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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को ‘Board of Peace’ का सदस्य बनने का इनविटेशन भेजा है लेकिन इस इनविटेशन की कीमत है 1 अरब डॉलर यानी करीब 9,000 करोड़ रुपये।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बोर्ड में शामिल होने वाले देशों को न सिर्फ गाजा के पुनर्निर्माण के लिए भारी फंड देना होगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर गाजा में अपनी सेना तैनात करने की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ सकती है।

सवाल ये है कि

▪️ क्या पीएम मोदी 9,000 करोड़ का यह इनविटेशन स्वीकार करेंगे?

▪️ अगर भारत मना करता है तो क्या अमेरिका से रिश्तों पर असर पड़ेगा?

▪️ ट्रंप आखिर भारत और पाकिस्तान दोनों को एक ही बोर्ड में क्यों लाना चाहते हैं?

▪️ क्या यह ‘Board of Peace’ संयुक्त राष्ट्र का विकल्प बनने जा रहा है?

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~HT.318~GR.122~

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00:00टैरिफ या 9000 करोड का चंदा
00:14अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरिंद्र मोधी के सामने दो रास्ते रख दिये हैं
00:20या तो बोर्ड ओफ पीश में शामिल हो जाईए या फिर टैरिफ की मार जेलिए
00:25ये कोई डिप्लोमाटिक इंविटेशन नहीं है ये है आर्थिक दबाव प्लस सेने जिम्मिदारी प्लस राजनीतिक सौधा
00:33सवाल ये है कि क्या ट्रम्प गाजा के नाम पर भारत को अपनी नई वर्ल्ड ओर्डर पॉलिटिक्स में फसा रहे हैं
00:40अमेरिकी राश्च्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने बोर्ड ओफीस का सदस्य बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्थान के पीम शहबाद शरीफ को इंविटेशन धेजा है
00:51रिपोर्ट के अनुसार इसका सदस्य बनने के लिए एक अरब डॉलर यानि करीब 9000 करोड रुपे खर्च करने होंगे
00:59इसी के साथ सदस्य देशों को गाजा में अपनी सेना भी भेजनी पड़ सकती है
01:04तवाल है कि क्या पीम नरिंद्र मोदी 9000 करोड रुपे का ये इंविटेशन एकसेफ्ट करेंगे
01:10अगर भारत इस बोर्ड में शामिल होने से मना कर देता है तो अमेरिका से संबंदों पर इसका क्या असर पड़ेगा
01:17और इस इंविटेशन के पीछे ट्रम्प का आखिर मकसद क्या है
01:21सबसे पहले जानते हैं बोर्ड ओफ पीस क्या है
01:23दरसल अमेरिका ने गाजा में शांती सापित करने के लिए 20 पॉइंट का एक गाजा पीस प्लान बनाया था
01:31जिसे UNSC यानि United Nations Security Council ने November 2025 में मन्जूरी दी थी
01:37गाजा पीस प्लान के 20 पॉइंट में ट्रम्प की अध्यक्षता में इंटरनाशनल बोर्ड, गाजा के पुनर निर्मान, गाजा में व्यापारिक शेत्र और रोजगार की बात शामिल की गई थी
01:48इसी के साथ Board of Peace बनाया गया था जो की एक इंटरनाशनल बोडी है
01:53ट्रम्प जिंदगी भर इसके चेर्मेन रहेंगे, इसका मक्तद शासन व्यवस्था सुधारना, इंवेस्टमेंट लाना, फंड जुटाना और शेत्र में शांती के लिए काम करना है
02:04इस Board के लिए New York Times ने कहा है कि इसे United Nations के विकल्प के तौर पर भी इस्तमाल किया जा सकता है
02:11NYT ने एक आर्टिकल में लिखा कि इस Board की Permanent Membership के लिए एक बिलियन डॉलर यानी करीब 9000 करोर रुपे देने होंगे
02:19सदस्यों को एक साल के अंदर ये रकम देनी होगी और अगर दो साल तक कोई सदस्य ये रकम नहीं दे पाता तो उसकी सदस्यता खत्म हो जाएगी
02:28सदस्य देशों से मिलने वाले पैसे का इस्तिमाल गाजा के पुनर निर्मान के लिए किया जाएगा
02:33आपको बता दे कि भारत के अलावा तक्रीबन 60 देशों को ट्रम्प इसका इंविटेशन भेज चुके हैं
02:39इन में पाकिस्तान, फ्रांस, जर्मनी, इतली, हंगरी, औस्ट्रेलिया, कनाडा शामिल है
02:44इसके अलावा यूरोपिय यूनियन और मिडल इस्ट कंट्रीज को भी ये इनवाइट भेजा गया है
02:49दरतल भारत को बोर्ड आफ पीस में शामिल करने के पीछे ट्रम्प के पास तीन कारण है
02:54पहली वज़ा, ट्रम्प के इस बोर्ड से इसराइल खुश नहीं है
02:58वहीं भारत के इसराइल और फिलिस्टीन दोनों देशों से अच्छे संबंध है
03:02ऐसे में भारत इस पीस प्लान को लागू करने और इसराइल को मनाने में एहम भूमिका निभा सकता है
03:08दूसरी वज़ा, भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एकॉनमी है
03:15गाजा को दोबारा बसाने के लिए काफी पैसे खर्च होंगे
03:19ऐसे में भारत जैसी बड़ी एकॉनमी से अगर फंड्स आते हैं तो पीस प्लान को फायदा होगा
03:24तीसरी वज़ा, रूसी तेल को लेकर अमेरिका ने जो भारत पर टैरिफ लगाए है उसे लेकर भारत पहले से ही दबाव में है
03:32ऐसे में अमेरिकी राष्टपती को लग रहा है कि भारत उनके प्रस्ताव से इंकार नहीं करेगा
03:37इस बोड में शामिल होने को लेकर भारत के सामने कई चनौतियां है
03:41सबसे बड़ी तो एक बिलियन डॉलर की ही है
03:44इतनी बड़ी रकम देना भारत के लिए आसान नहीं है
03:47बोड ओफ पीस में भारत के साथ पाकिस्तान को भी इन्वाइट किया गया है
03:51यहाँ सवाल है कि क्या अंतराष्टिय असदर पर भारत पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करना चाहेगा
03:56भारत को इसराइल की और से भी समस्या हो सकती है
03:59दरसल इसराइल बोड ओफ पीस से सहमत नहीं है
04:03ऐसे में अगर भारत इसमें शामिल होता है तो इसराइल से संबंद खराब हो सकते हैं
04:07साथ ही आने वाले समय में भारत गाजा में अपनी सेना तैनात करने को लेकर भी सहमत नहीं हो सकेगा
04:13चुनोतियों के चलते अगर भारत Board of Peace में शामिल नहीं होता तो Trump की Ego का सामना करना पड़ सकता है
04:20Trump को अगर ये बात बुरी लग गई कि PM Modi ने उनकी बात नहीं मानी तो भारत पर टारिफ और बढ़ाया जा सकता है
04:27PM Modi की ओर से इसे लेकर अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है
04:31इससे बचने के लिए PM अपनी जगह किसी दूसरे को इसमें शामिल होने के लिए नॉमिनेट कर सकते हैं
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