- 2 days ago
Hamari Kahani
This is the adaptation of the famous series Shameless. Fiza, struggling to survive in one of the poor neighborhoods of the city is the eldest child of the family. She has looked after her five younger siblings since their mother left them. Her father Fakhri is addicted to alcohol and is wasting his life drinking and making money from easy and deceitful means adding nothing but trouble for the family.
Cast: Hazal Kaya, Burak Deniz, Reha Ozcan, Yagız Can Konyali, Nejat Uygur, Zeynep Selimoglu, Alp Akar, Omer Sevgi, Mehmet Korhan Fırat, Nesrin Cavadzade, Melisa Dongel, Beren Gokyıldız.
Tag:
Production: MY MEDIA
Screenplay: Ebru Kocaoglu - Verda Pars
Directed by: Koray Kerimoglu
Executive Producer: Dizgin Aksoy Sidar
This is the adaptation of the famous series Shameless. Fiza, struggling to survive in one of the poor neighborhoods of the city is the eldest child of the family. She has looked after her five younger siblings since their mother left them. Her father Fakhri is addicted to alcohol and is wasting his life drinking and making money from easy and deceitful means adding nothing but trouble for the family.
Cast: Hazal Kaya, Burak Deniz, Reha Ozcan, Yagız Can Konyali, Nejat Uygur, Zeynep Selimoglu, Alp Akar, Omer Sevgi, Mehmet Korhan Fırat, Nesrin Cavadzade, Melisa Dongel, Beren Gokyıldız.
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Production: MY MEDIA
Screenplay: Ebru Kocaoglu - Verda Pars
Directed by: Koray Kerimoglu
Executive Producer: Dizgin Aksoy Sidar
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00:00ये हैं वो लोग जिनकी कई दिनों से आप तारिफों के पुल बान रहीं थी
00:03आप ये किस तरह की बात है किये जा रहे हैं?
00:05कुन असर नहीं आ रहा एक के बाद एक मसला खड़ा हो रहा है यहां पर
00:08वैसे भी इसमें हमारा कोई कुसूर नहीं है यार
00:10हम नहीं चाहते थे कि ऐसा कुछ भी हो
00:11बस करो यार तुमने ऐसे रेस्टरोन में पार्टी रखी जाएं सफाई का इंतिजाम ही नहीं और वैसे भी ये सील हो चुका था
00:16लेकिन आप कैसे जानते हैं ये बात?
00:18क्योंकि मैंने इस जीकायट की थी उनसे और ये भी जानता हूँ कि आप लोग ने इसके सील तोड़ी है
00:21जो ये बोल रहे है सच है हमें माफ कीज़ेगा माडम लेकिन हमारे पास और की जगा नहीं थी
00:27एक बात बताए मुझे आप किस किसम के बेहूदा और बत्तमीज आदमी है है
00:30तबियत खराब होने के बावजूद इसने इतना कुछ हरेंज किया आप लोग लोग लिए उसके बाद भी आप लोग ये हरकते करेंगे
00:35तहसीब नाम की भी कोई चीज होती है भाई
00:36यह यहां क्या कर रही है यार
00:38यहां क्या कर रही हो तुम
00:39शायद गलत वक्त पर आगई मैं
00:42काम क्या है इसका यहां
00:44एक मिनट फिजा यह तुम्हें कुछ बताने के लिए आईए यहां
00:46यह क्या बताएगी जानती ही क्या है यह हमारे बारे में
00:48या फिर अपनी कहानिया सुनाने के लिए आई है
00:50तुम्हारा दिमाग जगा पे है?
00:56मैंने सब देख लिया था
00:57ये का कह रहे हो?
00:58मैंने तुम्हें होटल में देखा था
00:59जब तुम इसे प्यार से ले जा रहे थे अपने सार
01:00तो अब ज़्या जूट बोलने की जुरूरत नहीं है तुम्हें
01:02जो बोल रहे हो उसका मतलब ही जानते हो क्या?
01:04ये रहमत भाई सज्वार रहे है बासित भाई
01:07होच खो चुका है तुम्हारा भाई
01:08आपा की और बासित भाई की तलाख होने वाली समझे
01:11तो जितना इनको देखना है न देख लो दिल भागे
01:13ये एक बहुत बड़े ड्रामे बास है
01:14ये जो कुछ कह रहे हो यहां घड़े हो के तुम जानते हो न इसका सर बच्चों पर क्या होगा?
01:19नहीं
01:19फिजा तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज होई है
01:26रेश्टोरेंट की सील तोड़ने पड़ तुम्हे गिरिफता किया जाता है
01:29देख लिया इन लोगों को इनके किये की सजा मिल गई
01:32आखिर हमारे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है तो किस ने कराई है?
01:36मैंने दर्ज कराई थी यह शिकायत
01:37तुम लोगों ने ही इस रेस्टोरेंट की सिल तोड़ी है
01:39आपा?
