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Bangladesh Election 2026: क्या ढाका में कट्टरपंथी सरकार आने वाली है? सर्वे के नतीजों ने भारत की सुरक्षा और पूर्वी सीमा की स्थिरता को लेकर खड़े किए बड़े सवाल।
बांग्लादेश में होने जा रहे 13वें संसदीय चुनाव केवल एक देश की सत्ता का फैसला नहीं करेंगे, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन को बदल सकते हैं। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यह पहला मौका है जब बांग्लादेश के नागरिक अपनी नई सरकार चुनेंगे। लेकिन चुनाव से ठीक पहले आए एक नए सर्वे ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी (IILD) के ताज़ा सर्वे के मुताबिक, तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) गठबंधन 44.1% वोट शेयर के साथ सबसे आगे दिख रहा है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात 'जमात-ए-इस्लामी' के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन की बढ़त है, जो 43.9% वोट शेयर के साथ बेहद करीब है। यह मामूली अंतर किसी भी तरफ पासा पलट सकता है।
भारत के लिए चिंता की बात यह है कि जमात-ए-इस्लामी का इतिहास भारत विरोधी रहा है और वह कट्टरपंथी विचारधारा का समर्थक माना जाता है। अगर बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें मजबूत होती हैं, तो इसका सीधा असर भारत की सुरक्षा और बॉर्डर मैनेजमेंट पर पड़ेगा। इस वीडियो में हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे ढाका की राजनीति का यह 'तराजू' दिल्ली की टेंशन बढ़ा रहा है।
About the Story:
This video provides an in-depth analysis of the upcoming 13th Parliamentary elections in Bangladesh following the fall of the Sheikh Hasina government. We discuss the latest survey by the International Institute of Law and Diplomacy, highlighting the neck-to-neck fight between Tarique Rahman's BNP and the Jamaat-e-Islami alliance, and its potential impact on India's national security.

#BangladeshElection #IndiaBangladesh #Yunus #BNP #TariqueRahman #BreakingNews #OneindiaHindi #Geopolitics

~ED.108~HT.408~

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Transcript
00:00धाका की सत्ता का तराजू डोल रहा है और उसकी सुई दिल्ली की तरफ इशारा कर रही है
00:04बंगलादेश में होने जा रहे तेरवे संसदिय चुनाव सिर्फ धाका की सरकार तै नहीं करेंगे
00:10बलकि भारत की पुर्वी सीमा की राजूनीती और सुरक्षा की दिशा भी तै कर सकते हैं
00:15चुनाव से ठीक दो दिन पहले आये सर्वे ने एक ऐसा संकेत दिया है जुसने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है
00:22जमाते इसलामी की बढ़त कटर इसलामी राजूनीती खुला भारत विरोध और बेहदकरी भी मुकाबला भारत के लिए कैसी चिंता आये विस्तार से समझते हैं
00:33नमस्कार मेरा नाम है रिचा और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदे बांगलादेश में होने वाले चुनाव पर पूरे दक्षिन एशिया की नजर्टी की हुई है
00:40शेक हसीना सरकार के पतन के बाद ये बंगलादेश का पहला आम चुनाव है ऐसे में ये सिर्फ सत्ता परिवर्तर नहीं बलकि देश की वैचारी के दुशा तैक करने वाला चुनाव माना जा रहा है
00:50International Institute of Law and Diplomacy के ताजा सर्वे के मुताबक तारिक रह्मान के नित्रित्व वाला बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी अनि BNP गटबंधन 44.1 फीसदी वोट शेर के साथ मामूली बढ़त में है
01:03जबकि जबकि जबाते इस्लामी के नित्रित्व वाला 11 दलो का गटबंधन 43.9 फीसदी पर है
01:10मत प्रतिशत का अंतर आपको बहुत मामूली लग रहा होगा लेकिन सीटों का खेल ज्यादा चौक आने वाला है
01:15सर्वे के अनुसार जमात गट बंधन को 105 सीटों पर लगभग तय जीत मिल सकती है
01:21जबकि BNP गट बंधन 101 सीटों पर आगे है
01:24करीब 75 सीटे ऐसी हैं जहां काटे की टकर है और यहीं से अनिश्यतदा पैदा होती है
01:29बांगलादेश की संसद में कुल 350 सीटे हैं इनमें से 300 पर सीधे चुनाव होते हैं
01:35और 50 सीटे महिलाओं के लिए आरक्षित हैं जो परिनामों के अनुपात में बाटी जाती है
01:40सरकार बनाने के लिए 157 सीटों का बहुमत जरूरी है ऐसे में जमात की मजबूती भारत के लिए खत्रे की घंटी मानी जा रही है
01:47अलगी एक दूसरा सर्वे एमिनेंस एसोसेशन फॉर सोशल डेवलप्मेंट पूरी तरह से अलग तस्वीर पेश करता है
01:53इस सर्वे के मुताबिक BNP गटबंदन को भारी बहुमत मिल सकता है और वो 208 सीटे जीत सकता है
01:59असाकलन में जमात गटबंदन सिर्फ 46 सीटों तक सिमर्टा दिखाया गया है
02:03वोटर पसंद के स्तर पर भी BNP को 66.3 फीसदी समर्थन बताया गया है जबकि जमात को महज 11.9 फीसदी
02:12भारत के लिए इस्तिती रहत और चिंता दोनों का मिश्रन है
02:15रहत इसलिए कि BNP अब खुद को एक उदार मध्यमार्गी ताकत के रूप में पेश कर रही है
02:20वही राजनीतिक स्पेस जिससे पहले आवामी लीग भरती थी चिंता इसलिए क्योंकि जमाते इसलाम में खुल कर भारत विरोधी रुकर रखती है
02:28और नई छात्राधारित पार्टी NCP भी भारत पर सकत रेखा खीचती दिखती है
02:33बिन पी गना रहा है दोस्ती तो ठीक है लेकिन मालिकाना नहीं यानि कि मालिक नहीं यानि भारत से दूरी नहीं लेकिन दबाब भी नहीं
02:41माना जा रहा है कि अगर बिन पी सकता में आती है तो नई दिल्ली तारिक रह्मान से रिष्टे सुधारने की कोशिश करेगी
02:47विदेश मंत्री एस जैशंकर और तारिक रहमान की हालिया मुलाकात को इसे दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है
02:54इस चुनाव के प्रिष्ट भूमी बेहत अशांत रही है
02:57अगस 24 में छातरा अंदोलन के बाद शेक हसीना को देश छोड़ना पड़ा
03:01अंतरिम नेता मुहमद यूनुस के दोर में बंगलादेश में हिंसा, प्रिदर्शन और अल्प संख्य को खास कर हिंदू ओपर हमलों का दोर देखा
03:09इसके बाद भारत बंगलादेश रिष्टों में भी तलखी आई
03:13भारत ने सुरक्षा कारणों से वीज़ा प्रतिवंध लगाए और चुनाव से पहले अपने राजनाईकों के परिवारों को वापस बुला लिया
03:20अब सवाल सिधा है अगर जमात जैसी कटर और भारत विरोधी ताकते मजबूत होती हैं तो क्या पुर्वी सीमा पर नई चुनावती खड़ी होगी
03:28अवैद घुसपैट सीमा पारपराध कटर पंत और अल्प संक्य को पर दबाव
03:33ये सारे मुद्बे फिर उभर सकते हैं पेरहाल 12 फरवरी को वोने वाला मदान सिर्फ बांगलादेश के सरकार नहीं बलकि भारत की रणनेतिक चुनता की दुशा भी तय करेगा
03:44उस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखती रहें One India Hindi
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