00:00देश में UGC के नए नियम को लेकर घमासान मचा हुआ है
00:03एक और सियासत जारी है तो वहीं दूसरी ओर सड़कों पर प्रदर्शन चल रहा है
00:07दिल्ली से लेकर लखनाउ तर आगरा से लेकर बरेली तर
00:11समण समुदाय से जुने सवंगठन सड़कों पर उतरे है
00:14राज़ानी दिल्ली में UGC दफ्तर के बाहर प्रदर्शन हुआ
00:18लखनाउ उनिवस्टि के बाहर भी छासरों का घुसा देखने को मिला
00:21इस बीच सुप्रीम कोट में UGC के नए नियम के खिलाफ याचिका लगाई गई है
00:26उदा सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि विरोध प्रदर्शन पर सरकार नसर बनाए हुए है
00:31और जल्द ही सिक्षावे भाग UGC के नए नियमों पर इस पष्टि करण दे सकता है
00:36लेकिन तब तक लोग BJP सरकार से मांग कर रहे हैं कि तुरंट UGC के नए नियम को बदल दिया जाए
00:42यूजी सी के विरोध में लकन इनियूस्टि के बाहर ये प्रदर्शन जारी है आप देख सकते हैं
00:51कि यहाँ पर सभी चात्र पहुँचे हैं और ये सभी चात्र मांग कर रहे हैं कि यहाँ पर UGC का विरोध हो
00:59और इसी वज़े से यहाँ पर इसारे चादर पहुंचे हैं और यह एक नंबर गेट है अगर आप देखेंगे तो लखनों विश्पित जाले का और वो मांग कर रहे हैं कि यह आंदोलन है UGC रोल बैक हो और इसी को लेकर
01:10यह यहाँ पर यह सभी प्रदर्शन कर रहे हैं और यह सब मांग कर रहे हैं कि यहाँ पर UGC कानून के विरोध में यह सब खड़े हो गए हैं और कहीं ना कहीं यह जो गेट है
01:35एक नंबर गेट पर पहुँचे हैं और प्रदर्शन की तयारी में प्रशासन को इन्होंने कह दिया था कि यहाँ पर यह सब इकठा हो गए हैं और यह प्रदर्शन लगातार जारी है और इसको लेकर क्या कहें क्या प्रदर्शन कर रहे हैं
01:55यूजी से खिला प्रदर्शन कर रहे हैं सब्सक्राइब पहले धर्म के नाम पे बाट रहे हैं अज्जात के नाम पे बाट रहे हैं क्या चाहिए
02:03इसमें गलत यही है कि भेद्भाव किया जा रहा है कैसे ऐसे क्या परस्नल दुस्मनी निकाली जाएगी इसमें लोगों के बीच में अंतर किया जाएगा चात्रों को बाटा जाएगा
02:16हम लोग लखनाव भी स्विध्याले के स्वर्व समाज के लड़के यूजी सी द्वारा लागू किया के काले कानून के बिरोद में धर्ना अपर्टेशन कर रहा है
02:24हमारी मांग है इस काले कानून को तुरह तो आपस लिया जाए
02:27है इसमें गल्ड यह है कि लोड़कों को जाथी और मजहाग के लाग पढ़ाया जारहा एक जाति को बिना अपराद कि अपराद्र मांद लिए जारहा
02:46इसलिए उठना यह क्योंकि अभी इसके पहले एक स्टी का मुद्धाया था जिसमें एक स्वर्वे हुआ था 95% मुद्धा फर्जी हुआ था जीतने 95% अप्लिकेशन फर्जी पड़े थे उसके बावजिवस में यूजेस अपने आखों को काला पट्टी बान के फर्जी कानू
03:16जारी है केंद्रिया मंत्री धर्में प्रधा ने भरोसा दिया कि इस नियम से किसी के साथ भेदभावन नहीं होगा वहीं विपक्ष बिल के समर्थन में नजर आ रहा है
03:24इसमें मैं एक बात बहुत विनमरता से असोस्त करना चाहता हूं किशी को उत्पिड़न होने नहीं दिया जया कोई बैदभाव नहीं होगा
03:36कोई डिस्क्रिमिनेशन की नाम पर किशी को भी मिश्यूज करने का अधिकार नहीं रहेगा इसमें उजी सी हो भारत सरकार हो या राज सरकार हो इसकी दाईतों रहेगी मैं असोस्त करता हूं उसको जो विवस्ता हुई है भारत की कुछ भी विवस्ता हो सम्रीदान की परि�
04:06भी अत्याचार या कुछी को भी भैदभाब नहीं किया जाएगा इस देश में कुछ लोग ऐसे हैं और दुर्भाग से भी सत्ता में भी आ गए और आ जाते हैं जो देश की बड़े आब बड़ी आबादी के साथ हमेशा से अन्याय करते रहें अब भी अन्याय करना चाहते है
04:36कि आदबाशी की सिर्फ प्रिशाप कर देना किसी दलीत के सरी में मलमूत का लेप कर देना कि किसी बैकवर की कुर्शी को गंगा जल से धोना जन्मस्रित अथकार मानते हैं
04:47कि सच पूछिए तो यह उनके खिलाप कानून नहीं है ना इस कानून से उनका कोई रुक्षान होने वाला है इसलिए तथा कथि उची जातका दम भरने वाले लोगों को अपनी सोज भी उची करनी चाहिए
05:07यूजिसी के नए नियमों के खिलाव अब संच समास से भी आवाज उठेन लगी है जगतगुरु परमहंस आचारे ने कहा कि उन्होंने नए नियमों की वापसी को लेकर प्रधान मंत्री मोदी को चिठ्ठी लिखी अगर नियम वापस नहीं लिये जाते है तो उन्होंने इ
05:37माननी प्रधान मंती नियरंद्र मोदी जी आप या तो यूजिसी की नए नियमावली को वापस कर लीजिए या मुझे एक्छा मृत्तू की अन्मती प्रधान कर दीजिए जहां राश्टी स्वयम सेवक संग बजरेंग दल्भी सुंदू परसद और हिंदू संगठनों ने �
06:07इस नियम इस नियमावली ने मजबूर कर दिया है आप ने तो ये भी रख दिया कि अगर यस्ती यस्ती ओविसी कालर का जूठी सिकार्ड कर देता है तो पता लगने के बाद भी उसके ओपर कोई कारवाई नहीं होगी इस से बड़ा न्याए और क्या हो सकता है क्या आपने
06:37कि नया निमावरी से हिंदू बटेगा भी कटेगा भी घंडेगा भी और भाजपा पूरे देश से समाप्त हो जाएगी हम लोग जो है भाजपा के अंधभक्त हैं और भाजपा का वो पतर हम नहीं देख पाएंगे इसलिए हमने इच्छा मृत्तु की मा किया है हम नहीं चाहत
07:07क्याय सित में या मुझे इक्छा मृत्तू की अर्मत्य देलीजिए कि
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