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पाली से सामने आई ये तस्वीरें सिर्फ नाम कटने की नहीं,
बल्कि सिस्टम पर उठते सवालों की हैं।
यहां चिमनपुरा सिंधियों की ढाणी इलाके में
36 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए,
वो भी तब, जब लोग सालों से यहीं रह रहे हैं।

मामला पाली शहर के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित
चिमनपुरा सिंधियों की ढाणी का है।
सोमवार शाम को यहां रहने वाले दर्जनों लोग
अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।

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~HT.96~

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00:00पाली से सामने आई ये तस्वीरे सिर्फ नाम कटने की नहीं बलके सिस्टम पर उठते सवालों की है
00:08यहां चिमनपुरा सिंदियों की धानी इलाके में 36 लोगों के नाम वोटल लिस्ट से काट दिये गए
00:13वो भी तब जब लोग सालों से यही रह रहे हैं
00:16मामला पाली शहर के आउजिंग बोड शेत रिस्टित चिमनपुरा सिंदियों की धानी का है
00:20सुमवार शाम को यहां रहने वाले दरजन लोग अपनी शिकायत लेकर कलेक्टरट पहुँचे
00:25लोगों का कहना है कि S.I.R. प्रक्रिया के दौरान उनके नाम वोटा लिस्ट से हटा दिये गए
00:29जबकि उन्होंने समय पर B.L.O. को जरूरी फॉर्म भर कर जमा कराये थे
00:33प्रभावित लोगों का आरोप है कि सिर्फ एक व्यक्ति के आपत्ति के आधर पर बिना मौके की जाज किये
00:38उनके नाम वोटा लिस्ट से काट दिये गए
00:40कुछ मामलों में फॉर्म सेवन के जरीए आपतियां दर्ज की गई जिनमें ये तक कहा गया कि संबंदद व्यक्ति जीवित नहीं है
00:47नाम कटने वालों में 85 साल के शरीफा खातुन भी शामिल है
00:51उनके पती बच्चु खान देश के लिए सेवा दे जुके स्वतंत्र सेनानी थे
00:54इसके अलावा सरकारी सेवा से रिटाइड करमचारी, पेंशन धारी और लंबे समय से यहां रह रहे परिवारों के नाम भी काटे गई है
01:01पीडितों का कहना है कि उनके नाम 2002 की मददाता सूची में भी दर्च थे
01:06सिंधियों की धानी निवासी सफी मुहमत का कहना है कि उन्होंने बियेलों को फॉर्म पूरा भर के दिया था
01:11उनकी आपत्ती लगते ही लेकिन आपत्ती लगते ही बिना जाज के नाम काट दिये गए
01:15वही सिकंदर खान का कहना है कि उनकी और कई अन्ने लोगों के नाम हाली में ही वोटर लिस्ट में जुड़े थे
01:20लेकिन किसी ने ये आपत्ती दर्च कर दी कि वे जीवित नहीं है
01:41जहूने से किसी का नाम नहीं काता जा सकता
01:43प्रशासन की और से पूरे मामले की निक्षपस जांच का भरोसा दिया क्या है
01:47फिलाल चीमनपुरा सिंधियों की धानी के लोग जांच पूरी होने का अंतिजार कर रहे हैं
01:51उमीद यही है कि गलती से कटे नाम फिर से वोटालिस्ट में जुनेंगे
01:55लेकिन सवाल अब भी यही है कि क्या सिस्टम की एक चूप किसी का लोगतांत्रिक अधिकार छीन सकती है
02:00दरसल चीमनपुरा सिंधियों की धानी का ये मामला कोई अकीला मामला नहीं है
02:04इससे पहले भी SIR प्रक्रिया के दोरान पाली और आसबास की इलाकों में वोटालिस्ट में नाम काटे जाने की शिकायते सामने आती रही है
02:11कई लोगों का कहना है कि उनके नाम भी बिना घर पर आए बिना सही जाज किये वोटालिस्ट से हटा दिये गए थे
02:17कुछ मामलों में लोगों को ये तक नहीं पता चला कि उनके नाम पर आपती लगाई गई है
02:20फिलाल चीमनपुरा सिन्यों की धानी के लोग प्रशासन की जांच का इंतिजार कर रहे हैं
02:25लेकिन सवाल सिर्फ 36 नामों के कटने का नहीं है
02:27सवाल उस SIR प्रक्रिया का है जिस पर पहले भी लापरवाई और गडबड़ी के आरोप लगते रहे हैं
02:33अगर बार बार बिना मौके की जांच बिना लोगों को बताए नाम काटे जाएंगे तो आम आदमी का वोड देने का हग खत्रे में पड़ जाएगा
02:40अब देखना होगा कि प्रशासन इस बार सिर्फ भरोसा देती है या सच में गल्ती सुधारती है
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