00:00मैंने एक बार पहले भी बताया था
00:02लाठी जो चलाते हैं हुम लोग
00:08वो हम क्यों चला रहे हैं
00:12इसका हमें श्मरन रहना चाहिए
00:17इसलिए मैं संतों के पास आता हूँ
00:21और
00:30आचारिक श्री मुख से मर्यादा महुच्छो का उल्लेख हुआ
00:34और मंसुख भाई ने कहा
00:38तो वो भी हमारे संगचालक भी है
00:43वो संग में संगचालक का शब्द रखना पड़ता है
00:47तो यह जो एक्स्ट्रा हुआ है वो मेरा लाव है
00:53अभी अचारिक श्री ने बात रखी है
01:01भारत का यही काम है
01:06कि दुनिया को मरियादा सिखाए
01:12और सिखाए यहने भाषन से पुस्तक से नहीं
01:18अपने आचरण से सिखाए
01:21क्योंकि पुस्तक में तो ग्यान रहता है
01:26भाषन में भी सुनते हैं
01:28लेकिन उससे बात पुरी नहीं होती
01:33कैसा करना चाहिए कैसा रहना चाहिए
01:38जो बताया है
01:39वो तो साश्वत है
01:42एक बार हजार साल पहले बता दिया
01:45आगे भी वैसा ही है
01:47परंतु उसको करने के लिए
01:50हजार साल पहले जाते तो एक बिन्न परिस्थिती थी
01:53आज जाएंगे तो एक भिन्द परिस्थिती है
01:57एक बार गो संवर्धन गतिविदी के कारिकाम के तहट
02:04एक नागरिकों के इसमें मैं विशे रख रहा था
02:09कि गाय की रक्षा हो नहीं है तो हमको गाय रखनी चाहिए
02:18तो एक सज्जन खड़े हो गए
02:20आपकी बात बिल्कुल सही है लेकिन मैं शाहर में रहता हूं
02:26पाचवे मंजिल पर रहता हूं मैं गाय कैसे रखो
02:30प्रटन यही रहता है विशे आपका सबका बिल्कुल सही है
02:37परन्तु मैं मेरी स्थिती में ये कैसे करूं
02:41जब करने वाले सामने होते है तो आदमी उनको देखके कर लेता है
02:48समाज के श्रेष्ठ लोग उकेवल बोलते लिखते नहीं है
03:07वो जीते हैं और उनका जीवन देखके जीवन चलता है
03:13और इसलिए हमारे भारत भूमी में लोग अनुकरन किसका करते हैं
03:24अन्ततो गत्वा अध्यात्मिक लोग हमारे लिए प्रमाण है
03:30जैसे कुंड के सत्य की बात आई तो भावतिक सत्य है
03:38पैसा कमाना पड़ता है
03:40लेकिन पैसे के पीछे भागना हमारी परमपरा में नहीं है
03:47आज भी प्रत्यक पैसे कमाने वाला विक्ति कम पैसा कमावे या बहुत ज़्यादा पैसा कमावे
03:56वो परमपरा से दान करदा है
04:02आज हम कहते कि बहुत अवनत अवस्था है हमारे समाज की आचरन से नीचे गिर गये फिर भी
04:09दान लोगों की जीवन में है क्योंकि अपना जीवन दान करते हुए समाज के भालाए के लिए काम करने वाले लोग दिखते हैं
04:24और वो बताते हैं कि भाई पैसा कमाना महत्व की बात नहीं है कमाया हुआ बाटना कैसे बाटना ये महत्व की बात है
04:35झाल झाल झाल
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