00:00माग माग के शुकल पक्ष्की एकादशी को जय एकादशी कहते हैं। इस सिथी पर भगवान विश्णों की पूजा की जाती है और उनके लिए व्रत किया जाता है। इस व्रत के तोरान कुछ नियमों को भी माना जाता है। मानेता है कि जय एकादशी का व्रत करने से जीवन म
00:30शेक कराते हैं ठाकुर जी को तुलसी चड़ाई जाती है और तुलसी की पूजा भी की जाती है ऐसे में अगर आप भी जय एकादुशी का व्रत रखने जा रहे हैं तो उससे पहले व्रत के नियम जरूर जान ले कि आपको कैसे व्रत करना है तो चलिए बताते हैं आपको इस �
01:00साथ बजे से लेकर आठ बच कर चपन मिनट तक होगा इस व्रत में कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी है ऐसे में जय एकादुशी व्रत का सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि दश्मी तिथी से ही इस व्रत के नियम शुरू हो जाते हैं दश्मी तिथी को �
01:30में उठें स्वच वस्तर धारन करें फिर जय कादुशी व्रत का संकल्प लें हाथ में गंगा जल और अच्छत रखकर व्रत का संकल्प करें फिर पीले वस्त या आसन पर बैठ कर भगवान विश्णू और श्री कृष्ण की प्रतिमा की पूचा करें फूल तुलसी दल ध�
02:00व्रत भी आप रख सकते हैं यह आपकी छमता पर निर्भर करता है रात्री में भजन कीर्तन और विश्णू सहस्त्र नाम का पाट करें साथी आप दिन में व्रत के दौरान सोई नहीं वहीं अगले दिन द्वादशी तिथी के दिन आप पारण करें और उस दिन शुद्धत
02:30एकादशी व्रत वाले दिन आप पीले रंग के कपड़े पहन सकते हैं वहीं व्रत के दौरान आपको क्रोध लडाई जगडा मन में गंदे विचार नहीं लाना चाहिए वहीं जली आपको बताते हैं जय एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए इस व्रत के दौरान आप श
03:00नमक लेस्सुन पे आज और मसूर की दाल का सेवन बिल्कुल भी ना करे इस दिन इन चीजों का परहिश करना चाहिए उमीद करते हूं आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना �
Comments