00:12कल्पना कीजिए दोपहर का समय है आस्मान बिलकुल साफ है और अचानक सूरज का उजाला कम होने लगता है रोश्नी
00:21मध्धम पड़ती है और फिर आकाश में बनता है आग की चमकती हुई अंगूठी जैसा अदभुद्रिश्य
00:28आज हम बात कर रहे हैं साल 2026 के पहले सूर्य ग्रहन की एक ऐसी घटना जो विज्ञान के लिए
00:36अध्भुत है और आस्था के लिए विशेश सबसे बड़ा सवाल कितने बजी लगेगा सूर्य ग्रहन भारतिय समय के अनुसार साल
00:442026 का पहला सूर्य ग्रहन दोपहर 3.26 मिनट प
00:5757 मिनट पर कुलवधी लगभग 4 घंटे 32 मिनट इस ग्रहन के दोरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से
01:07को ढख लेगा लेकिन भ्यान दीजे चंद्रमा सूर्य से थोड़ा छोटा दिखाई देता है इसलिए वो उसे पूरी तरह ढख
01:14नहीं पाता ऐसी स्थित
01:15सूर्य का केवल बाहरी किनारा चमकता हुआ दिखाई देता है जैसे आग की गोलंग उठी इसलिए इसे कहा जाता है
01:23रिंग ओफ फायर यह अद्भध द्रिश्य करीब 2 मिनिट 20 सेकंड तक रहेगा लेकिन क्या भारत में दिखाई देगा ये
01:31ग्रहन नहीं ये सूर्य ग्रहन
01:33भारत में दिखाई नहीं देगा ग्रहन वहीं दिखाई देता है जहां चंद्रमा की चाया प्रित्वी पर पड़ती है इस बार
01:39ये चाया भारत पर नहीं पड़ेगी तो किन देशों में दिखेगा ये ग्रहन ये ग्रहन मुख्य रूट से इन शेत्रों
01:46में दिखाई देगा
01:47South Africa, Zimbabwe, Zambia, Tanzania, Mauritius, Antarctica और दक्षन अमेरिका के कुछ हिस्सों जैसे Argentina, चिली में
01:57इन देशों में रहने वाले लोग स्थानिय समय के अनुसार इस ग्रहन को देख पाएंगे
02:01क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
02:04शास्त्रों के अनुसार ग्रहन का प्रभाव वही माना जाता है, जहां वो दिखाई देता है
02:09चूकि ये ग्रहन भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा
02:14मंदिरों के पट बन नहीं होंगे, खाने पीने पर कोई रोक नहीं, गर्भवती महिलाओं को चिंता की जरूरत नहीं
02:20यानि भारत में सामान्य दिन चर्या जारी रहेगी
02:23अब जानते हैं सूर्य ग्रहन आखिर होता कैसे है?
02:27जब सूर्य चंद्रमा और प्रित्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य और प्रित्वी के बीच आ जाता
02:33है, तब चंद्रमा की छाया प्रित्वी पर पड़ती है
02:36जहां जहां ये छाया पड़ती है, वहां सूर्य ग्रहन दिखाई देता है
02:40ये पूरी तरह प्राकृतिक और खगोल य घटना है जोतिश के अनुसार ये ग्रहन कुम्भ राशी और धनिष्ठा नक्षत्र में
02:47लग रहा है
02:47कुछ जोतिश ये गढ़नाओं में बताया जा रहा है कि ग्रहन के समय मिथुन लगन रहेगा
02:53सूर्य चंद्रमा और राहु की यूती बनेगी मंगल अश्टम भाव में अस्त रहेंगे
02:58धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहन के समय भोजन नहीं करना चाहिए
03:03कहा जाता है कि इस समय वातावरण में सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं
03:07हाला कि वैज्ञानिक रूप से इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है इसलिए ये पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था का विशय है
03:13ग्रहन के दौरान क्या करें चुंकि भारत में ये ग्रहन दिखाई नहीं देगा इसलिए यहां किसी विशेश सावधानी की जरूरत
03:20नहीं है
03:20जहां ग्रहन दिखाई देगा वहां लोग मंत्र जब कर सकते हैं ध्यान या पूजा कर सकते हैं ग्रहन समाप्ती के
03:27बाद सनान और दान कर सकते हैं
03:29तो कुल मिलाकर साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहन वैज्ञानिक द्रिष्टी से बेहद रोचक और द्रिष्य रूप से अदभूत होने
03:37वाला है।
03:38भारत में भले ही ये दिखाई न दे लेकिन रिंग ओफ फायर का ये खगोल्य नजारा दुनिया के कुछ हिस्सों
03:44में इतिहास का खुबसूरत अध्याई जोड़ देगा।
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