00:00इतने साल इस इंडरस्टी में गुजा रहे हैं इस तरह की गैदरिंग से मेरा कभी आमना सामना नहीं हुआ
00:12कि सब एसोसियेशन से एक साथ हो फेडरिशन के तक्त्वाधान में
00:20being an actor मैं वहीं तक सेमित रहा राजनीती में सोचने का राजनीती में करने का कोई शौक नहीं था
00:31इच्छा नहीं थी बिलकुल भी नेता बनने का कोई शौक नहीं था लीडरी का कोई शौक नहीं था
00:37एक उत्तरप्रदेश्टे आया हुआ एक नॉर्मल सा युवक और उसी तरह मैंने अपनी जिन्दगी यहां गुजारी है जो जो लोग मुझे जानते हैं मुझे सब को पता है कि इस इंडरस्टी में जितने
00:53सो कॉल्ड बैनिपुलेशन होते हैं वो मैंने नहीं किये मैं मुझे आते भी नहीं थे आज भी नहीं आते
00:59and that is why I speak straight, बिल्कुल straight
01:04जहां तक राजनितिक सफर की बात है
01:08अब मुझे 88 से 1988 से जब से रामायन बहुत पॉपलर हुई थी तब से मुझे
01:17राजनिती में आफर्स आते रहे पर मेरा कभी मन नहीं कि
01:24as I said it time to to straight line of a person you know
01:28मैंने का नहीं मेरा ये काम नहीं है मुझे होगा भी नहीं मुझे आता भी नहीं है
01:32और ये अब तक भी होता रहा
01:36फिर एक दिन आज 23 तारीख है 22 जनवरी पिछले साल की
01:43राम लेला के मंदिर में बैठे हुए थे हम तब उनका
01:47अभी शेक होने वाला था वे दिन
01:49और उस दिन
01:51मेरे मन में एक थौट आया
01:54कि
01:56इस
01:58देश में या समाज में हमने
02:01अध्यात्मे को धार्मिक सेवा तो रामाइन के थूँ काफी की है
02:05हुई है
02:06लेकिन कभी वन टू वन जिसे हम जन सेवा कहते हैं डिरेक्ली वो कभी नहीं हुआ
02:11यह थौट इधर से आया और इधर से निकल गया
02:14और उसके कुछ दिन बाद मुझे
02:17एक फोन आया
02:20कि हम ऐसा सोचते हैं कि आपको हम
02:24मेरट से आप हमारे लिए चुनाव लड़ें
02:27तो वो व्यक्ति जो बरसों से मना करता रहा
02:34उसने एक पल भी नहीं लिया यह कहने में
02:36कि इस ओके
02:37अल्डो इट
02:38तो मैं यह आप तो
02:41मैं आप तो यहां यह बताना चाहता हूँ
02:43कि पहली बात तो यह कि
02:44समय अपने आप में इतना ज्यादा बलवान होता है
02:48कि जो जब होना होता है
02:49वो होकर तो रहता है
02:50लेकिन इसका मतब यह भी नहीं होता
02:52कि हम अपना कर्म ना करें
02:53हमें कर्म तो करना होता है
02:54तो यह है कहानी मेरे राजरीती में आने की
02:58और यहां आने के बाद जब मुझे सबसे पहला मौका मिला
03:02कि मैं कुछ बोल पाऊं
03:06तो मैंने जो पहला मुद्ध पारलेमेंट में उठाया था
03:09वो यह था कि जो हमारा OTT प्लेटफॉर्म पे जो हम देखते हैं
03:14उसमें बहुत सारी चीज़ें ऐसी होती हैं जो हम फैमिली व्यूइंग नहीं कर सकते
03:18सबसे पहला मुद्ध मेरा वो था
03:20और यह जो मुद्ध उठाने का भी जो उनका प्रॉसेस है
03:25वो यह है कि हमें जो हम कहना चाहते हैं वो हमें अपलोड करना होता है वहां
03:32और उसके बाद एक लॉट्री निकलती है वहां
03:34मैंने जब इंडर्स्टी का मुद्ध उठाया और उस दिन मेरी लॉट्री लग गई और मैं बोल पाया
03:40इस इंडर्स्टी में मैंने वाक़ए as everybody knows it as everybody said it
