00:00जब एक इनसान कोका कोला का ग्लास अपने हाथों में पकड़ कर पीता है तो उसके जिस्म के अंदर एक अनोखा सफर शुरू होता है।
00:08दिमाग होशियार होता है और निूरॉन्स तेज रोशनी के साथ रियक्ट करते हैं।
00:13जैसे ही कोका कोला पेट में जाती है, स्टमक उस लिक्विट को रिसीव करता है और अंदर केमिकल रियक्शन शुरू होती है।
00:20इंटिस्टाइन्स उससे शुगर और कैफीन अब्सॉर्ब करके खून में भेज देते हैं।
00:25ये न्यूट्रेंस धीरे-धीरे पूरे जिस्म में फैल जाते हैं।
00:29मसल्स में हल्की सी एनरजी मैसूस होती है और इंसान खुद को थोड़ा फ्रेश समझने लगता है।
00:34दिल की धड़कन तेज होती है और खून के साथ ग्लूकोज बॉडी के हर हिस्सा तक पहुँच जाता है।
00:40ब्रेन को इंस्टन स्टिमूलेशन मिलती है जिससे फोकस और अलर्टनेस बढ़ती है।
00:46लेकिन अगर कोका कोला ज्यादा मिकदार में पी जाए तो यही एनर्जी धीरे धीरे नुकसान में तबदील होने लगती है।
00:52पेट की लाइनिंग मुतासिर होती है और इरिटेशन शुरू हो जाती है।
00:57ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाती है जिससे जिस्म पर बोज पढ़ता है।
01:01कुछ लोगों में स्किन पर रेडनिस या अलर्जी भी जाहिर हो सकती है।
01:05जब एनर्जी का इफेक्ट खत्म होता है तो ठकान और लो एनर्जी महसूस होती है।
01:10इस कहानी से हमें ये समझ आता है कि कोका कोला एक वक्त के लिए एनर्जी देती है लेकिन ज्यादा इस्तिमाल जिस्म के लिए नुकसान भी बन सकता है।
01:19इसलिए हमेशा बैलन्स और समझदारी जरूरी है।
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