की स्वतंतरता की मांग को लेकर सक्रिये है
01:43उसका रूप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोशन किया जा रहा है
01:48और स्थानिये लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा
01:50इसी प्रिष्ट भूमी में वो पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे जैसे प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाता रहा है
01:58इस खेत्र में पहले से ही सुरक्षा हालात नाजुक है और हालिया घटनाओं ने तनाव को और बढ़ा दिया है
02:04हाल की रिपोर्टों में ये भी सामने आया है कि पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में वृद्धी हुई है
02:09खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे प्रांथ सबसे अधिक प्रभाविद बताए गए है
02:14ऐसे माहौल में अगर सैनिकों की कथिद गिरस्तारी और सरकारी इनकार जैसी स्थिती बनती है
02:19तो इससे जनता के बीच अविश्वास और असुरक्षा की भावना और गहरी हो सकती है
02:24ये मामला सिर्फ साथ या आठ बंदियों का नहीं है
02:27ये उस भरोसे का सवाल है जो किसी भी देश की सेना और सरकार के बीच होना चाहिए
02:32अगर वीडियो वास्तविक है तो ये सुरक्षा विवस्था और संचार प्रणाली पर गंभीर प्रशन चिन्न खड़ा करता है
02:39और अगर ये प्रचार रणमी की है तो ये दर्शाता है कि उग्रवादी संगठन किस तरह भावनात्मक अपील और मीडिया
02:46का इस्तिमाल कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है
02:48आने वाले दिनों में ये साफ होगा कि बातचीत होती है या नहीं और इन लोगों का भविश्य क्या होगा
02:54लेकिन फिलहाल इतना तय है कि बलूचिस्तान का ये प्रकरण पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिर्ता के लिए एक
03:01बड़ी परीक्षा बन चुका है
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