00:00सबापती बहुते बोलने से पहले
00:02मैं जब बजट को देख रहा था
00:08और अक्सास सरकार को पिछले कई सालों से चलता हुआ में देख रहा हूँ
00:13मैं कहना चाहता हूँ क्यों जूटे ख्यालों में दिन रात करें
00:19जो बनाते हवा में बातों के महल
00:24आओ इसे कुछ जमीनी बात करें
00:27सबापती मौद है
00:32बजट आने से पहले और बजट आने के बाद
00:37पूरा देश और पूरे देश में बहुत शल लई थी कि
00:44अमरीका को लेकर के डील होने जा रही है
00:48सबापती मौद है मुझसे पहले अभी जो भाती जन्ता पार्टी की मानिया सदस से बोल रही थी
00:54और भाती जन्ता पार्टी का ये पक्ष है कि मैं हम लोगों ने दुनिया में
00:59बहुत सारे देशों से फ्री ट्रेड एग्रिमेंट कर लिया है
01:03सबापती मौद है मैं भाती जन्ता पार्टी की सरकार से जानना चाहूंगा
01:08अभी कितने देश और बचें जिससे आप फ्री ट्रेड एग्रिमेंट नहीं कर पाएं
01:13कुछ ऐसे भी देश बचें होंगे शायद जिनसे आपके इक्षा होगी कि हम फ्री ट्रेड एग्रिमेंट कर लें
01:22और सबापती मौद है कि फ्री ट्रेड एग्रिमेंट हो भी जाते हैं
01:26जो लोग कभी रुपए के बारे में बहुत चिंता करते थे
01:30कभी कभी उम्र से कभी कभी दूसे लोगों के उस से जोड़ देते थे
01:36इतने सब फ्री ट्रेड एग्रिमेंट होने के बाद
01:41और अमरीका से डील ने ढील हुई है
01:45उसके बाद हमारा रुपया कहां पहुँचेगा
01:50और अगर यही डील होनी थी
01:53तो 11 महीने इंतजार क्यों कराया
01:57अगर यही डील होनी थी सबाब पहती है
02:01तो 11 महीने किस बाद का इंतजार था हमारे कारबारियों को
02:04या हमारे जितने भी उद्योग से जुड़े लोग हैं
02:08उनके साथ यह परिशानी क्यों
02:13बजट पर सबसे पहला सवाल यही है
02:16कि डील पहले वनी है बजट
02:20और बजट का हलवा यहाँ ज़्यादा बठा के वहाँ
02:29सवापती मोजे
02:33सुदेसी आत्म निर्भर
02:37यह शब्द तो बहुत अच्छे लगते है
02:39लेकिन जब डील हो गई है
02:43तो क्या इस बजट को लाने से पहले
02:46आत्म निर्भरता
02:49और सुदेसी को अपने अपने शब्द को से हटा दिया है
02:53या इसको उल्टे अर्थ में विलोम शब्द को उसमें डाल दिया है
02:57और यह डील नहीं है जो हम आप सब समझ पा रहे है
03:02शाए 75 के लोग यह नहीं समझ पा रहे होंगे
03:06लेकिन पूरा देश समझ रहा है
03:09कि हमने अपना बजार एक बार और खोल दिया है
03:13500 बिलियन डॉलर का वैपार एक तरफा
03:19हमारे आत्म ने भरता कहां जाएगी
03:22स्वधेशी नारा हमारा कहां जाएगा
03:26हमारे देश की जनता भाजपा से कह रही है
03:32कि जहां तक हमें मालूम है
03:35दील एक तरफा नहीं होती है
03:38क्या ये बनी वहां पहुँची यहां जहां जैसे कोई
03:43एक पच्छी माम रहा हो
03:46जनता भाजपा से ये भी जानना चाहती है
03:50कि जीरो बड़ा के अठारा
03:53सवापती महदे
03:59भाजपा का समझोता गड़ित क्या ये है कि अठारा
04:04जीरो के बराबर है
04:06क्या अठारा हमारा जीरो के बराबर है
04:09देश के किसानों दुकानों देवों को बचाने के लिए
