00:00मुरली का सार
00:01इस वर्ष चारो ही सब्जेक्ट में अनभव की अथोर्टी बनो, लक्षे और लक्षन को समान बनाओ
00:08वर्धान
00:10धर्म और कर्म दोनों का ठीक बैलन्स रखने वाले दिव्वेवा श्रेष्ट बुद्धिवान भव
00:17कर्म करते समय धर्म अर्थात धारना भी संपूर्ण हो, तो धर्म और कर्म दोनों का बैलन्स ठीक होने से प्रभाव बढ़ेगा
00:26ऐसे नहीं जब कर्म समाप्थ हो, तब धारना स्मिर्ती में आए
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