01:42यार रहमत, मुझे तुम्हें ये सब कुछ बताना ही था कुछ तर पहले पस
01:45ये इसमें बहुत मजबूरी में किया है ओफसर
01:47क्योंकि आज यहां इन लोगों ने छोड़े बच्चों के दावत रखी हुई थी
01:50तुम क्यों नहीं बताती, बताओ ना इने
01:52अहां एहमत, हमने ये सब कुछ अपने प्रॉफिट के लिए नहीं किया
01:55सिर्फ महमानों के लिए किया है
01:56और बच्चों की खुशी के लिए
01:57इससे क्या फरक पड़ता है फिजा, तुम्हें थाने तो चलना ही होगा
02:00और तुम्हारे साथ इन सब का भी बेयान लिया जाएगा
02:02चलो, ले चलो है ने
02:03मगर हम तो महमाना हैं यहां पर
02:05इधर हो बात करनी मुझे तुमसे
02:07मुझे नहीं करनी कोई बात
02:08नजरनी का ना पहली सब बरबाद हो गया है
02:10तुम्हारा मसला क्या है, क्या करना चारी हो, कुछ कहो तो
02:12अक्टिंग मत करो, मैंने सब कुछ देखा था वाँप
02:14तुमने क्या देखा है, मुझे पता तो लगे
02:16मैंने देखा तो तुम चाते हो कि मैं सब के सामने बता दूप
02:18तुम लोगों के गुमान का कोई लाज नहीं है मेरे पास
02:20अब हमें दुसरे बच्चों के वादेन से भी बात करना पड़ीगी
02:22ऐसे बच्चों को हम इस्कूल में नहीं रख सकते
02:24को आपकी घिनोने मकसद में कभी भी काम्याब नहीं होने दूँगे
02:27आप रुकी और देखे मैं क्या करती हूं आपके साथ
02:29इतनी बदनामी हो जाने के बाद भी इस तरह की फुजूल बात कर रही है
02:31जाए आपना
02:33मैं बात कर रही हूं ना
02:35चलो आज़ो बासित
02:36नदे मैं नहीं आननके साथ
02:38मेरा इंस से कोई तालुख नहीं है ठीक है
02:40इंसे करो जो भी बात करने है
02:41और इस रेष्टर psychic मेरा को तालुख नहीं है लोगों से पात करे
02:43हो क्या राये यहाँ पर मुझे कुछ समझने आ रहा
02:45यहां मैं बात करने आई थी बेज़ेती करवाने नहीं
02:48और आप मुझे किस जुरू में अपने साथ था आने लेकर जाएंगे
02:50देखो तुम लोगों के जात्ती मसाइल से हमारे कोई लेना देना नहीं है
02:54तुम सबको चलना होगा हमारे साथ बयान देने के लिए
02:56चलो आजाओ
02:56हाँ चीक है चलते हैं
02:58एहमद क्या तुम बच्चों को घर पर शुडवा दोगे
03:01ठीक है फिज़ा में छोड़ दूगा
03:02चलो आजाओ बच्चो
03:26कितना मज़ा आ रहा था
03:33कितना अच्छा लग रहा था ना ये सब
03:35वाकई बहुत ही अच्छा
03:37तुमने शर्माने की सिवा कुछ नहीं किया हां
03:39वैसे वाकई बहुत शुक्रिया तुम लोगों का
03:42काफी उदास था मैं अब अच्छा महसूस कर रहा हूँ
03:44अच्छा महसूस कर रहे थे, ये तो बहुत अच्छी बात है, अरे समरा, तुम्हें अपने शादी की तक्रीब जल्दी करनी होगी ताकि हम सब मिलकर इंजॉई करें, क्यों जमील?
