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सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद लखनऊ और वाराणसी में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
लोगों ने मिठाई बांटी, गुलाल लगाया और जोरदार नारे लगाए, जिससे लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन का उत्साह चरम पर पहुँच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में निष्पक्षता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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Transcript
00:00तिम्लाव तिम्लाव तिम्लाव तो बेंगे!
00:05UGC के नई नियमों पर सुप्रीम कोट ने रोक लगा दी है!
00:10आज UGC की नई गाइडलाइन्स पर बड़ा फैसला सुनाते हुए!
00:15प्रभाव से उन्हें लागू करने पर रोक लगा दी है!
00:20प्रदर्शनों में जश्न का महल देखने को मिला लंबे समय से चल रहे विरूत प्रदर्शनों!
00:25प्रदर्शनों के बाद लोगों में उत्सा नज़र आया!
00:27फैसले के समर्थन में लोगों ने जोर देखने को मिला दी है!
00:30एक दूसरे को मिठाई खिलाई और सुप्रीम कोर्ट के निरने का!
00:35सुप्रीम कोर्ट का फैसला बहुत सागत योग है!
00:40वारे का फर्मान जो कि हम चात्रों के बीच में आप से फूट डालने का प्रयास किया गया था!
00:45साथ में कंटीन में बैटके एक थाली में खाना, एक हास्टल में रहना, एक साथ रहना!
00:50जात इसे नहीं होता था और आज उस चात्र समझाए कि बहुत बड़ी जीत हुई है!
00:55चात्र पूरे भारत देश में पति लखनाओ विश्विद्याले से क्रांती उठी और पूरे भारत देश हुआ है!
01:00देश में अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन हुए प्रयास किये गए उसके लिए और आज उसी को संप्रिम को
01:05कोड ने दिखा है कि सुप्रिम कोड के सीजी आई चीप जस्टिस जी ने कहा है कि उस पर एक कमिनिटी बनके
01:10योग की लोगों की और उस पर जाच की जाए पुनर वीवेचना के लिए तो उस पर प्रोकली बाद
01:15सुप्रिम कोड ने जो इस्टे लगाया उसका हम लोग स्वागत करते हैं साधी सरकार से मां
01:20करते हैं कि इसको पूर रूप से वापस लिया जाए क्योंकि इस्टे आंशिक रूप से है और इसको हम लोग
01:25करते हैं इसको पूर रूप से सरकार वापस ले और इसको वापस ले यह हम लोग
01:30सब्सक्राइब करते हैं सरकार को चैताव नहीं देना चाहते हैं कि अगर
01:35यह सरकान ने बिल वापस नहीं लिया रेगुलेशन वापस नहीं लिया तो हम लोग सड़कों पर उतरेंगे अपने मदाद
01:40कार से अपनी कलम से इसका विरोध करेंगे और जब तक करते रहेंगे जब तक सरकार रेगुलेशन वापस नहीं
01:45ले लेती है इसको बिल्कुल हम सभी छात इसका स्वागत करते हैं हम छातरों के बीच न्यू जाने के बाद
01:50खुसी का महाल बना हुआ है और हम लोग इस परदस्तन को तब तक रुकेंगे जब तक की
01:55सवाण चातों के हित में भी इसमें कोई दुबारा से कोई के नियम नहीं
02:00बना जाए जाए सकता है उसके तब तक हम लोग इस परदस्तन को रोके हुए हैं नहीं तो इसको आप
02:05और बड़े पहमारे पर इस परदस्तन को बढ़ाया जाएगा अगर ऐसा कानून फिर दुबारा आया तो सुप्रीम
02:10कोड का जो भी निड़ना है उसका हम लोग पूरे चात्र जो संग है सब उनका स्वागत करते हैं जो भी चात्र समाच
02:15जो भी लड़के हैं और पहली चीज यह मेरे को लगा लगा ही था कि इस तरीके का आएगा
02:20भारत जो उचन्याले हैं उनका जो है उत्तर क्योंकि यह बिल्कुल निड़ना है
02:25अधार था कोई इसका राहनितिक उसका अधार नहीं था नहीं उसका कानूनी अधार था
