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  • 7 hours ago
GSTR-6A__केवल-पठनीय_रिटर्न

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00:00नमस्कार, जो लोग Input Service Distributor यानी ISD हैं, उनके लिए GSTR6 से कोई नया नाम नहीं होगा, पर सवाल ये है कि क्या इसका पूरा फाइदा उठाया जा रहा है? तो चलिए, आज इसी फॉर्म को जरा आसान भाशा में समझते हैं.
00:15तो ये Auto Generated Form आखर है क्या? इसे समझने का सबसे आसान तरीका है कि इसे एक सिर्फ देखने वाली रसीत की तरह समझें. ये Suppliers की तरफ से दी गई जानकारी का एक Draft है, जिससे चेक तो किया जा सकता है, पर बदला नहीं जा सकता. आईए, इसके हर पहलू को गहराई से जानते ह
00:45होती है, ये कब अपडेट होता है और अगर कोई गलती दिखे तो क्या करना है? और हाँ, आखिर में एक आसान सी चेकलिस्ट पर भी नजार डालेंगे. तो चलिए, शुरू करते हैं सबसे बुन्यादी और सबसे जरूरी सवाल से, GSTR 6 से आखिर है क्या? देखे, सीधे शब
01:15से जरूरी बात जो याद रखनी है, ये आटोमाटिक है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता. तो GSTR 6A को बस एक रेफरेंस टूल की तरह ही देखना है. इसका काम सिर्फ जानकारी को वेरिफाई करने में मदद करना है. इसे फाइल करना नहीं. मकसद काम को आसान ब
01:45और क्या नहीं. जैसा कि यहां साफ लेखा है, नियम बिल्कुल क्लियर है. ये कोई ऐसा रिटरन नहीं है, जिस पर कोई आक्शन लेने की जरूरत पड़े. ये सिर्फ एक सहायक दस्तावेज है, जो GSTR 6 को तयार करने में मदद करता है. ये स्लाइड GSTR 6 से और GSTR 6 के बीच का
02:15को स्विकार किया जाता है, सुधारा जाता है, और फिर आखिर में फाइल किया जाता है. तो एक सिर्फ सूचना है, और दूसरा एक्शन. अच्छा, तो अब ये तो समझ आ गया कि ये फॉर्म है क्या. चलिए अब इसके अंदर जहां कर देखते हैं कि इस आटो पॉपुले
02:45किसी पुराने इन्वाइस में कोई सुधार किया है, तो वो भी यहीं दिखेगा. और हाँ, डेबिट क्रेडिट नोर्स में हुए बदलाव भी. ये चारों मिलकर ITC की पूरी तस्वीर साफ कर देते हैं. आब आते हैं उस हिससे पे जहां सबसे ज़्यादा कन्फूशन होता
03:15किui के GSTR6 फायल करने से पहले अपना GSTR1 फायल कर देता है, तो इन्वाइस उसी महिने के GSTR6A में दिख जायेगा. Simple. Case No.2, अगर ISD पहले अपना GSTR6 फायल कर देता है, तो वो इन्वाइस अगले महिने के GSTR6A में दिखाई देगा. और ऐसा क्यों? वेल, लॉजिक बड़ा
03:45जब जानकारी में कोई गड़बड हो।
03:48चलिए एक situation लेते हैं, जो अकसर होती है।
03:51मान लीजिए किसी supplier ने गलत GST value के साथ invoice upload कर दिया।
03:57तो क्या इस गलती को GSTR 6A में सुधारा जा सकता है।
04:01तो इसका जवाब है एक बड़ा और साफ नहीं।
04:04नहीं, याद रखिए, GSTR 6A सिर्फ पढ़ने के लिए है, यानि read only, कोई भी सुधार या बदलाव सिर्फ और सिर्फ GSTR 6 return में ही करना होगा।
04:16अब एक और ज़रूरी update है, debit और credit notes को लेकर, पहले क्या होता था कि हर note के साथ उसका original invoice number देना ज़रूरी था, लेकिन अब ये नियम बदल गया है, अब original invoice number देना ज़रूरी नहीं है, लेकिन हाँ, अब place of supply यानि POS बताना mandatory हो गया है, तो प्रक्रिया थोड़ी आसान हुई
04:46GSTR6A का सही इस्तमाल हो सके, तो एक सही workflow कैसा दिखना चाहिए, सबसे पहले suppliers के file करने के बाद portal पर जाकर form को देखें, फिर statement को Excel में download कर लें, इस data का इस्तमाल अपने खरीद register से मिलान करने के लिए करें, ये GSTR6 file करने से पहले सबसे जरूरी कदम है, और हाँ, इस downloaded copy को audit के
05:16मजूदा मिलान प्रक्रिया इस auto generated data का पूरा फाइदा उठा रही है, क्योंकि अगर सही तरीके से इस्तमाल किया जाए, तो ये सिर्फ एक form नहीं, बलकि compliance को मजबूत करने का एक बहुत शक्तिशाली टूल है.
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