03:52हाँ, शादी की तक्रीब
03:54ये ठीक ही तो कह रही है, जमील, पैसे भी है हमारे पास, बस हमें कपड़ ही तो लेने हैं, और सेलॉन का इंतिजाम करना है
04:01पैसे, हाँ
04:02समरा, वो पैसे
04:05मैं बताता हूँ तोरान, दरासल वो पैसे किसी को ज़रूरत थी तो उसे देती है
04:09क्योंकि फिलाल तो हमें उन पैसो की ज़रूरत थी नहीं
04:12तो हमने ये सोचा कि वो पैसे किसी के काम ही आ जाएं, क्यों सही कह रहा हूँ न तोरान
04:16मिलकुल
04:17और मैंने ये सोचा कि क्यों ना शादी गर्मियों में खी जाएं
04:20या ठंड ज्यादा है तुम्हें ठंड लग सकती है
04:22ओ, कितना ख्याल है इससे
04:25तुम दोनों अच्छे लग रहे हो
04:26है, तुरान
04:28ये दोनों एक साथ कितने अच्छे लग रहे हैं न
04:30काश कि हम भी इन दोनों कितना हो जाएं तुरान
04:33क्या ख्याल है तुम्हारा
04:35यार, फरीदा, फरीदा
04:37देखो
04:38जो कुछ भी हमारे बीच हुआ था
04:41वो सब तुम मेरी खलती समझो
04:44कुछ यू हुआ था
04:46याले से नराज था मैं
04:48वज़ा तुम थी उसकी
04:49याले की नराज़गी की वज़ए से
04:51मैं जो कुछ समझ बेनी आया और मैंने तुम्हें घर के अंदर आने दिया
04:53वो सब भूल जाओ तुम
04:54क्यूंके याले मेरे दिल में है आप तक
04:57मैं कभी उसे भुला नहीं पाऊंगा
04:59बात को समझो, खुदा के लिए
05:00हाँ
05:01हाँ
05:02बिल्कुल ठीक कह रहे हो तुम
05:04किसी को जबरदस्ती मजबूर थोड़ी कर सकते हैं
05:08हाँ ना, ऐसे ही है
05:09हाँ मगर हम दोनों एक काम तो कर सकते हैं
05:11कि हम दोनों एक साथ दोस्ट बन कर रह सकते हैं
05:14क्या ख्याल है तुम्हारा
05:15हम हम तम्हारा मतलब हम दोनों दोस बनके रहेंगे एक दूसरे के रहेंगे हम दोनों दोस बनके ही रहेंगे यानि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे तरी किसे समझते हैं ना यानि हम दोनों दोस बनके रहेंगे तो
05:27लगता है फिजा ओगई मेठो मैं देखता हूँ
05:33अहां किया हुआ जब एक्यार्यत तो है ना आजो अंधर ने अरे तुम लोगों को क्या हुआ है और अजब कुछ खादाम हो गया बासित भाई और अपड़ा की तरलाग हो एक यह जब डुम हां बासित भाई आपा को दोगा दे रहे है रहाई रहे मैं यह जब यह एंसा लग
06:03अच्छा ओफिसर यार मेरी बात सुनने को तयार नहीं है ये लोग
06:33जिससे शोहर पे भरोसा नहीं क्या तवकर रखें उससे
06:36तुम्हारी हरकत है अच्छी तरह से जानती है इसलिए कुछ नहीं पूछना तुमसे
06:40ये भी है
06:41खैर पूछने का हक भी उनको होता है जिन में दूसरों को सिन्नों की हमत हो
06:44वैसे भी बात करने को फाइदा नहीं शोहर था
06:45करने को को फाइदा नहीं शोहर था बास तो एक मसीह है जिसको प्रॉबलम होती है उसके साथ चल पड़ता है
06:58क्यों मुसीवत है कहीं तुम लोग पागल तो नहीं हाँ हम सारे पागल ही नहीं बेवकूब भी है
07:04अधयार एक दो चोरी उपर से सीना सोरी आफिसर मुझे इस रेपोर्ट के कॉपी मिल सकती है ताकि उस बिरापर मैं बच्चों को स्कूल से निकलवा सकूँ
07:10तुम क्यों स्कूल से बच्चों को निकलवाने पर तुले हुए तुम आप प्रॉब्लम क्या है मुझे समझ नहीं हाँ
07:14बात सुने मेरी
07:14मैं आपको ऐसा हर्गिस नहीं करने दूगी और अगर जरूरत पड़ी तो खुद एक एक वालेदान के घर पर मैं खुद जाओ
07:19अच्छा ठीक है फिजदा साहिबाब आप तो चुब हो जाए देख लिया ना आपने मैडम यह आत्मी एतबार के बिलकुल काबिल नहीं आपको बता रही थी मैं
07:27तो खामुश हो जाए्या अपको कोई हकदी इ मुझे बाति सुनाने का सुन रहे आप आप आफिस सर रहे हैं और तो संच है कि हमें से कोई भी मोकेमल नहीं हर किसी में कोई ना खामी तो होती ही और तुम्हें तो
