कर्पूरचंद कुलिश की जन्म शताब्दी समारोह शृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को सरहदी जैसलमेर जिले के पोकरण कस्बे में स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशामुक्ति विषय पर जागरुकता सेमिनार का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त करने, सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और नशामुक्ति का संकल्प दिलाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता राजकीय जिला चिकित्सालय के मनोरोग विशेषज्ञ एवं नशामुक्ति के जिला नॉडल अधिकारी डॉ.जितेन्द्र नरानिया ने मानसिक रोग कोई कमजोरी नहीं, बल्कि चिकित्सकीय समस्या है। जिसका समय पर उपचार संभव है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद, नींद की समस्या या व्यवहार में बदलाव होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और बिना किसी झिझक व गलत धारणाओं में नहीं रहकर उपचार लेना चाहिए। उन्होंने परीक्षाओं के दौरान तनाव व अवसाद नहीं लेने की बात कही और सकारात्मक सोच के साथ उच्च शिक्षा अर्जित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवाओं में मानसिक समस्या, डिप्रेशन बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इसका उपचार संभव है। जिसे छिपाने की बजाय खुलकर बात करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया और नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक व सामाजिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। समय पर सही परामर्श, परिवार का सहयोग व सकारात्मक सोच से नशे की लत को बिना भय व भ्रांति के छोड़ा जा सकता है।
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