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  • 5 hours ago
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि नियमों के कुछ प्रावधान अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखी और सरकार तथा UGC से नियमों पर दोबारा विचार करने की मांग की।
कोर्ट ने केंद्र सरकार और UGC को नया ड्राफ्ट तैयार करने और इस पर व्यापक परामर्श करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। फिलहाल 2012 के UGC नियम लागू रहेंगे।

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00:00ये केंपस में हम जगड़ा नहीं चाहते हैं, मैं विश्दलक अज्जेक्स रहा हूँ और हमें सब जातियों को साथ लेकर चले
00:05लेकिन ऐसी हैस्टी का अरक्षन और उसके बाद ओबीसी को जब जोड़ा गया, इस्टेट का अंदर देश का अंदर नवबे के लिए उस्टेट का अंदर नवबे के लिए उसके लिए.
00:10बाद मंडल कमिशन आया तो नबे से लेके 35 साल से आरक्शन वे उस्ता चल रही है
00:15सतर साल से आरक्शन वे उस्ताई देश के अंदर चल रही है
00:17कई स्टेट के अंदर को आरक्शन पैसेट परशेंट ज़्यादा
00:20करते लगे हमां की स्टेट रोड दिल्ली मिलके करते हैं
00:22सुप्रीम कोड करता पता से जादा नहीं होना ची के स्टेट
00:25पैसेट परशेंट आरक्शन आरक्शन आरक्शित वर्गों को भी बेग लोग नहीं बढ़े जा रहे हैं उनको गलत तरीके से
00:30दूसरे लोगों के एंट्री कर रहा है कि उनका अरक्शन खीना जा रहा है कि हम देखर प्रिवेट सेक्टर में जगी जगा आप देखर
00:35करो वारिशन की बहुतता नहीं कहीं कहीं कहीं कहीं लोगों के मन के अंदर ही होता जैसी ऐसी एस
00:40के साथ OBC नाम आता है वो डर जाते हैं कि एसी एस्टी OBC मैं यह कह रहा हूं कि
00:45जब सरकार ने जो रूल सरकार लेकर आई और यूजी से ने गाइड लैंड जारी कर दी
00:50रूल बनाया तो यूजी से जब रूल बनाया तो सरकार की जानकारी के अंदर ये था और जानकारी में था
00:55तो अब सरकार बेक नहीं हो सकते हैं सरकार को सुप्रेम बनाया इस्टेंड लैड़क जिये
00:58मैं यह कह रहा हूं इसके दर एक
01:00क्लाइन ये भी डालने चीए कि एसी एस्टी ओबी सिकत साथ साथ परतेक छात रहे
01:05साथ उसकी कोई भी जाती हो अगर उसको अपनित क्या गया उसकी रेकिंग होई या दूसरा हो
01:10तो उस उन जो आरोपियं उनके खिशाब कड़ी कारवई होनी थी जाती है
01:15मैंने इसता टेमपस में नहीं बढ़नी चीए लेकिन ओभी सी से मुझे ने लगता कि एसी एस्टी का आरक्शन लंबे से
01:20हमें से और ओभी सी का में नबे से अब एकदम से बात कहा से उट गई और दूसरा
01:25मुझे तो लगता कई मामलों कि आप सरकार भी बेग डोर से दूसरे दबाव बनाती है
01:30दूसरे तो अब सरकार अगर इस ट्रेंड बदलती है तो डेस में मैसे जाएगा कि सरकार ने
01:35नहीं यह दूसरे ने कराया और सरकार अगर इस ट्रेंड बे रह जाती है तो सरकार की मजबूती का मैसे जाएगा
01:40सरकार को तेकर ना क्या करती है सरकार नेकिन एक यह मैसेज था तामाने वर को यह लग रहा था कि अगर गलत शिक
01:45हो गई तो हम सामाने वर्क के खिलाब थोड़ी हैं अमने तार्थी गादार पर रादस्तान में अरक्षन की मजबूत
01:50करी थी कि आर्थी गादार फिर आरक्षन दोपर ठेक जाती को लेकिन इसका मतलब यह नहीं जो आरक
01:55अरक्षिद्वर्ग है उनको कुछन कुछ तो मिलना चीन है अरक्षिद्वर्ग जब आप एड्मिशन में आरक्षन दे रहे हो
02:00तो जिससे से से से स्टी का जो एक प्रणाव वे से स्टी के चात्रम बगर
02:05तो उनके लिए कानून अलग प्रावदान रखता है
02:10क्यों नहीं हो और ओबी सी को जो आरक्षिद्वर्ग मिल रहा अभी आरक्षिद्वर्ग बढ़ना ची जन्गर्णा के इसाब
02:15प्राइड लाइन पर डोक लगा दिया है तो ठीकी तो आच्छा किया है एक जो इसी गाइड
02:20प्राइंड लाइन अनकॉंस्टूशनल इंलीगल था और सुप्रीम कोड ने जो आपको पासे सुन रहा
02:25है हम तो अंदर में थे जो वा तो अच्छा हुआ हो तो हम लोग का बात ही था इसको
02:30बंद करना है अब आच्छे आप पिछले बात देखा है तो आओ अब
02:35वाकप बील में बहुत सब प्राविशन को स्टे कर दिया अब यह साइन में देख रहा है
02:40जे बंगॉल में बहुत सा चेंज कर दिया है और फिर आओ भी चेंज कर दिया है
02:45यह कोई तुगला की राजथ तो नहीं चलेगा डिसकाट
02:50सब को मनना पड़ेगा Constitution का, Constitution मन के यह नहीं चलेगा.