07:38हमारे घर के हालात का पता ही है और इस सब के बावजूद मेरे बेहन भाई पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं प्लीज मेरी बात को समझे और उस पर गोहर करने की कोशिश करें आप लोग ठीक है फिजा साहिब आपको परिशान होने की जरुवत नहीं है मैं मंडे को सारे पैरें�
08:08अब कमरे में ले जाके एक एक करके बेहन लेला होगा किसी की भी आवाज आई तो लॉक अप में डाल दूगा फिजा पहले तूम आओ मेरे साथ
08:22पैटो
08:38एहमद तुम तु जानते हो हम कितनी मुश्किलाथ का सामना कर रहे हैं और ये सब कुछ हमारे बाबा की वज़से
08:46वो मुझे जैसे ही मिलेंगे मैं उन्हें जेल में डाल दूगा ताके बचने का कोई रस्ता ना रहे
08:51बस उन्हीं की हरकतों की वज़से कहीं मेरे बहन भाईयों को स्कूल से ना निकाल दें
08:54उस वक्ट जो लोग रेस्ट्राण में मौजूद थे वो स्कूल के बच्चे और उनके पेरिंट्स थे और हमने उन्हें वहाँ इन्वाइट किया था
09:00इवन्ट मैनेजर भी वहाँ मौजूद थी
09:02हम चाहते थे वो लोग वहाँ आए और अपना इरादा बदल दे
09:04वो सील हमने अपने फाइदे के लिए नहीं तोड़ी
09:06मैं बस ये चाहती थी के मेरे बहन भाईयों की इज़द रह जाए उनके सामने
09:10और सच ये भी है कि मेरी कमाई का वाहिद जर्या वो रेस्टरॉंट ही है
09:15देखो एहमद अगर तुम हमारी मदद कर सकते हो तो प्लीज कर दो यार
09:19बाकी रेस्टरॉंट का मसला में खुद ही हल कर दूँगी
09:22तुम्हारे बयान के बाद में सब कुछ समझ चुका हूँ
09:25यानि मुझे डियस्पी साहब से खुद तुम्हारी जमानत की बात करनी पड़ेगी
09:29तुम अपना रेस्टरॉंट भी खोल सकती हो जमानत के बाद
09:32मगर वहां की थोड़ी सफाई वागरा करवा लेना
09:34ताके बाद में कोई परिशानी ना हो
09:36बहुत शुक्रिया
09:37तुम्हारा भी शुक्रिया लेकिन मैं फखरी साहब के लिए कुछ नहीं कर सकता
09:40उनको देखते हैं गरिफतार करना पड़ेगा
09:41तुम्हें जैसे ठीक लगे उनके साथ कर सकते हो तुम
09:43ठीक है तुम यहाँ पर साइन कर दो
09:46फिर तुम जा सकती हो
09:47ठीक है
09:48हलो बासित बोल रहा है
09:49आखिर आपको मिरी बास समझ क्यों नहीं आ रही है
09:51ऐसा क्यों कर रही है आँ बात को समझे है
09:52हम वो खुद ही पूछ लेगा तुमसे
09:53आँ शुक्रे शुक्रे
09:56लो पूछ लो ताके तसली हो जाए तुमारे
09:58हलो
10:01वो दरसल
10:03मुझे वो
10:05पूछना था कि क्या आप मीटिंग वाली रात
10:08बासित के साथ थे कमरे में
10:10क्योंकि थोड़ी सी कन्फूजन हो गई थी
10:13क्योंकि मैं भी वहाँ आया था उस रात
10:14तो उस बारे में ही पूछना था आप से
10:16हाँ
10:20ओके
10:23बहुत शुक्रे आपका
10:26बताओ रहमत क्या कहा उन्होंने
10:28बास रो मेरी
10:29सीसी टीवी फोटिज निकल वादू मैं तुम्हें
10:31होटेल के किस रूम में था मैं उस रात अच्छी तरह जान जाओगे
10:34चाहिए तो मैं अच्छा यार और श्रमिन्दा मत करो तूँ
10:36तुमने करा तो दिये मेरी रिस्टेप्शनिस से बात
10:38और उस आद्मी से भी अब कुछ बाकी नहीं है
10:40मैं श्रमिन्दा हूँ अपने शक पर
10:42बस मैंने
10:44उस रात मैंने तुम दोनों को
10:46साथ में जाते हुए देखा तो बस दिमाग में जो बात आई
10:49वो
10:49इल्जाम लगाने से पहले एक बार सोच तो लेते
10:51मैं तो में बताती हूँ कि आखिर उस रात हुआ क्या था
10:53शिरास बहुत परिशान था
10:55और इसने मुझसे कहा कि मेरी वज़ास से फिजा को खलत फहमी हो रही है
10:57और मुझसे कहा कि अब इससे दूर रहू मैं
10:59और मैं इसकी ऐसी बाते सुनकर बहुत घुस्से में आ गई और अपने होश खो बैठी
11:03और इसने बस ऐसी हालत में मुझे अकेलर नहीं छोड़ा और कमरे तक ले गया
