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  • 7 minutes ago
अजित पवार की राजनीतिक यात्रा से जुडी बड़ी बातें

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Transcript
00:00अजट पवार की कहानी बारामती से ही शुरू हुई थी
00:02और आज
00:05प्रामती में ही खत्म हो गई अजित पवार शरत पवार के बड़े भाई अनंत्राव पवार के बेते
00:10अनंत्राव पवार मुंबई के मशूर राजकमल स्टुडियो में
00:15काम करते थे पिता के निधन के बाद अजित पवार को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर
00:20परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी थे और जब उन्होंने राजनीती में कदम रखा था
00:25वो साल था 1982
00:27उस वक्त उन्हें एक से
00:30पहकारी चीनी मिल के सदसे के रूप में चुना गया था
00:35महराश की राजनीती को समझते हैं वहाँ पर सहकारी चीनी मिल और उसके चुना बड़े
00:40और यह वही दौर था जब शरत पवार भारतिय राजनीती के एक दिगज ने था
00:45पहता बन चुके थे और अजित पवार को भी उनीक अमार्क दर्शन मिल रहा था
00:48साल 1991 में
00:50अजित पवार ने बारमती से लोकसभा का चुनाओ जीता था
00:52लेकिन वो अपने चाचा शरत पवार को इतना मार्क दर्शन में
00:55मांते थे कि बाद में ये सीट उन्होंने शरत पवार के लिए खाली कर दी थी और खुद
01:00को महाराश्र की राजनीती में जोग दिया था
01:02अजित पवार ने कई ऐसे रिकॉर्ड
01:05भी बनाए जो उनके राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन गए जैसे वो रिकॉर्ड
01:10छे बार महाराश्र की अलग-अलग सरकारों में उप मुख्यमंत्री बनने का
01:15साल 1991 से लगातार 35 सालों तक बारमती से आठ बार
01:20विधायक चुने जाने का
01:21चार दशक तक महाराश्र की राजनीती में सक्षा
01:25क्रियर रहने का आज भी वो NCPK राश्र अध्यक्ष ते
01:28महाराश्र सरकार में वित्तमंत्राले
01:30आबकारी विभाग, खेल और युवा मंत्राले
01:32और अल्पसज्यक विकास के मंत्राले
01:35की जिम्मेदारी समाल रहे थे
01:36सबसे बड़ी बात ये है
01:40ये अजित पवार का सपना था
01:42कि वो महाराश्र के मुख्यमंत्री बनना चाहते है
01:45उन्होंने कई बार ये बात खुलकर कहीं भी थी
01:47कि अगर उन्होंने मुख्यमंत्री बनने का मौप
01:50का उन्हें मिलता है तो इस मौके का वो जरूर इसको स्वीकार करेंगे
01:55अनेकों संभावनाय थी उनकी जिन्दगी अगर आगे चलती है
02:00लेकिन समय ने ऐसा खेल खेला कि अब जित पवार का ही सपना
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