04:16खोकले शब्दों के अलावा भाजपा के पास
04:20कोई और सुरक्षा कबच या सुरक्षा योजणा है के नहीं है
04:23इसलिए मैं सभापती महोदे कहना चाहता हूँ
04:27ये बजट दिशाहीन है
04:32इस बजट में कोई विजण नहीं है कि
04:372047 तक हमारा देश विक्सित भारत बन जाएगा
04:42और हम जैसे लोग को समाजबादियों को तो सरकार से
04:46पहले ही उम्मीद नहीं थी
04:48और जिस सरकार से उम्मीद नहों उसकी बजट से क्या उम्मीद होगी
04:52इस बजट में
04:55पीडिय के लिए कुछ भी नहीं है
04:58कोई योजना
05:00दलित पिश्रा महिला गरीब अलस्मा क्या नवियुक के विकास के लिए नहीं लाई गई है
05:04ऐसा लग रहा है कि सरकार ने इनके बारे में सोचना ही छोड़ दिया है
05:09और अगर जीडीपी हमारी 7% है
05:14और नॉमिनल जीडीपी की ग्रोथ केवल 8% है
05:20जो कि लगबग 12% होनी चाहिए थी
05:24इसके कारण लोगों के हाथ में कम पैसा है
05:27और कारण ये भी लगता है कि हमारा प्राइवेट इंवेस्टमेंट नहीं आ पा रहा है
05:32जो लोग ये कहते हैं कि हम प्रतिव्यक्ति आय बढ़ा रहे हैं
05:40जो आकड़े हमारे पास है जो जानकारी हमारे पास है
05:45वो आकड़ा यही कहता है
05:47कि 3000 डॉलर के लगब प्रतिव्यक्ति आय हमारी है
05:51और अगर हम दुनिया से जब इतना ही जुड़ गए है
05:54तो 2025 की जो रैंकिंग है
05:57हमारा इस्थान 144 माए 144 है
06:02तो जहां हम इतना 10-11-12 साथ से
06:07हम इतने बजट ला रहे हैं
06:09कि हमारे पर कैपिटा इंकम लोगों की नहीं बढ़ पाई
06:11और सदन में इसी सदन में
06:14कई बार ये पूछा गया कि जो लोग
06:17राशन प्रात कर रहे हैं
06:21गरीबी रेखा से नीचे हैं
06:23कम से कम उनकी पर कैपिटा इंकम क्या ये
06:25तो बताना ही चाहिए सरकार को
06:27और पिशड़े पन को दूर करने के लिए
06:31कोई विजन नहीं दिखता है
06:32इस बजट में
06:34जैसे
06:37जब बजट आता है
06:39तो बजट में ढूंडते हैं हम लोग
06:41कि हमारे स्टेट के लिए
06:43क्या और खास नया आया होगा
06:45उत्तर प्रदेश
06:47जैसा है प्रदेश जहां पर
06:49डबल इंजिन
06:51की सरकार को बहुत कुछ कहा जाता है
06:53कि डबल इंजिन की सरकार है हम
06:55विकास भी डबल करेंगे
06:56लेकिन मैं देखता हूँ
06:59उत्तर प्रदेश के लिए कोई खास योजना
07:00ऐसी नहीं आई है
07:01जिससे उत्तर प्रदेश के 25 करद
07:04लोगों को कुछ
07:05मुख की धारा से जोड़ा जाए
07:08वैसे तो बड़े-बड़ी योजना
07:11बताई जा रही है
07:12कि हमारे कई
07:14अब बने है उत्तर प्रदेश
07:20जहां से प्रदान बंतीजी आते है
07:22वह विश्वे जो बनेंगे
07:24बनेंगे एक्सप्रेश बे
07:25लेकिन भारत सरकार के بज़ट से
07:28कोई भी अभी एक्सप्रेश बे वहां पर नहीं बना
07:30अगर कोई बना हो
07:34नया बन रहा हो
07:35बड़ा बन रहा हो तो बताएं
07:37और जो बने भी हैं
07:39वो उस बानक उस क्वालिटी के नहीं है
07:41जिस क्वालिटी के आज
07:43विक्सित भारत के एक्सप्रेस बे होने चाहिए
07:45जो लोग भिष्ट अचार पर बड़े बड़े सवाल उठाते हैं
