00:00मीठे बच्चे, तुम मुझे याद करो और प्यार करो, क्योंकि मैं ही तुम्हें सदा सुखी बनाने आया हूँ।
00:08प्रश्न
00:08जिन बच्चों से गफलत होती रहती है, उनके मुख से कौन से बोल स्वतह निकल जाते हैं।
00:15उत्तर
00:16तकदीर में जो होगा वो मिल जाएगा, स्वर्ग में तो जाएंगे ही, बाबा कहते ये बोल पुरुशार्थी बच्चों के नहीं, उच मर्तबा पाने का ही पुरुशार्थ करना है, जब बाप आए हैं उच मर्तबा देने, तो गफलत मत करो।
00:32धारणा के लिए मुख्यसार
00:34पहला, खुशी में रहने के लिए याद की मेहनत करनी है, याद का बल आत्मा को सतो प्रधान बनाने वाला है, प्यार से एक बाप को याद करना है, दूसरा, उच मर्तबा पाने के लिए पढ़ाई पर पूरा-पूरा ध्यान देना है, ऐसे नहीं जो तकदीर में होगा, ग�
01:04नश्टो मोहा बनने के लिए सिर्फ अपने स्मृती स्वरूप को परिवर्तन करो, मोह तब आता है जब ये स्मृती रहती है कि हम ग्रहस्ती हैं, हमारा घर, हमारा संबंध है, अब इस हद की जिम्मेदारी को बेहद की जिम्मेदारी में परिवर्तन कर दो, बेहद की जिम्
01:34Transcription by CastingWords
02:04जहां संगठित रूप में सभी की एक मत है, आपस में एक दो के प्रती विश्वास है, वहां सफलता गले का हार है. संसकार भिन भिन है और रहेंगे भी, लेकिन अगर कोई का संसकार टकराने वाला है, तो दूसरा ताली नहीं बजावे. हर एक अपने को चेंज कर ले, तो एक
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