00:00अगर हिंदू देवी देवता राजा होते तो उनके सिर पर मुकुट होना चाहिए था
00:04लेकिन उनके हाथों में हत्यार क्यों है?
00:08ये कोई सजावट नहीं है और ये हिंसा का प्रतीक भी नहीं है
00:12ये धर्म का सबसे गहरा सत्य है
00:15हिंदू दर्शन में देवता शासक नहीं रक्षक है
00:19मुकुट सक्ता का प्रतीक होता है
00:21लेकिन हत्यार कर्तव्यका
00:24भगवान विश्णू का सुदर्शन चक्र ये किसी युद्ध का हत्यार नहीं
00:28ये समय, नियम और न्याय का प्रतीक है
00:32जब धर्म बिगड़ता है तो चक्र चलाया जाता है
00:35सिंहासन नहीं संभाला जाता
00:37भगवान शिव त्रिशूल धारण करते हैं
00:41क्योंकि वे राजा नहीं सनहारक और संतुलन करता है
00:44त्रिशूल के तीन शूल, स्रिष्टी, संरक्षन और संहार
00:49ये सत्ता नहीं, ब्रह्मांड का संतुलन दिखाते हैं
00:53देवी दुर्गा के हाथों में शस्त्र हैं
00:56क्योंकि शक्ती का असली रूप शासन नहीं, अन्याय का नाश है
01:00हर हतियार एक देवता ने दिया
01:03मतलब शक्ती बांटी गई
01:05किसी एक के पास केंद्रित नहीं
01:07हिंदु देवताओं के पास मुकुट इसलिए नहीं
01:10क्योंकि यहां भगवान राजा नहीं होते, वे सेवक होते हैं
01:15वे सिंगासन पर बैठ कर आदेश नहीं देते
01:17वे रण भूमी में उतर कर जिम्मेधारी उठाते हैं
01:21और यही सबसे बड़ा सत्य है
01:23जहां सब्ता महत्रपूर होती है, वहां मुकुट होता है
01:27लेकिन जहां धर्म बचाना होता है, वहां हत्यार उठाये जाते हैं
01:32हिंदु देवताओं ने हमें ये नहीं सिखाया कि राज करो
01:35बलकि ये सिखाया कि जब समय आए, तो धर्म के लिए खड़े रहो
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