07:51वो कम से कम अपनी सड़कों को देखें
07:54अपने एक्सेरिज को देखें कि
07:55उन्होंने क्या बना करके खड़ा इतने हजारों करों पर खर्च करने के बाद
07:59इनके सबसे पहले परधान मंत्री
08:02असल बहरी बाच्पई जी
08:05उनके नाम से कोई एक्सप्रेस बे बना था
08:09सवापती मोधे हम लोगों ने अखवारों में पढ़ा
08:13कई लोग स्टेटमेंट भी देते हैं
08:16कि हम एक्सप्रेस बे बना रहे हैं
08:18उनके नाम से बनने के साथ साथ
08:21उनका नाम भी बदल दिया
08:22पहले वो चंबल एक्सप्रेस बे बन रहा था
08:26फिट हलल जी के नाम से एक्सप्रेस बें बन रहा था
08:29लगता है वो जमीन पर नहीं उतरा है वो केबल कागजों पर बन रहा था
08:33तो ये तो एक्सप्रेस बें की बात हुई
08:37सबसे बड़ा सवाल ये है कि किसान को लेकर के
08:42इन्होंने का कि किसान की हम आई दो गुनी कर देंगे
08:46आज हमारा किसान इस उदारी कर्ड में कहां ख़ड़ा है
08:52जिस किसान को लेकर के पूरे देश के सबी रांदे तेक दल चिंतित रहते हैं
09:01इस डील के बाद हमारे किसानों का हाल क्या होगा
09:05और जब सब कुछ विदेश से ही आएगा
09:08तो हमारा किसान भारत में क्या होगा एगर जमीन पर क्या होगा
09:13और क्या बेच पाएगा
09:16सभापती मौदस सरकार ने बड़ा बड़ा बजट पेश किया
09:21कहा कि हम एडिकल्चर इंफ्रसेक्चर तयार करेंगे
09:23एडिकल्चर इंफ्रसेक्चर से हम मंडिया तयार करेंगे
09:28बज़ार तयार करेंगे
09:29MSP लागू करेंगे
09:31हमारे किसान
09:33जब काले कानून के खिलाव ड़र रहे थे
09:37बड़ी संख्या में जान चली गए
09:40उसके बाद सरकार कहीं
09:43पीशे हटी और उन्होंने काले कानून बापिस लिये
09:45लेकिन आज भी किसानों को
09:47जो कानूनी गारंटी मिलनी चाहिए
09:51वो अभी तक MSP की कानूनी गारंटी
09:53सरकार नहीं दे पाई है
09:54और जो तेज क्रॉप और होटी कर्चर क्रॉप
09:59और दूद को लेकर खे
10:00सरकार दाबा करती कि
10:02हम सब्जिया इतना होटी कर्चर क्रॉप
10:04हमारी इतनी ग्रोव कर गए है
10:05हम दुनिया में इतना पैता कर रहे हैं
10:08दूद के जब आकड़े बताते हैं
10:10कि दूद का उत्पादन इतना कर रहे हैं
10:12और अगर आपका
10:14बजट ही विक्सित भारत का बजट है
10:16तो हमारे होटी कर्चर क्रॉप
10:19और जो हमारा किसान
10:22दूद का उत्पादन कर रहा है
10:23पैदा दूद का उत्पादन हो रहा है
10:25उसके लिए
10:27MSP की गारंटी कब देंगे
10:29और गारंटी हम लोग इसलिए मांग रहे हैं
10:34क्योंकि उसको घर कैसे बनाएगा
10:37घर कैसे चलाएगा
10:38अगर उसको लाब नहीं मिलेगा
10:41बच्चों को कैसे पढ़ाएगा
10:43अपनी बेटियों को हसी कुशी बिदा कैसे कर पाएगा
10:46और इधर तो जहां फसल की कीमत नहीं मिल पा रही है
10:50सबापती मौद सोने की
10:53भाव कहां पहुंच गए है
10:54पहले गरीब सोस्ता था
10:57जब हम अपनी बेटी की बिदा करेंगे
11:00तो कुश सोने का एक सावान खरीद करके दे देंगे उसको
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