00:00एक इंसान अपनी खाल के अंदर से नजर आता है, उसके हाथ में छुवारे का बोल है, मूँ तक ले जा रहा है।
00:06अंदर से दिमाग, फेपडों, दिल, मेदा और आंते साफ क्लियर नजर आते हैं।
00:12अब छुवारे का जर्रा मेदे में गिरता है, गर्म जर्दाब में घुल जाता है, ये शीरनी आंतों तक पहुँचती है, बिली उसे चूसते हैं, लोहे, मैगनीजियम और सुक्रोस के चमकते जर्रे खोन की नसों में जजब हो जाते हैं।
00:26ये मिनरल और एनरजी पूरे बदन में फिरते हैं।
00:56इंसलिन छोड़ेगा, अचानक एनरजी का तूफान आएगा, फिर ज्यादा शक्कर चर्बी में दबदील हो जाएगी, मोटापे की तरफ जाएगा, दांतों पर तेजाबी असरात होंगी, ठूट के अंदर गार बनाएंगे, मेदा गर्म होगी, तेजाब बढ़ेगा, ख�
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