उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल मची हुई है। बीजेपी के भीतर बगावत की खबरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। कहा जा रहा है कि कई ब्राह्मण विधायक नाराज़ हैं और खुलकर विरोध के संकेत दे रहे हैं। ऐसे में नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने पहला और सबसे बड़ा इम्तिहान है। क्या नितिन नबीन पार्टी की अंदरूनी कलह को संभाल पाएंगे? क्या यूपी में बीजेपी सरकार सच में खतरे में है? इस वीडियो में देखिए पूरी खबर, सियासी गणित और अंदरूनी जानकारी।
00:00नितिन नवीन के बीजेपी का राष्टे अध्यच बने 24 घंटे हुए नहीं कि उनके सामने बड़ा संकट आ गया है।
00:07यूपी में योगी आदितनात के नितुत वाली भाजपा सरकार के खिलाफ पार्टी के ही ब्रामहण विधायकों ने हला बोल दिया है।
00:15इस बगावत से लखनव से लेकर दिल्ली तक की सियासत में खलबली मच गई है।
00:45सिर्फ एक ही नामंकर आया तो उनका निर्विरोथ चुना जाना तै हो गया।
00:50परदान मंतरी नरिन मोदी, केंद्रे ग्रह मंतरी अमित शाह समेत पार्टी के शीर्ष निताओं ने नवीन को बधाई दी, उन्हें अध्यचवाली कुर्सी भी थमाई।
00:59अब चलते हैं देश के सबसे वड़े सूबे यानि यूपी की राजधानी लखनव।
01:04जहां 23 दिसंबर 2025 को भड़ की चिंगारी आभी तक सुलग रही है।
01:34और साफ शब्दों में भविस्व में ऐसी बैठकों से बचने की हिदायत भी देडाली।
01:39उस बैठक में तै हुआ था कि हर महिने इसी तरह मिला जाएगा और चर्चा की जाएगी।
01:44लेकिन उसके बाद सब कुछ जैसे ठंडे बस्ते में चला गया।
01:48महिने लगने को आ गए पर कोई आपचारिक ना तो बैठक हुई ना जुटान की संभावना भी नजर आई।
01:54बाहर से देखने पर लगा कि जैसे मामला शान्त हो गया हो। लेकिन भीतर की बेचैनी अभी खत्म नहीं हुई थी।
02:02इस बीच एक नामी अकवार ने उस बैठक में शामिल साथ विधायकों से बातचीत की है।
02:08इस बातचीत में जो निशकर्ष निकल कर सामने आया वो आपको बता देते हैं। इन विधायकों की बातों से तीन एहम बाते निकल कर सामने आई।
02:17पहली उन्हें लगता है कि मौजूदा समय में ब्रामर समाच को हाशिये पर धकेल दिया गया है। सक्ता में रहते हुए भी उन्हें सम्मान की कमी महसूस हो रही है।
02:27दूसरी बात जो निकल कर सामने आई वो ये है सरकार और प्रशाशन का रवया। विधायकों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ बात ही नहीं सुनते हैं बलकि कई बार उनके साथ बदसलूखी तक कर देते हैं।
02:39जन प्रतिदियों की बातों को गंभीरता से भी नहीं लिया जा रहा है। तीसरी और सबसे गंभीर बात कानून वियोस्था से जुड़ी हुई है।
03:09से चुप बैठे हुए हैं। यहीं से मामला योगी आदितनात सरकार के लिए चिनौती बन गया है। योगी कि छब शक्त प्रशाशक की रही है। लेकिन पार्टी के भीतर असंतोस्त अगर लंबा खिसता है तो इसका असर राधितिक संतुलन पर पढ़ सकता है। खासकर त
03:39गयाच नेतिन नवीन पर टिक गई है। संगठन को साधना, असंतुष नेताओं को सुनना और यूपी जैसे बड़े राज में संतुलन बनाए रखना उनका पहला बड़ा इंतिहान है। अब देखना होगा कि क्या वो समय रहते इस सुलगती आग को बुझा पाएंगे या
04:09कशवाबी की बड़ा है नाग पाएंगे च्राज नेख ला कि बड़के बड़ा है।
Comments