02:30क्योंकि विस्ट युद्याले जो है एक सिच्छा का मंदीर है उसमें इस तरीके से जाती धर्म के अधार
02:35अधार पर ऐसा कानून बनाना जो एक दम पूरा निराधार था जिसका कोई अधारी
02:40नहीं था उसको खतमी होना चाहिए था और जिस तरीके से पूरे देश वर महौल बना और चाहिए
02:45शातुर अपना एक जूटता दिखाया उसके अधार पर यह जो सरोच जो सरकार
02:50अस्तर पर बैठे हुए उनको यह चेतानी देना चाहते हैं कि इस तरह का सब्सक्राइब
02:55करने का बातने का यह जो सिच्छा परिसर है उसको खराब करने का प्रयासना
03:00किया जाए यूजिसे के नए नियमों पर सुपीम कोर्ट के रोक के बाद लखनों के
03:05साथ साथ वारा नसी में भी जश्न का महौल देखने को मिला लोगों ने फैसर
03:10कि खुशी में मार्च की होली पहले ही मना ली एक दूसरे को मिठाई खिलाए तो
03:15कर और गुलाल लगाकर लोगों ने अपनी खुशी जाहिर की आज बड़े खुशी का
03:20माहौल है क्योंकि यह जो कानून नरंद्रमोदी जी के दुवारा लाया
03:25गया था यह समाज को बाटने वाला कानून था सनातु समाज को बाटने वाला कानून था
03:30सनातन समाज अगर कमजोर होता तो देश कमजोर होता
03:35पिड़कर जी का सम्विधान कमजोर होता ऐसे कानून का हम लोगों
03:40ने पूरजोर बिरोत किया के सरिया भारत के सभी नौजवानों ने सभी सातियों ने
03:45पूरा दिन रात एक करके इसके खिलाब लड़ाई लड़ी और सुप्रिम कोर्ट में
03:50हमारी आवाज सुनी और सुप्रिम कोर्ट का एक लाइन बहुत प्यारी लाइन हो भी
03:55बोले हैं कि यह समाज को बाठने वाला कानून है
04:00यह कानून रद होना चाहिए यह भारत के एकता की जूत है यह भारत के खंड़ता की जूत है
04:05भारत के निया प्रभुता की जूत है भारत के समांता की जूत है यह किसी जादिया की जूत है
04:10किसी समुदा की जीत नहीं है यह जीत उसकी है जो भारत को मतवेद ना करे जो
04:15भारत को बिवेद ना करे जो कहा जाता की बिवेद ता मेकता मेकता मेकता भारत की जीत
04:20आज सुप्रिंग कोट ने हमारी भावनाओं को समझा है और इस्टर लगा दिया है पिछले तीन दिनों से अमलग पुरा
04:25भी सुप्धाले परिशार सभी बनार से बंद कर दिये थे परिशा पढ़ा बंद कर दिया गया था क्योंकि एक ऐसा कारूं काला
04:30कारूं था जो छात्रों को आपस नहीं बाट रहा था और बिस्विदाले परिशार में जाती है धंगा के बराबर ले गया
04:35क्योंकि यह बिस्विदाले में सभी जाती धर्म के लोग परते हैं प्रोपेसर सभी काश किते हमें बिस्विदाले के अंदर
04:40कारूं को जाती है बटने का प्रयास कारून था लेकि उन्नीस के बाद अगर इस्ट्रे अगर फिर स्वापास होता था फिर उन्न
04:45कर दो प्रयास के जबता कमरा मुखे मांगा की जिस्विदाले के सरा दो ये का
04:50सरकारों के समाज के जो भी भाजित कने वाले सक्तिया थी उनके अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर
04:55जो नारा लगा रहे हैं ते मोधी योगी मुर्दाबाद ते अब को पत्रम देखे मोधी योगी मुर्दाबाद
05:00यह हमारा कोई इस तरह की कोई ऐसा विचार धाड़ा मान नहीं थी हमारा यह समाज में जो आसामानता पहला
05:05का प्रयास किया गया था यह दिग्विजर सिंग के त्वारा जो हेड़ेट कमिटी थी जिस तरह उन्होंने
05:10समाज को तोड़ने के लिए तरह के नियमों को लागू किया था हमारी लड़ाए उसके खिलाप थी ना कि हम मोधी को गालिया देने के लिए
05:15के लिए हम इस तरह के संगस करते ना योगी जी को गालिया देने के संगस करते हमारा संगर सा समानता के लिए
05:20ओपे ले लेदा के लुषब वाराशय के लोगी जाए।
05:25कर दो कर दो कि तो
05:30झाल झाल
05:35झाल
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