02:55उसका बात खरीज करना ही सुप्रीम कोट का responsibility है.
03:00तो उन्होंने निभाया है वो responsibility हो बहुत अच्छा काम हुआ.
03:05जिन पॉइंटों पे discussion हुआ था, तो उन्होंने कुछ पॉइंट्स को
03:10नहीं लिया गया था, तो बहुत सारे contradictions थे.
03:15मुझे लगता है कि एक बार फिर से discussion में जाएगा, तो at least अपर वोगता है.
03:20अभी जो विवाद हो रहा था, उसको और बहतर तरीके से.
03:25मिल जाए, देखिए, एक तरफ SCST, OBC है, लेकिन तरफ
03:30दूसरे तरफ, all student के साथ discrimination नहीं हो.
03:35किसी भी student के साथ, कास्ट को लेका, चाहे अपर हो.
03:40चाहे बैक पर्ट हो, चाहे SC हो, चाहे ST हो.
03:43किसी के साथ भी discrimination नहीं हो.
03:45तो मुझे लगता है कि फिर से एक बार standing committee में अगर
03:50जब Supreme Court में stay लगाई है, तो जाने के बाद, कुछ points जो
03:55standing committee ने दिये थे, जो हम लोगों थोड़ा बहुत समझ आया.
04:00committee में मैं नहीं हो, उसको कुछ points को नहीं लिया गया, तो मुझे लगता है
04:05पर फिर से discussion होना चाहिए को कि बहुत sensitive issue है, और और और आप
04:10follower इंडिया के youth से जुड़ा हुआ है, फर्स प्राइटी इस youth.
04:15पर हम कास्प में इतना भी ना बाढ़ दे कि जो एक मक्स
04:20हमारे इंडिया के youth का वो ही differences आ जाया, तो अब हमें differences
04:25को कम करना है, ना कि उस differences को लगातार बढ़ाना है.
04:30तो मुझे लगता है कि एक बार फिर से हम लोगों को discuss करना चाहिए.
04:33देखें कहीं ना कहीं constitution में तो पहले से
04:35कि एसी discrimination ख्लेता सब आर्टिकल बने हुए कि there should be no discrimination
04:39equalities
04:40way of life for everybody.
04:41लेकिन मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं discrimination पहले से था तब
04:45भी ये नियम लाए गयता है और मुझे लगता है कि सरकार को पश्ट हो करके
04:48सब के सामने ये statement देना चाहिए कि वो का
04:50करना क्या चाहरी है वो पहले कुछ नहीं हम इंटेडियूस होता है फिसे
04:53कोड़ रोल बैक कर लेती है
04:55इस देश में आप देखेंगे कोई भी नई policy आती है तो वो तुरंट
04:58रोल बैक हो जाती है क्या हर चीज़
05:00प्रोटेस्स से रोल बैक हो जाएगी या फिर कोई सरकार सही
05:03तरीके से कोई नई policy लेकर आएगी जो जाती है
05:05अगर यह सुप्रीम कोर्ट में लिया है तो कई ना कई प्रेशर में लिया है जन्हित के लिए
05:10लिया होगा लेकिन हमारा राष्टिय जी कल उन्होंने बोला ये बात कि जितने भी दोशी हैं
05:15उनके पर कारवाई होनी चाहिए और निर्दोश नहीं फसने चाहिए यह हमारी डिमांड रही है और यह
05:20सरकार तो मैं आपको सीधा सीधा बताता हूँ यह पीडिये के खिलाफ है फ्रॉम डेवन पीडिये के खिलाफ है काईने
05:25इनके विरोध इनके खुद के लोग चिटा करे थे तो यह नोंने बहुत दबाव बनाए और मुझे लगता है यह दबाव
05:30का ही है कि आज सुप्रिंग कोर्ट है वापस लिया है
05:35कि आज सुप्रिंग कोर्ट है वापस लिया है
05:40कि आज सुप्रिंग कोर्ट है
05:45कि आज सुप्रिंग कोर्ट है
05:50कि आज सुप्रिंग
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