00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं भारदाथ
00:03पत्ना पुलिस नीट की जिस छात्रा की मौत को सामान ने खुदकुशी बता कर केस तबाना चाहती थी
00:10पहले पोस्ट मौटम रिपोर्ट और अफिर फॉरंसिक रिपोर्ट में इस पूरे केस को ही पलट कर रख दिया है
00:16पोस्टमोटम रिपोर्ट के बाद आई फॉरंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि नावालिक छात्रा के अंदूरूनी कपड़ों से इस्पंग के सबूत मिले है
00:25यानि या तो उसके साथ रेप हुआ है या फिर रेप की कोशिश
00:29इसी रिपोर्ट के बाद कुल छे लड़कों के डी एने सैंपल लिये गए है
00:33ये वो छे लड़के हैं जो पांच जनवरी को गल्स होस्टल में जाते हुए सीसी टीवी कैमरे में गैद हुए थे
00:40ये पट्टा का गर्दनी भाग अस्पताल है
00:48इस अस्पताल के इस दरवाजे से इस वक्त पुलिस की निगरानी में एक एक कर छे लड़के बाहर निकल रहे हैं
00:57ये छे के छे लड़के गर्दनी भाग अस्पताल इसले लाए गए थे ताकि इनके डी एने सैंपल लिये जा सके
01:05अस्पताल के अंदर जच और मेडिकल टीम की मौझूदगी में लगबग दो घंटे में इन सभी के डी एने सैंपल लेने के बाद इने अस्पताल के बाहर ले जाएगा
01:16अब सवाल यह है कि ये छे लड़के कौन हैं? इनके डियने सेंपल क्यों लिए जा रहे हैं? इनके डियने सेंपलिंग से किसके डियने को मैच कराय जाएगा?
01:28तो असल में ये वो छे लड़के हैं जो पांच जनवरी को पट्टा के संभू गल्स हॉस्टल के अंदर आते और जाते हूँ सीसी टीवी कैमरे में कैद हुए थी
01:40इसी हॉस्टल के इसी कमरे में नीट की नावाली चात्रा अगले दिक यानि छे जनवरी को बेहोश विली थी और फिर पांच दिन बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई
01:54यह वही लड़की थी जिसको लेकर पटना पुलिस ने शुरुवात में यह दावा किया था कि लड़की ने खुदकुशी की और उसके साथ कोई रेप या जबरदस्ती नहीं थी
02:05लेकिन पहले पोस्टमॉटम रिपोर्ट में ही पटना पुलिस की धज्या है और उसके साथ साथ डॉक्तर का काईना है कि उनको मियादी बुखार भी था
02:30लेकिन पहले पोस्टमॉटम रिपोर्ट में ही पटना पुलिस की धज्या उलाते हुई यह खुलासा के दिया कि नीट की छात्रा के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई थी
02:42और उसके जिस्म पर नोचने खसोटने की अंगिनत निशान थी
02:46बाकी दही सही कसर फॉरंसिक रिपोर्ट में अब पूरी कर दी
02:53फॉरंसिक रिपोर्ट के मताबिक नीट छात्रा के कपनों पर इस परम के सबूत मिले हैं जो किसी और की
03:00अब वो कौन है उसी का पता लगाने के लिए पटना पुलिस थे
03:04सबसे पहले इन छे लड़कों के डियने सैम्पल दिए
03:08अब सवाल ये भी है कि इन छे लड़कों के डियने सैमपल क्यों लिए
03:13तो पत्ना पुलिस के मताबिक शम्भू गल्स होस्टल और इसके इंडगीद लगे सीसी टीवी कैमरों
03:19यही च्छे के च्छे लड़के निज़र आए थे
03:22इतना ही नहीं यह सभी लड़के गल्स होस्टल के अंदर गए
