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  • 18 hours ago
राजस्थान के नागौर जिले के छोटी खाटू में आयोजित मर्यादा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अहम मुद्दों पर जोरदार संबोधन दिया।
RSS प्रमुख ने अपने भाषण में मर्यादा, सामाजिक एकता, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों पर विस्तार से बात की। उनके संबोधन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्थानीय लोग कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।

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Transcript
00:00मैंने एक बार पहले भी बताया था
00:02लाठी जो चलाते हैं हुम लोग
00:08वो हम क्यों चला रहे हैं
00:12इसका हमें श्मरन रहना चाहिए
00:17इसलिए मैं संतों के पास आता हूँ
00:21और
00:30आचारिक श्री मुख से मर्यादा महुच्छो का उल्लेख हुआ
00:34और मंसुख भाई ने कहा
00:38तो वो भी हमारे संगचालक भी है
00:43वो संग में संगचालक का शब्द रखना पड़ता है
00:47तो यह जो एक्स्ट्रा हुआ है वो मेरा लाव है
00:53अभी अचारिक श्री ने बात रखी है
01:01भारत का यही काम है
01:06कि दुनिया को मरियादा सिखाए
01:12और सिखाए यहने भाषन से पुस्तक से नहीं
01:18अपने आचरण से सिखाए
01:21क्योंकि पुस्तक में तो ग्यान रहता है
01:26भाषन में भी सुनते हैं
01:28लेकिन उससे बात पुरी नहीं होती
01:33कैसा करना चाहिए कैसा रहना चाहिए
01:38जो बताया है
01:39वो तो साश्वत है
01:42एक बार हजार साल पहले बता दिया
01:45आगे भी वैसा ही है
01:47परंतु उसको करने के लिए
01:50हजार साल पहले जाते तो एक बिन्न परिस्थिती थी
01:53आज जाएंगे तो एक भिन्द परिस्थिती है
01:57एक बार गो संवर्धन गतिविदी के कारिकाम के तहट
02:04एक नागरिकों के इसमें मैं विशे रख रहा था
02:09कि गाय की रक्षा हो नहीं है तो हमको गाय रखनी चाहिए
02:18तो एक सज्जन खड़े हो गए
02:20आपकी बात बिल्कुल सही है लेकिन मैं शाहर में रहता हूं
02:26पाचवे मंजिल पर रहता हूं मैं गाय कैसे रखो
02:30प्रटन यही रहता है विशे आपका सबका बिल्कुल सही है
02:37परन्तु मैं मेरी स्थिती में ये कैसे करूं
02:41जब करने वाले सामने होते है तो आदमी उनको देखके कर लेता है
02:48समाज के श्रेष्ठ लोग उकेवल बोलते लिखते नहीं है
03:07वो जीते हैं और उनका जीवन देखके जीवन चलता है
03:13और इसलिए हमारे भारत भूमी में लोग अनुकरन किसका करते हैं
03:24अन्ततो गत्वा अध्यात्मिक लोग हमारे लिए प्रमाण है
03:30जैसे कुंड के सत्य की बात आई तो भावतिक सत्य है
03:38पैसा कमाना पड़ता है
03:40लेकिन पैसे के पीछे भागना हमारी परमपरा में नहीं है
03:47आज भी प्रत्यक पैसे कमाने वाला विक्ति कम पैसा कमावे या बहुत ज़्यादा पैसा कमावे
03:56वो परमपरा से दान करदा है
04:02आज हम कहते कि बहुत अवनत अवस्था है हमारे समाज की आचरन से नीचे गिर गये फिर भी
04:09दान लोगों की जीवन में है क्योंकि अपना जीवन दान करते हुए समाज के भालाए के लिए काम करने वाले लोग दिखते हैं
04:24और वो बताते हैं कि भाई पैसा कमाना महत्व की बात नहीं है कमाया हुआ बाटना कैसे बाटना ये महत्व की बात है
04:35झाल झाल झाल
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