11:07क्या हो रहा है यहां
11:09बोलो
11:13बासित बिलकुल बेकुसूर है आपा
11:19क्या मतलब है तुम्हारा
11:21वो होटल वाली बात
11:25यार रहमत क्या करते हो बिलावज़ फिजा को इतना परिशान करती है तुमने
11:28यार मेरा भी खुसूर नहीं है अगर उस सिचुएशन में कोई भी तुम्हे देखता तो उसे भी गलत फहमी हो जाती यार
11:33वा क्या है
11:40बासित आजा अब तुम्हारा बयान ने नहें मुझे और मेडम आप भी आजाएए
11:44चलो खेर आतो मैं
11:45तो बताएदा मुझे के हुआ क्या है
11:47यार वो आपा
11:53होटल वाली बात को लेके हमें गलत फहमी हो गए थी
11:57होटल वालों ने गलती से बासित और नर्मीन को एक ही कमरा दे दिया था
12:01मगर दरसल बासित और डॉक्टर आकेफ कमरा शेयर कर रहे थे आपा
12:05मेरी अभी बात हुई है
12:07होटल वालों से उन्होंने अभी कंफिर्म किया है
12:10बासित ने यहां तक कह दिया आपा कि अगर
12:27तो भासित बेगुना है
12:28कितना दिल दुखा होगा नो उस बचाने का
12:31हाँ बिल्कुल ठीक कह रही हूँ समरा
12:32ठीक है तुम्हें गलत फैमी हो गई थी
12:33जार मैंने अपको जान बूच के थोड़ी किया ना
12:35जो मैंने देखा था वो मैंने आपको बता दिया
12:37खुन खौल गया था मेरा अच्छा ठीक है ना
12:39मेरी जगा कोई और भी होता तो वो भी यही करता
12:41पैसे भी मुझसे जूट बोल कर गया था वो सौरत के साथ में
12:43मेरी बात सुनो फिजा
12:44जैसे ही वो बाहर आए तुम उससे बात करो
12:47उससे माफी मांगो उससे मनाने की कोशिश करो
12:49देखो आकर गलते तुम्हारी थी तुम ही ने गलत समझा
12:52यार बासत बासत बासत यार
13:00बासत बासत बासत
13:07मेरी बात तो सुनो मुझे बात करनी है तुमसे
13:11कुछ बज़ाए नहीं बात करने के लिए
13:13रिष्टे एतिबार के होते हैं फिज़ा शिकू को शभात के नहीं
13:16बहुत अफसोस हो मुझे
13:17अब बहुत देर हो चुकी
13:19ठीक है न मुझे लगा था कि मैं
13:21तुम्हारे जस्टिफाइ करने से कुछ बदर ले वाला नहीं है
13:24तुमने सोचा भी नहीं कि मैं तुम्हें इस हालत में धोका नहीं दे सकता
13:27मुझे उस जुर्म की सजा मिली जिसका मुर्था के भुवा है नहीं
13:30दो-तिन दिन में
13:32मैं अपना समाना कर ले जाऊंगा तुम परिशान मत होना मेरे लिए
13:35बाए
13:37और हाँ फिज़ा
13:40अपनी सहत का बहुत ख्याल लखना
14:05क्या हुआ बताए हमें
14:07स्कूल से निकाल दिया हमें
14:08और वासित भाई कहां है आपा
14:10क्या वाकरी में आप दोनों की तलाग होने वालिये बताईए मुझे
14:13आपा की जान परिशान नहीं हो तुम दोनों
14:16वो लोग नहीं निकाल सकते तुम दोनों को स्कूल से
14:18और हाँ
14:19मंडे को स्कूल में एक मीटिंग है उसके बाद तुम लोग देखना कि सब कुछ ठीक हो जाएगा
14:22मुझे समझ नहीं आते उस आतमी को हमसे मसला किया है
14:25पीछे ही पढ़ गया
14:26कुछ करना होगा उसका हमें
14:27तुम फिकर नहीं करो मैं हैंडल कर लूगी
14:29तुम लोग किसी भी चीज़ की टेंशन नहीं लो
14:32सिर्फ अपनी पढ़ाई परते हां दो बाकी मैं देख लूगी ठीक है
14:34आपा बासित भाई अच्छे हैं बहुत
14:36वो आपको कपी धोका नहीं दे सकते
14:38कोई गलत तैमी होई है
14:39समझ नहीं आया कि तुम्हारे दिमाग में ये कैसे आया कि
14:42वो तुमसे बेवफाई कर रहा है
14:43ये इतना जहीन होकर ये बात नहीं समझ सका
14:46तु भला फिज़ा कैसे समझ सकती है ये बात फरीदा
14:49बस कर दें समरापा
14:50मैं पहले ही बहुत जादा शर्मिंदा हूँ
14:52मजीद मत करें मुझे
14:53तुम्हें शर्मिंदा होने की जरूत नहीं है
14:54अगर मैं दिया को ऐसे किसी और के साथ देखती तो मैं भी ही समझती
14:58गलती मेरी है
15:01मुझे उस पे भरोसा होना चाहिए था