03:26अब सवाल यह है कि एक गल्स होस्टल के अंदर लड़कों को कैसे जाने किया गया
03:31पुलिस ने सीसी टीवी कैमरे के आधार पर ही होस्टल के स्टाफ से जब पूच ताज कि तो उनों ने भी इन लड़कों की पहचान की
03:42सीसी टीवी कैमरे के अलावा पुलिस ने पांच जनवरी को जब इन लड़कों की लोकेशन को खंगा ला
03:49तो कॉल डिटेल और लोकेशन भी इसी गर्स होस्टल का ही भी लोग अला कि अभी सिर्फ इनके डिये ने सैंपल लिये गए हैं इनको गिरफतार नहीं किया गया है
04:00यहां तक कि फुलिस ने इन सभी लड़कों की पहचान भी खुपत रखाए है
04:05इन छे लड़कों के अलावा शंभू गल्सोस्टल के मालिक मनीश रंजन का वी डिये ने सैंपल लिया गया है
04:18मनीश रंजन का सैंपल लेने के लिए एफिसल के टीम पटना के बेऊर चेल गई थी
04:24मनीश रंजन को नीच छातरा की मौथ के मामले में पहले ही गिराफ़तार किया जा चुका है
04:32इन साथ लोगों के अलावा पाँच और लोगों की बीडिये ने सैंपल लिये गये हैं
04:36इन में नीच छातरा की मां, पिता, भाई और दो मामा शामिल
04:40चात्रा के परिवार का DNA सेंपल किसली लिया गया है ताके नीज चात्रा के DNA सही पहचान हो सके।
05:10तो कुल 12 लोगों के DNA सेंपल लिये जाने के बाद और फॉरंसिक रिपोर्ट में नीज चात्रा के अंडर गार्मेंट्स में इस पहम की मौजूद्गी मिलने से
05:40ये साफ है कि मौज से पहले चात्रा के साथ रेप की कोशिश की गई थी। लेकिन इसके बावजूद इस सच को पहले एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर और फिर पूरी पटना पुलिस ने चुपाने की कोशिश की।
05:54सवाल ये है कि पटना पुलिस ने ऐसा क्यों किया। उसने किन लोगों को बचाने की कोशिश की। क्या वो लोग बहुत ताकतवर हैं।
06:04ये डॉक्टर सतीश है, ये पटना के उसी प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर हैं, जहां नीच चात्रा को भरती कराये गया था।
06:14इस हॉस्पिटल के मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, छे जनवरी को पीडिता का इलाज करने वाले पहले डॉक्टर डॉक्टर राजेश राय थी।
06:22सिटी स्कैन के बाद उनकी रिपोर्ट अलग थी। लेकिन साथ जनवरी को डॉक्टर सतीष ने पूरी रिपोर्ट ही पलग दी।
06:29जो दस्तावेज इस अस्ताल में ट्रीक्टमेंट के दौरान के सामने आये हैं उसमें पहला ट्रीक्टमेंट राजेश कुमार राय नाम के डॉक्टर ने किया जिन्होंने सिटी स्कैन कराया छे जनवरी को और उस छे जनवरी के सिटी स्कैन में पिडिता के सिर में छोट बत
06:59इसस्पिताल के स्टाफ ने, डॉक्टर्स ने या जो भी सपोर्टिंग स्टाफ थे, उन्होंने पीडिता के वो कपड़े भी फेकने की बात कही, जिन कपड़ों में सायद सबूत हो सकते थे, तो जाहर तोर पे जो छात्रा खुद एक डॉक्टर बनना चाहती थी, नीट की त
07:29इनी डॉक्टर सतीश है, जोनोंने बिना किसी ठोस रिपोर्ट के ही ये दावा किया था, कि पेडिता के साथ रेप की कोई कोशिश नहीं की गई, ना ही उसके जिसम पर कोई जखमें मिले हैं, बलकि उसने खुदकुशी की थी, पटना पुलिस के A.S.P. अभिनफ कुमार न
