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  • 6 hours ago
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने UGC Equity Regulations 2026 पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम अस्पष्ट हैं और गलत इस्तेमाल की संभावना हो सकती है।
वकील सत्यम पांडेय ने बताया कि यदि ये नियम लागू होते हैं, तो नए छात्रों को विश्वविद्यालयों में प्रवेश के दौरान रैगिंग और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को शिकायत करने के लिए कोई विकल्प नहीं बचेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में और अधिक लोगों से परामर्श लें। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

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Transcript
00:00अगर इस प्रकार से रेगलेशनल लागू रह जाते हैं अभी युनिवर्सिटीज में एडमिसंस होने वाले हैं नय फ्रेशर्ट
00:05बच्चे जाएंगे उझीने रैगिंग का सामना होगा और रैगिंग युनिवर्सिकीज में all across the world
00:10हर युनिवर्सिटी हर कॉलेज हर केमपस में रिकगनाइज सेक्ट है और यह बहुती खतरनाग ड्रक्यूनिया
00:15यह कर्मिनल ट्राइबेक्ट 1872 जैसा था जहां कुछ जातियों को माल लिया गया था वो परादी था
00:20इस रिगुलेशन ने मान लिया था कि जैनल कैटेगरी के बच्चे अपरा दी है हम इसमें अमेंडमेंट से नहीं यह पूरा
00:25इस रिगुलेशन जै और ऐसा कानून बने जिसमें किसी भी प्रकार का किसी भी बच्चे को
00:30को फाल्सली इंप्लिकेट करने का कोई भी चांस इसको पना हो
00:35पार्टिज उनके प्रॉक्ता बैठे हैं बच्चों को फसाने के लिए पास किये गया है उस पर सुप्रीम कोट
00:40रोक लगाई है उसको एबियंस में रखाए और सुप्रीम कोट ने अपनी पावर्स को एक्सरसाइज
00:45करते हैं अंडर आर्टिकल 142 जो यूजी सी रेगुलेशन दो हजार बारा है उनको इन आप
00:50अपरेशन किया उनको प्रभावी किया अब यह तो कोई व्यक्तिया प्रजेक्ट नहीं कर सकता है
00:55केन सरकार से जवाब मांगा है केन सरकार अपना जवाब देगी फिर मामला आगे बढ़े और हमने इस बात को पॉइंट आउट
01:00कि अगर इस प्रकार से रिवलेशन लागू रह जाते हैं अभी यूनिवर्सिटीज में एड्मिसंस होने वाले हैं
01:05नए फ्रेसर्स बच्चे जाएंगे उन्जेने रैगिंग का सामना होगा और रैगिंग यूनिवर्सिटीज में आल एक्रास
01:10हर यूनिवर्सिटी हर कालेज हर कैमपस में रिकरनाइच फैक्ट है और लेकिन ये जो
01:15तो नए फैसने रैगिंग की डिफिनिशन ही गायब कर दी थी तो इस रैगिंग में कमी तो
01:20हो थी और रैगिंग अगर होती किसी जनरल कटेगरी के बैचे किसके पास कोई आपसन ही नहीं था कहीं से
01:25निकायद करने का क्योंकि उसको क्रास केस का डर होता कि भाई ये हमारे गलाफ कह देंगे कि नहीं कास्ट बैचे
01:30इस्टूसिटी हमारे गेस्टी है एकुटी स्क्वार्ड के पास यह है कि भाई एकर एस्टिस्टी का कोई भी सिकायता आप
01:35उसको कंप्लेंड करनी है पुलिस को तो पता कला जो पढ़ने गया पहले दिन पहले दिन हो जेल पहुंच जाता है
01:40यह बहुती खतरनाग ड्रकियों नहीं हो था यह कर्मिनल ट्राइबर ट्राइबर ट्राइटिंग सेवेटिक फू जैसा था जहां कुछ जाती है
01:45को माल लिया गया था उपरादी था इस रिगलेशन ने माल लिया था जिसनों कटेगरी के बच्चे अपरादी इसी के
01:50खिलाप आजमायते इस पर की क्रिपा है महात्मा गांधी के असिरवाद हमने निकलते ही महात्मा गांधी की से असिरवाद
01:55आज उनकी ही क्रिपा से कत्य की जीत हुई है
02:00अगली तारीक कब मिली है अगली तारीक 19 मार्च की है
02:05कि इंदे सरकार जवाब मांगें कि इंदे सरकार की शारा कर दिया गया है कि आप इसमें सलाह
02:10दीजिए इसमें और विद्वानों से करिए और यह नहीं चलेगा रेगलेशन और यह रेगलेशन जाएगा
02:15हमारी कोशी से यह रेगलेशन पूरा जाए हम इसमें अमिंडमेंट से नहीं यह पूरा रेगलेशन जाए और
02:20ऐसा कानून बने जिसमें किसी भी प्रकार का किसी भी बच्चे को फार
02:25इंप्लिकेट करने का कोई भी चांस इसको पना हो अधर्वास पॉलिटिकल पार्टेज उनके प्रकार
02:30बैठे हैं बच्चों को फाने के लिए अपर्टेज विए हम काश लेजिए
02:35सुसाइटी चाहते हैं अगर आप अभी किसी युनिवर्सिटी कैंपस किसी हास्टल में चले जाएं थंदियों का सिजिन
02:40चल रहा एक ही रजाएं में जनरल और बच्चा बच्चा बच्चा वह मिल जाएगा आपको आपने अखा बना दिये
02:45एक क्या फोच साय हुया है
02:50आज आज अमानी सुप्रीम कोट ने जो यूजी सी रेगुलेशन ने नियाद
02:55सुप्रीम कोट ने रोक लगाई है उसको एबियंस में रखाए और सुप्रीम
03:00कोट ने अपनी पावर्स को एक्सराइज करते हुए अंडर आर्टिकल 142 जो यूजी सी रेगुलेशन
03:052012 है उनको इन आपरेशन क्या है उनको प्रभावी किया अगला कदम क्या रहेगा क्यों
03:10अब सुप्रीम कोट ने इस मामले में कें सरकार को और सारे पक्षकारों को नोटे जारी किया है
03:15और इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को निर्धारित की गई
03:20अब यह तो कोई व्यक्तिया प्रजेक्ट नहीं कर सकता है कें सरकार से जवाब मांगा है कें
03:25इन सरकार अपना जवाब देगी फिर मामला आगे बढ़ेगा
03:30जवाब देगे जवाब देगी नहीं कर सकता है
03:35झाल झाल
03:40झाल
03:45झाल
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