15:03ऐसा लग रहा है जैसे मैं तो इंतजार कर रही थी कि वो कुई गलती करे
15:07सच कहूं तो तुमने उसके साथ सही नहीं किया
15:10उफ तो अप क्या होगा
15:14आपकी उन्से तलाग तो नहीं होगी न
15:16मैं किसी भी थरह अबासत को बनाने की कोशिश करूँगी
15:20तुम लोग जाकर सोचाओ
15:22ओकी गुड़नाइट
15:28गुड़नाइट
15:37यार बासत कमसकम फून तो उठाओ न उसका
16:06बात करने को कुछ बचा नहीं तो रहा है
16:08मैसेज़ आएट
16:14असत बच्चे तुम्हारे लिए बहुत परिशान है
16:17देखो तुम अप्पी जगह पर बिल्कुल ठीक हो लेकिन मैं बहुत शर्मिंदा हूँ
16:20इसका मतलब है खुस्सा है तुम्हें
16:25कितने दिन से कोशिश कर रहा हूं से मना रहा हूं में लेकिन वो है कि मुझसे पूछे बगए छोटी सी बात का बतंगर बना के तना बड़ा फैसला दिया मुझे तो घुस्सा नहीं आना चाहिए मुझे क्या यार वो प्यार करती है तुम्हें और रहमत जासूसी करता फिर
16:55उसकी तरफदारी करने की जुरूट नहीं है तुम फिजा को नहीं जानते हो समझ गए मैं उसकी रग रग से वाकिफ हूं कि वो क्या सोचती है और वो चाहती है कि वो जो कहे उसी को मान लो यार बासित हर और अवरत का यही मसला है तो अब क्या तलाक दोगे उसे नहीं माल
17:25क्या रहा हूं बस कर दो उनकी तरफदारी करने की जुरूट नहीं यह तुम है वो क्या है मैं जानता हूं ची तरह से सब ने मिलके मुझे घर से निकालने का प्लैन बनाया है यकीन मुझे सब मिले हुए लेकिन इसमें तुमारी भी तो खलती है ना बासित कैसी बाते कर रह
17:55एक कदम की दूरी पर तो है उसका घर मैं होटल में रुख जाऊंगा तुमा आजो मेरे साथ मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं ठीक है आजो
18:25आज तुम जल्दी आ गए अब इस खदर जल्दी भी निया आया हमें तुमने वह सवालात हल कर लिये जो सर अली ने दिये थे वह बस आते ही होंगे
18:55क्या तुमने हल कर लिये वह सब
18:57हाँ कर लिये तुम्हें क्या तुम नकल करोगे इनकी
19:00दिखाओ सारा
19:01क्या होगे तुम्हें क्या कर रहे हो
19:02रहमेद ये तुम क्या कर रहे हो हाँ
19:07हेलो
19:14क्या मतलब ये सब मैंने घलत किये हैं
19:18पहले ही बताया था मैंने तुम्हें, सर के आने से पहले दुबारा ठीक करना।
19:32हद यार।
19:43यह सब क्या है रहमत।
19:44दिया तो मेरा फोन क्यों ने उठा रही थी यार। और घर पर भी नहीं थी।
19:47भी नहीं थी।
19:48तुम्हें इससे क्या, यहां क्यों बुलाया है मुझे।
19:50सॉरी बोलना था तुम्हे।
19:53बासित ने कोई बेवफाई नहीं किया आपसे।
19:56आइवेश मैंने तुम्हारी बात मानी होती।
19:58अगर मैं पहले ही बासिते बात कर लेता, तो यह गलत फैमी होती ही नहीं कभी।
20:02अगर तुम्हारी बात मानी होती, तो ऐसे शर्मिनना नहीं होता।
20:05मैं बहुत अजीब औ गरीब हरकते करता हूँ, तुम जानती थो।
20:08मुझे माफ कर तो, प्लीज बात करता है।
20:10पता है क्या, तुम्हारी इन गलत फैमें से मैं बहुत ठक चुकी हूँ रहमत।
20:13मैं तुम एक बात बताओ।
20:14तुम पहले हर चीज़ को हमेशा गलत नजरिये से ही देखते हो।
20:17और अन्जाम क्या होता है।
20:18हमेशा आखर में सब कुछ मुझे ही बुकतना पड़ता है।
20:20मुझसे अब ये सब नहीं होगा।
20:21ठीक है, ठीक है, बिल्कु ठीक कह रही हो तुम।
20:22हाँ, मैं जी भरकत लिकता हूँ।
20:23मैं चाहता हूँ कि तुम मेरे साथ रहा हूँ।
20:25ताकि मैं अपने होश में रहा हूँ।
20:28हद है यार, खुदा के लिए रहमत, क्या देख लोगे तुम यार।
20:32अब तो लड़की भी आ गए ये बीच में।
20:34और मुझे ने लगता कि उसके होते वे तुम असिस्टेंट भी बन पाओगे।
20:36उसे अपने इलावा किसी की परवा नहीं है।
20:39या...