07:59नहीं किया गया है, बच्ची के रूम से हम लोगों को निंद की धेर सारी गोलिया बराबद हुए है, मेडिकल हिस्ट्री देखने से डॉक्टरों का कायना है कि उनके द्वारा बलक मात्रा में निंद की गोली जो है वो खा करके आत्महत्या की कोशिश की थी, और उसके साथ
08:29ये कहते हैं कि जो भी प्रभात हॉस्पिटल के खलाफ साजिश रचेगा, उसे जमीन में गाल कर नेस्तो नावूत कर देगे।
08:59दरवाजा खोलूँगा एक एक एक फुल जमीन में गाल करने से नावूत कर दोगा।
09:29पताल के डॉक्टरों से भी पूर्चता आज की।
09:31छे जन्वारी को जो जानकारी मिली उसके मताबिक पेडिता जब अपने संभू गल्स होस्टल के कमरे में बेहोस पाई गई तो सबसे पहले उसे इसी क्लिनिक पर लाया गया था।
09:49यह सहज सरजनी क्लिनिक जो पतना के प्रतिसिक डॉक्टर है डॉक्टर सहजानन परसाथ सिंग उनकी क्लिनिक पर लाया गया था और कल SIT की टीम यहां पहुची थी और यहीं पर जो पेडिता है उसका प्राइमरी हेल्ट चेकप किया गया और इसके बाद यहां से उसको द�
10:19अस्पटाल में जब पिडिता को लाया गया तो पुलिस को जानकारी क्यों नहीं दी गई क्यों नहीं यह सारी बाते साजा की गई पुलिस से चुकि मामला अगर स्लिपिंग पिल्स का भी था पहली निज़र में जो ऐसा पटना पुलिस दावा करती रही जो पटना शित्र�
10:50खालत गंभीर है, का जाता है कि उसने नीन की गोलियां खा रखी हैं, अगर ऐसा था भी तो मामला खुदकुशी की कोशिश का था और फिर भी इस अस्पताल ने पुलिस को इसकी खबर क्यों नहीं दे, किसके दबाओं में नहीं दी
11:04नीट शात्रा का ये पूरा केस असल में पटना के इसी चित्रगुप नगर थाने में आता है
11:10छे जनवरी को जब शात्रा सहज अस्पताल से आईसियू की कमी के चलते, डॉक्टर प्रभात हॉस्पिटल भेज दी जाती है
11:19तब पहली बार छे जनवरी की रात को ही चित्रगुप नगर थाने को इसकी खबर दे दी गई थी
11:24पर कमाल देखिए कि चित्रगुप नगर थाने की एसेचो रोश्णी कुमारी को छोड़ी थाने का एक अदत सिपाही भी मामले की जाँच के लिए ना स्पताल पहुँचा ना होस्टन
11:36पहली बार एफ आयार भी नौजनवरी को लिखी गई इस थाने की एसेचो रोश्णी कुमारी की इसी लापरवाही के चलते अब जाकर उन्हें सस्पेंट कर दिया गया
11:46यहां के जो एसकी जो एसेचो हैं रोश्णी कुमारी रही उनको भी जानकारी दी गई लेकिन बड़ी लापरवाही लगातार इस थाने की रही और रोश्णी कुमारी ने जो अपने वरिया धिकारियों को इन्पुट दिया उसमें इस बात के उन्होंने तस्दीक की कि चात
12:16एस पी अभिनो कुमार ने जानकारी साजा की की चात्रा के साथ कुछ गलत नहीं हुआ फिर एस एस पी कारती के सर्मा ने भी लेकिन आखिरकार कल साइटी की रिपोर्ट और साइटी के पास जो एफसल की रिपोर्ट आई उसके बाद अब इस थाने की एसेचो रोस्णी कु
12:46एसेचो नहीं है क्योंकि कल रात ही उनको निलंबित किया गया साथ ही साथ कदम कुआ ठाने के एक अवर निरिक्षक को भी सस्पेंड किया गया लेकिन जितनी भद पिट सकती थी पटना पुलिस की वो एक एसेचो के कारण पिटी क्योंकि बड़ी लापरवाही क्या क्या हो
