00:00मीठे बच्चे, तुम्हें पावन दुनिया में चलना है. इसलिए काम महाशत्रू पर जीत पानी है. काम जीत जगत जीत बनना है.
00:11प्रश्न
00:12हर एक अपनी अक्टिविटी से कौन सा साक्षातकार सब को करा सकते हैं?
00:18उत्तर
00:19मैं हंस हूँ या बगुला हूँ. ये हर एक अपनी अक्टिविटी से सब को साक्षातकार करा सकते हैं. क्योंकि हंस कभी किसी को दुख नहीं देंगे. बगुले दुख देते हैं. वो विकारी होते हैं. तुम बच्चे अभी बगुले से हंस बने हो. तुम पारस बुद्धी �
00:49इस डर्टी दुनिया से दिल नहीं लगानी है. दो. पवित्रता का पूरा-पूरा सबूत देना है. सबसे उचा क्यारेक्टर ही पवित्रता है. अपने आपको सुधारने के लिए पवित्र जरूर बनना है. वर्दान. त्रिकाल दर्शी स्थिती में स्थित रह सदा अचल �
01:19ये क्या? ये question mark न हो. सदा full stop. Nothing new. हर आत्मा के पार्ट को अच्छी तरह से जानकर पार्ट में आओ. आत्माओं के संबंध संपर्क में आते, न्यारे और प्यारे पन की समानता रहे, तो हल्चल समाप्त हो जाएगी. ऐसे सदा अचल और साक्षी रहना, यही है नंबर वन त
01:49अव्यक्त इशारे इस अव्यक्त मास में बंधन मुक्त रहे, जीवन मुक्त स्थिती का अनुभव करो. आप लोगों का स्लोगन है, मुक्ती और जीवन मुक्ती हमारा जन्म सिध्ध दधिकार है. परम धाम में तो ये पता ही नहीं पड़ेगा कि मुक्ती क्या है, जीवन म�
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