20:40तुम तब वैसे भी अब उसके साथ हो तो ये सब मुझे बताने का क्या फाइदा।
20:43उसको असिस्टेंट बनने से जादा तुम में इंट्रेस्ट है।
20:45तुम में इंट्रेस्ट है।
20:46और फिर तुम उसके साथ मिलकर उल्टे सीधे फैसले करोगे।
20:48इस सब में मैं तो पीछे रह जाओंगी तो मेरा यहां पर क्या काम है।
20:50सुनो तुदिया।
20:51तुम वो सारी बाते कर रही हो जा एक्जिस्ट भी नहीं करती है।
20:54उस पर तुम नराज हो रही हो मुझसे।
20:55रह्मत उसने हर युनिवर्स्टी से पहली पोजिशन में ग्राजवेट किया है।
20:58इसका मतलब जानते हो।
20:59उसकी पूरी कोशिश होगी कि तुम यहां से भाग जाओ।
21:01क्या पहलन की मालूमात लिये तुमने।
21:03हाँ बस थोड़ा बहुत।
21:08एनिवेस।
21:10मैं तुम्हें बता चुकियों कि क्या होने वाला है।
21:12तो कोई फाइदा नहीं है सबका।
21:14इस सबसे ठक चुकी हुमें।
21:15बस खतम करो यह सब।
21:16हद होती है यार।
21:25लो भाई फिर से टपक पड़ी मातरमा।
21:27ओ हलो।
21:35मिस्स पेलिन है ना आप।
21:37हाँ मगर तुम यहाँ पर क्या कर रही हो।
21:40हाँ मुझे यहाँ अपने एक दोस्त को किसी बारे में कुछ बताना था।
21:44क्यों क्या हुआ।
21:48खर छोड़ो मुझे तुमसे बात करनी थी।
21:51तुमाजकर मेरे दोस्तों में बहुत मशूर हो गई हो।
21:54वो इस वत वहाँ कैंटीन में होंके चलो चलकर उनके पास बैठते हैं।
21:57मैं तुम्हारी उनसे मुलाकात करवाना चाहती हूं।
21:59वो बहुत खुश होंगे।
22:01मैं रूम में जा रहा हूं।
22:07मैं रूम में जा रहा हूं।
22:08पेशेंट्स को बारी-बारी भेज दो आंगे।
22:09जी ठीक है।
22:10कर दो
22:20पत्स बाहिए कम्हें.
22:41खुश्यामदीद, वसे तो है तुम्हारा ही कम्हा है.
22:49मुझे लगा था कि तुम यहां होगे, लेकिन तुम नहीं थे, तो आख लग गई, तुरान भाई के घर भी नहीं थे तुम, देखो, ऐसा नहीं है कि मैं तुम्हारा पीछा कर रही हूँ, परिशान थी तुम्हारे लिए, यहां क्यों आयो अफिजा,
23:07मुझे बस बात करनी थी तुम से और कुछ नहीं, तुम बात तो सुन सकते हो ना मेरी, तुमसे माफी माँगना चाहती हूँ, बहुत शर्मिन्दा हूँ मैं,
23:21एक काम करें पेशन्स को भेज़ दे अंदर, दियो शुक्रियों,
23:25जब मैं इतने दिन से बात करने कोशिश कर रहा था, तब क्या हो था तुम्हें?
23:34बहुत देर हो चुकी, वैसे भी मेरे जैसे बेवफा आदमी के साथ रहकर क्या करूगी? सही कहा नूँ,
23:42जी जी आईए, आईए, डॉक्टर पेशन्ट है, भेज़दे, भेज़दे,
23:46मुझे चलना चाहिए, शायद,
23:57आईए, बेठे,
23:57बात सुनो मेरी, मैं सर्फ थोड़ी देर के लिए तुम लोगों को बाहर भेज रही हूँ,
24:04खेलने के लिए, अगर कोच उड़टा सीधा किया, तो मुझे से बुरा कोई नहीं होगा,
24:07इस मुझे का खयाल लखना बहुत,
24:08उफ, समरा आपा, बस ठीक है ना, चले हम जा रहे हैं, ठीक है, जाओ जाओ तुम लोग,
24:15ये कौन है, क्या नए परोसिया है हमारे,
24:19पता नहीं फरुख, लगता तो हैसा ही है,
24:21हो सकता है, मुझे घर खाली है न बासित भाई का,
24:25जरूर ये लुख वहीं पर आए होंगे,
24:28खर छोड़ो, हम चलते हैं, खुदा आफिस,
24:30खुदा आफिस समराभा, चलो समू,
24:36हलो फिज़ा,
24:37मैं जब उठी तो देखा घर पे नहीं हो तुम,
24:39हाँ, जब मैं निकली थी, तुम सो रही थी,
24:42यहाँ हॉस्पिडल आई थी बासित जबात करने,
24:44हाँ तो क्या हुआ, माफ कर दिया उसने तुम्हे,
24:45नहीं वो तो बात भी नहीं करना चाहता मुझसे,