13:16पिपिंग पिल्सली और उसके बाद जो DVR कलेक्ट किया गया संभूगर सोस्टल से उसे भी रोस्ती कुमारी के जो निजी ड्राइवर हैं वो लेकर के आए पुलिस को जो एक प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए था उसके सीजर के लिए उसका भी पालन नहीं किया गया
13:32ज़रा सोचिये होस्टल का जो कमरा एक तरह से पूरा क्राइम सीन था जिस कमरे में पीडिता बेहोश मिली थी उस कमरे को सील करना तो छोड़िये उसकी जाच करने या वहां से कोई सबूत हासिल करने के लिए भी अगले तीन दिनों तक पुलिस पहुँची ही नहीं
13:49न फॉरंसिक टीम ही भागे यानि पूरे तीन दिनों तक न होस्टल सील हुआ न कमरा न बिस्तर न पीडिता के कपड़े यहां तक के पीडिता के जिन अंडर गार्मेंट्स में इस पम मिले हैं वो कपड़े भी खुद पुलिस ने बरामत नहीं किये बलकि वो कपड़े पी
14:19तब कहीं जाकर इन कपड़ों को फॉरंसिक जाच के लिए भेजा गया और अब जब पूरा केसी फॉरंसिक और पोस्वाटम रिपोर्ट के बाद बनर चुका है तब पिडिता के खमरे की तलाशी लिगा रही है
14:31पटना पुलिस ने इस गर्स होस्टल को कई दिनों तक सील नहीं किया हला कि अब इसमें ताला लगा है और SIT की टीम का जब गठन किया गया उसके बाद वरी अधिकारी यहां पहुँचे आईजी पहुँचे और जो तमाम अधिकारी है पूरी टीम उनके साथ पहुँची �
15:01वो कौन से खुला से करती है इस पर सबकी नजरे है लेकिन जो सेंपल यहां से कलेक्ट किये गए है क्या वो वाकई उसमें कोई सबूत बचे यह भी अपने आप में बड़ा सबाल है क्योंकि कई दिनों तक वो कमरा भी खुला रहा जिसमें छात्रा खुद रहती थी और सा�
15:31पुलिस के इनीला परवाईयों का ठीक रा किसी पर तो फोड़ना था लियाजा चित्र गुप नगर थाने की इसे चो रोश्टी कुमारे और कदम कुआ थाने के दरोगा हेमंत ज्छा को सस्पेंट कर बाकी सीनियर अफसरों ने अपना पल्ला चाड़ लिया पटना पुलिस
16:01के इसेस्पी कार्थी के के शर्मा इसी के बाद बिहार के नए नए बने ग्रह मंतरी समराच चौधरी ने बिहार के डीजीपी विने कुमार और सीनियर पुलिस अफसरों के साथ एक मीटिंग ती इस मीटिंग में SIT की टीम भी शामिल थी पूरे हफते भर बाद भी SIT कुछ
16:31पटना की नीट छात्रा की मौत की जांच के मामले में अब SIT के साथ साथ CID को भी लगा दिया गया
16:39ये फैसला बिहार के ग्रह मंतरी ने राज्य के डीजीपी के साथ एक मीटिंग के बाद लिया
16:45इस बीच नावालिक छात्रा के पिता ने बिहार के डीजीपी को एक लेटर लिख कर पुलिस, डॉक्टर और होस्टर के मालिक की भूमिका और उनके कॉल डिटेल की जांच करने की मांग की है
16:57जहानाबाद की रहने वाली एक लड़ को डॉक्टर बनने का सपना लिए पटना पहुंचती लिए
17:03पटना के एक कोचिंग सेंटर में वो नीट की तयारी कर रही थी
17:07पटना के चित्रगुप नगर में ही वो शंभू गर्स होस्टर में रहने लगी
17:12नए साल की छुटी थी इसलिए वो 26 दिसंबर को अपने घर जहानाबाद चली के