03:48जो हो रहा है जो होता आया है आज तक वो किसी भी द्रश्टी से छोटे हमारे कलाकारों के लिए
03:55हमारे कार जो सभी लोग काम करने वाले हैं उनके लिए कभी भी हाला तच्छे नहीं रहे
04:02बहुत खराब हाला आत रहे हैं शुरू से
04:05जितना exploit उनको किया जा सकता है
04:07उतना किया जाता रहा है
04:08इसको लेकर कई बार मुझे याद है
04:11बहुत बड़ी बड़ी बड़ी लंबी स्ट्राइक्स भी हुई थी
04:13एक बार fighters ने स्ट्राइक की थी
04:15बहुत बड़ी लंबी स्ट्राइप चली थी यह सब होता रहा है
04:18तो मैंने जब वो मुद्दा उठाया और उसका रिजल्ट जो है वो आज पहला कدم
04:27हमारे सामने है तो जब वो मुद्दा उठा तो मुझे आएंड बे मिनिस्टर ने
04:33बुलाया कि आपने ये मुद्दा उठाया है और हम इसके लिए एक कमिटी
04:38बनाना चाहते हैं जो इन सारी चीजों को देखेगी और इनकी जाच करेगी
04:42और जो भी हो सकता है वो हम करेंगे और इसमें हम लेबर मिनिस्टरी को भी
04:46इन्वाल्व करेंगे I said fine चलो कुछ तो हो कहीं कुछ तो हिल रहा है
04:52मतलब बूव्मेंट हो रहा है सिस्टम में और लेकिन वो कमेटी फिर किनी
04:58वज़ाँ से नहीं बन पाई but in the meantime मैं जब जब भी लेबर मिनिस्टर से
05:03मिलता रहा हमारे आदरनी श्री मंसुक मानविया जिसे मैंने हमेश्य कहा कि सर वो एक कमेटी बननी थी वो नहीं बनी
05:09आइन भी नहीं बनाई और आपके हां से भी नहीं बनी है वो कमेटी तो उनने का नहीं हम उस पर काम कर रहे हैं
05:15और फिर कुछ दिन पहले नवेंबर में नवेंबर में उन्होंने मुझे बुलाया और मुझे बताया कि हम एनाउंस करने जा रहे हैं नए लेबर कोड़ चार नए श्रम सहिता हैं जो हम एनाउंस करने जा रहे हैं उन में इन सारी चीज़ों को हमने कवर किया है
05:35and I felt very happy about it
05:36कि चलिए, यह हो रहा है
05:38और अभी उनके गाउं में
05:42वो भाबनगर के हैं
05:45और उनका गाउं है हनोल
05:47उन्होंने अपने गाउं को एक आत्म निरभर गाउं बना दिया है
05:51मतलब वो ऐसा गाउं है जिसमें दो-दो स्टेडियम है
05:54जिसमें अम्रत सरोबर है
05:57जिसमें हैलिपेट है
06:00अभी तो उन्होंने मुझे वहाँ बुलाया था
06:04अभी
06:0514 कि आप यह क्यों नहीं करके दे रहे हैं
06:08यह करना चाहिए
06:09मैं जब
06:14चुनकर जब मैं जब चुन लिया गया था
06:17तो हर व्यक्ति का एक
06:19बहुत साइकॉलिजिकल बात है बड़ी
06:22दौर्बली सब के साथ होते हैं कि इस इंडरस्टी में
06:24यह जहां हम काम कर रहे होते हैं
06:26हमको लगता है कि वहाँ हमारा स्वागत होना चाहिए
06:28एक अभी नंदन होना चाहिए
06:30और मेरे दिमाग में भी वो बात आई एक बार पर मैंने का नहीं ऐसे अभी नंदन का कोई मतलब नहीं है अगर हम जब तक कुछ कर ना पाए इस इंडरस्टी के लिए या अपने लोगों के लिए तब तक अभी नंदन कराना बेकार की बात है इस नॉट ड़न अट अट और
07:00तो अभी भी मैं नहीं आ रहा था मुझे मनसुक मान्रिया जी ने कहा है कि अगले महीने वो यहां आएंगे पूरे फिल्म ड़स्टी के सभी लोगों के साथ एक बहुत बड़ा मीटिंग होगी जिसमें संबाद होगा और उसमें वो एक्स्प्लें करेंगे पूरी तरह से कि
07:30है
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