00:00मेंसे पूर्व, कॉंग्रेस पार्टी के नेता मानिय ससी थरूर जी जो बात कह रहे थे
00:07उन्होंने बहुत सारे आकड़े दिये हैं
00:12सवापती, मौदे, वही मिलते जुलते आकड़े हमारे पास भी हैं
00:18जब कभी जवाब आए तो शायद उन्हाखनों का जवाब भी आए
00:22और जब वो अपनी बातों को खतम कर रहे थे
00:26तो वो एक शेर पढ़के गए हैं
00:30मिर्जा गालिब का शेर पढ़के गए हैं सवापती, मौदे
00:35सवापती, मौदे, यही शेर
00:38अगर बीजेपी को पढ़ना होता
00:42तो बीजेपी कैसे पढ़ती
00:44अगर यही शेर बीजेपी को पढ़ना पढ़ता
00:49तो वो पढ़ते
00:51कि हमको मालूम है
00:54सुर्ग की सच्चाई
00:56लेकिन दिल को बहलाने का गालिव
01:01यह ख्याल की जगे सोच अच्छा है
01:08सबापती मौदे यही फर्क है
01:11सबका साथ
01:14सबका विकास
01:16सबापती मौदे बोलने से पहले
01:20मैं जब बजट को देख रहा था
01:26और अकसर सरकार को पिछले कई सालों से चलता हूँ
01:30मैं कहना चाहता हूँ
01:35क्यों जूटे ख्यालों में दिन रात करें
01:37जो बनाते हवा में बातों के महल
01:42आओ उनसे कुछ जमीनी बात करें
01:45सबापती मौदे
01:50बजट आने से पहले और बजट आने के बात पूरा देश
01:58और पूरे देश में ये बहत शल लही थी कि अमरीका को लेकर के डील होने जा रही है
02:06सबापती मौदे मुझे से पहले अभी जो भाती जंता पार्टी की मानिया सदस से बोल रही थी
02:12और भाती जंता पार्टी का ये पक्ष है कि मैं हम लोगों ने दुनिया में बहुत सारे देशों से
02:19फ्री ट्रेड एग्रिमेंट कर लिया है सबापती मौदे मैं बाती जंता पार्टी की सरकार से जानना चाहूंगा
02:27अभी कितने देश और बचें जिससे आप फ्री ट्रेड एग्रिमेंट नहीं कर पाई है
02:31कुछ ऐसे भी देश बचें होंगे शायद जिनसे आपके इक्षा होगी कि हम फ्री ट्रेड एग्रिमेंट कर लें
02:40और सबापती मौदे के फ्री ट्रेड एग्रिमेंट हो भी जाते हैं
02:44जो लोग कभी रुपए के बारे में बहुत चिंता करते थे
02:48कभी कभी उम्र से कभी कभी दूसे लोगों के उससे जोड़ देते थे
02:54इतने सब फ्री ट्रेड एग्रिमेंट होने के बाद
02:59और अमरीका से डील ने ढील हुई है
03:03उसके बाद हमारा रुपए कहां पहुँचेगा
03:08और अगर यही डील होनी थी
03:11तो ग्यारे महीने इंतजार क्यों कराया
03:15अगर यही डील होनी थी सबाब पर थी महुदे
03:19तो ग्यारे महीने किस बात का इंतजार था
03:21हमारे कारबारियों को
03:23या हमारे जितने भी उद्द्योग से जुड़े लोग है
03:26उनके साथ यह परिशानी क्यों
03:28बजट पर सबसे पहला सवाल यही है
03:34कि डील पहले वनी है बजट
03:38और बजट का हलवा यहाँ जाद है बठा के वहाँ
03:58बजट के वहाँ जाद है
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