00:00पुजयन के महाकाल मंदिर के गर्भर ग्रीह में आम लोग और खास लोगों के पुझा है
00:05प्रवेश्ट का मद्द्द सुप्रीम कोट के सामने आया सुप्रीम कोट ने कहा कि जो प्राधिकरण
00:10है जो मंद्द प्रवंद्धन है वो निर्णा करने में सक्षम है लहाजा इस माद
00:15कि यहां कोट टै नहीं कर सकता किसे गर्वग्रेव में जाना चाहिए और किसे नहीं हाला कि
00:20सुप्रीम कोट इस मामले में पहले भी निर्णे दे चुका है कि पूजा कैसे की जानी चाहिए और महाकाल के जो
00:25जो तरलिंका कैसे उसका बचाव और सुरक्षा की जानी चाहिए लेकिन इस मामले में सुप्रेम
00:30को ने कहा कि याचिका करता सीधे प्रबंदन के पार
00:35जाए या सरकार के पास अपनी बात करें तो विश्टु जैन हमारे साथ है याचिका करता के वकीद
00:40विश्टु इस पूरे मामले में विश्टु ने शिवजी के पूजा के लिए और
00:45याचिका दाख्री की तो कोड का रुख क्या रहा कोड ने क्या कहा और
00:50सब्सक्राइब कर देता हूं बहुत ही बेसिक सी बात हैं हमारे साथ
00:55अब आप्लिकेशन हमारे टाइंट से डाला था और यह आट यह इंफरमिशन सीख तो
01:00की थी कि यहां पर जो व्याइपी दर्शन है और जो आम समाने लोग हैं उनके लिए दर्शन के लिए क्या
01:05गाइडलाइन है क्या व्यवस्ता है और गर्वगरे के अंदर कौन जा सकता है और कौन जो है प्रतिबंद्र
01:10है उसमें आर्टिए में इंफरमेशन मिली थी कि अभी सिर्फ और सिर्फ जो कलेक्टर मोथ हैं वो
01:15निर्धारियत कर रहे हैं कि कौन गर्वगरे में जाएगा और जो गर्वगरे में जाएगा उसको वी आई पी का दर्जा दिया जागा
01:20हमने सुप्रीम कोर्ट में और पहले इंदौर हाई कोर्ट में याचिका डाली जिसमें इंदौर हाई कोर्ट में कहा
01:25कि वी आई पी कौन होगा ये कलेक्टर तै करेगा और वी आई पी ही गर्वगरे के अंदर जा सकता है
01:30हमने यह मुद्दा उठाया यह बात रखी है समयधानिक मूल्यों के अधार पर कि समयधान वी आई
01:35और नौन वी आई पी कोई कैटिगरी की उलेग नहीं करता है सारे लोग
01:40जो समयधानिक पत्पे है या जो समयधानिक पत्पे नहीं है वो भगवान के सामने
01:45समयधानिक एक बराबर के वा तो चीव जस्टिस सुरी खान जी ने में कहीं कि महाखालेश करता है
01:50कि आगे सब बराबरें कोई वी आई पी नहीं है तो महाँ पर जो
01:55गर्वग्रम है जो लोग जा पा रहे हैं और जो लोग नहीं जा पा रहे हैं उनके लिए कोई गाइडलाइन बननी चाहिए
02:00और गर्वग्रम है या तो टोटल निशेद हो जाए कि कोई भी वेक्ति महाकाल की गर्वग्रम है
02:05पुजारियों के लावा और या तो अगर महाकाल की गर्वग्रम कोई जाएगा तो यह पर्टिकुलर
02:10समय सीर्मा में जाएगा जिसमें जनरल पब्लिक को जो आम जन है उसको भी उतना ही अधिकार
02:15है भगवान महाकाल को जल चड़ाने का जितना एक वी आइपी को है तो यह जो एक
02:20का आज इसके लिए हम माने सुप्रीम कोट आए थे माने सुप्रीम कोट ने हमें कहा कि आप
02:25अपस से डिप्रेजेंटेशन अपना थारिटीज को दीजें और इसलिए अपने याजी का विड्रा कर लिए हुआ अपनी अधिकार कर लिए अपनी अधिक्त
02:30को दुबारा से अपना प्रत्यवेदन दें कि यहां तो यहां चाहिए
02:35का विट्रा हो गई लेकिन मुझे याद आता है इसी सुप्रिम कोट ने कहा था वरिंदावन के
02:40बागे विहारी मंदिन में कि वियाई भी लोगों की वज़े से आम लोगों को परिशानी होती है और भरवान को भी
02:45परिशानी इसलिए होती है क्योंकि जो भगवान के शाहिन का टाइम आता है तो भी आई भी लोग और बड़े बड़े दाव
02:50अन्वान लोग धना से वहाँ पूजा करने आते हैं और जिन मंत्रों के वह उसे भगवान के शाहिए
02:55लोगवान के विश्राव में खलल पड़ता है तो यह कई सारी चीजें अब
03:00एक सार देखने वाई हैं जिसमें एक तरफ सब्रेम कोटनी लिवेटिव पढ़ी की की महाकाल के आगे
03:05सभी बराबर हैं कोई वियाईपि नहीं और एक तरफ सप्रेम कोट ने यह भी कहा था कि वियाईपि लोगों की
03:10बज़े से भगवान के विश्राम में खलल पड़ता है अब देखें याचिका करते हैं
03:15करता जा रहे हैं अथार्टी के आगे अपना प्रक्ष रखने को अब अथार्टी का क्या
03:20इसमें रुख रहता है यह देखना वागई दिल्चस्ट होगा लेकिन ऐसे कई उदारण हैं जैसे सुनदार्ण
03:25सुमनात मंदिरे रामेशवरों मंदिरे जहां कोई भी आई पी नहीं सिर्फ पुजारी अंदर जाते हैं
03:30इसके लावा राजा और रग सभी वहां पर बराबर हैं प्रधान अंत्री जाएं
03:35सभी को एक पर्टिकुलर जगे से दक्षन करने होते हैं देखें
03:40लेकिन अब महाकाल मंगिर मामले में अभी देखना दिल्चस्ट होगा की प्रबंधन क्या मिरने लिए
03:45तरह है सद्धे शर्मा दिल्ली आज तरह
03:50देखे, थिर्प प्रवाद प्राइब लिए प्रवादा की जसम प्रबंधन के जस्वाद सद्ध मामले में अभी यजए देखें रशी सद्धान के लिए कि आज़ में जस्वादान होगान् दोजस्वादार हैं।
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