00:00बस सीक ओनी चीतु तके इस दोर में हमारे सोच ओनी चीतु के प्राइब करुछ अधर नहीं है।
00:05और दुरुष्टी कौन सुमान है, हम मानते हैं कोई, बोईशिक चुनूतियों के,
00:10समाधन समुहिप परयास्व सही सम्भवी.
00:15ये भी मानते हैं कि अंतराष्टियों स्वंस्थानों को पमज़र नहीं किया जाना चाहिए.
00:20बलकि उनमें सुधार किया जाना चाहिए.
00:25तो बिक्तर कराओं के ओनुरूप ढल सके.
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