17:19जहानाबाद से वो 5 जनवरी को पटना अपने होस्टर में वापस लोटती है
17:23लेकिन इसके अगले ही दिन 6 जनवरी को जब वो सुभा के नाश्टे और लंच के लिए कमरे के बाहर नहीं आए
17:30तब होस्टल के स्टाफ को फिक्र दे इसके बाद जब वो कमरे में दाखिल हो तो लड़की बेहोश मिली
17:36सबसे पहले बेहोश छात्रा को पटना के सहजानन अस्पताल ले जाया गया
17:45लेकिन हालत गंभीर थी लहाजा उसे वहां से प्रभात मेमोरियल प्राइवेट हॉस्पिटल में भरती कर दिया गया
17:52लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ
17:54तब ये जादा बिगड़ने पर फिर उसे तीसरे अस्पताल पटना के ही मेदान ता भेज दिया गया
18:00जहां 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई
18:036 जनवरी को जब लड़की को सहजानन अस्पताल लाया गया था
18:07तब उसी दिन चितरगुप नगर पुलिस से स्टेशन को इसकी खबर ली गए थी
18:11लेकिन पुलिस अस्पताल पहुँची ही नहीं
18:14हाला कि इस दोरान खबर सुनकर लड़की के माबाब जहानाबाद से पटना पहुँच चुके थे
18:21बेटी के हालत देखते ही पिता ने पहले ही दिन ये कह दिया था
18:25कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है
18:27पुलिस ने तब भी उनकी नहीं सुना
18:29जब 9 जनवरी को मेदानता में लड़की की तबियत ज्यादा बेखी
18:33तब पहली बार पटना पुलिस ने शिकायत रची लेकिन किया कुछ नहीं
18:38पर एक 11 जनवरी को जैसे ही लड़की की मौत की खबर पुलिस को में
18:42पुलिस समझ बे कि अब उसके निकम्मेपन की कहानी मीडिया में आई
18:46अब पुलिस ने मामले को दवाने की कोशिश शुरू कर दी
18:49उस कोशिश का पहला सबूत ये था कि A.S.P. अभिनव ने लड़की की मौत के अगले ही दे
18:55यानि 12 जनवरी को प्रेस कॉंस्टेंस कर ये बताने की कोशिश की
18:59कि उसकी मौत के बीचे कोई साजिश ने मामला खुदकुशी का है
19:04लड़की के साथ जैसा कि उनके पिता कह रहे है कोई सेक्स्वल असौर्ट नहीं किया रहे है
19:09पटना पुलिस ने अपने दावे में ये भी कहा कि होस्टल के आसपास लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज
19:17होस्टल स्टाफ के बयान और शुरवाती मेडिकल रिपोर्ट से भी ये जाहिर होता है
19:22कि छात्रा के साथ किसी तरह का यौन सोशन नहीं हुआ
19:25अब जब पटना पुलिस की पूरी थेवरी ही पलट चुकी है
19:32तो नीच छात्रा के पिता ने बिहार के डीजीपी विने कुमार के नाम एक लेटर लिख कर कहा है
19:37कि इस पूरे मामले में हॉस्टल के मालिक सहज और प्रभात हॉस्पिटल के डॉक्टर चित्रगुप नगर थाने की निलंबित ऐसे चो की पूरी जाँछ होनी जाहिए
19:47साथ ही उनके कॉल डिटेल्स की भी जाँछ होनी जाहिए
19:50तकि उनकी बेटी की मौत की साज़िश का खुलासा हो सके
19:54सुजीत कुमार के साथ शर्शी भूशं पटना आज तक
19:59तो वारदात में फिला लित रही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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