24:48लेकिन वो जब तक मानता नहीं है,
24:50यहाँ से हिलने वाली नहीं हुआ,
24:52बच्चों का ख्याल रखना तुम सम्रा,
24:53उसे मनाए बगएर वापस मत आना,
24:55वो ज़रूर मान जाएगा देखना तुम,
24:56ख्याल रखना तुम्हें,
24:57अरे सम्रा, यहाँ क्या कर रही हो,
24:59चलो, अंदर नाश्ता तयार है,
25:00आज तुम तुम तुम गरी सकल का देख रहा रहा है,
25:27तुं इस तरह आ रहा है हां,
25:28अधू देखते,
25:29मिलने आ रहे हैं वोंसे असलाम लेकूम लगता है आप लोग यहां नए नए आए हैं वैसे कहां आए हैं तुम्हें इसे क्या तुम्हें बता के आएंगे जाओ जाके काम कर अपना वैसे दिमाँ खराब हो अरे चोड़े इने
25:39क्या करें कहां जा रहे हैं अरे बात तुम्हें बेश दिया गया है और हमने खरीदा है यह बेश दिया किसने बेश दिया आपको यह घर आपका दिमाग तो ठीक है ना चले बाहर निकले
26:09यहां से बाहर निकले तुमने अपसे यह घर हमारा है निकलो यहां से विकार की बकवास निकाल लोग छोड़े उसे अरे फरनीचर बाहर क्यों निकाल लोग तो यह देख लो
26:39तो राण
26:40अच्छा मैं मात ओ तुम लोगों ने मेरा घर ख़री लिया लेकर आने से पहले पता तो सकते थे ना इस तरह से घर से कौन निकालता है यार उपर से मेरा सारा समान मी बाहर फेक रहे हो
26:55अबावाई इसको बता लिए क्या है क्या है क्यों हस रहे हो बास सुनो जी बोले मापा मेरे ख्याल से इनको इतला दे ही देते हैं चलो फिर इतला के लिए तयार हो जाओ
27:04यार हो जाओ आजा वाई तुझे इतला है क्या क्या क्या क्या क्या हुआ है और यह सबूत है इसका देखो नहीं होगे छोड़ो इस तरह से
27:25अगर आप बहतर में सूस ना करें तो आप विजिट कर सकती है वैसे दो होते की बाद अप चैक अप के लिए ज़रूरा है ठीक है बहुत शुक्री आपका यूवल्कम गेट वल सुन
27:40अगर तुम फ्री हो गए हो तो क्या बात हो सकती है हमारी अभी तुम से बात नहीं कर सकता मैं बिजी हो फिस है अदे यार तुम तुम तो बहुत ही बिजी हो गए हो अच्छा चलो चलते चलते बात कर लो मुझसे
27:52देखो बासित में मानती हुँ के मुझसे गलती हो गए है लेकिन मुझे गलत फैमी नहीं होती तो क्या होता पहले भी तो एक डॉक्टर दोस्ती ना तुम्हारी उसके बाद हमारी बात नहीं हुई चलो ठीक है उसे जाने दो नहा का क्या कहो के वो भी तो एक सिर्प्राइस थ
28:22करना मुशकल था मेरे लिए बलके तुमने तो शुरू से ही मुझसे जूट बोला था अपनी जॉप के बारे में भी याद है ना तुम्हें भूल गए हो बासित ऐसे शर्मेंदा होता है यह माफी मांग रही है मुझसे एकोशिश कर लिए अपनी सा फाइद देने की तुम्
28:52कोई नहीं आ इस्ता इस्ता करके कम होती जाएगी हूँ चले हो कही मैं चलता हूँ बहुत शुक्रिया
29:02हाँ तुम्हें कह रही थी कि ना सब कुछ हो गया था इसलिए शक करी थी तुम पर मैं मानती हूँ के मेरी गलती है मुझे तुम्हारी बात सुननी चाहिए थी
29:11मुझे समझना चाहिए था कि अब तुम पहले जैसे नहीं रहो बलके बदल चुके हो
29:15क्या मैं अंदर जा सकता हूं अजिए जातो अरे अरे क्या हो थी पातुन है
29:32मेरी ये बात कान खोल कर सुन लो ये घर खरीच चुके हैं हम
29:58अपने बेटों से कहकर पिटवा दूंगा तुम्हे
30:00क्या समझते हो खुद को क्या तुम्हारे पास ही बेटे हैं हमारे पास बेटे नहीं है क्या चुडिया पहन रखी हैं हमने
30:06बात सुरो, मेरे बेटे किसी से कम नहीं है, मेरे बेटे है, वो शेर की आउलाद है, अगर मैं तुम पर जबट पढ़ओ तो तुम्हारा मून नोच लूँगा और खा जाऊँगा तुम्हें देगा ना!
30:14अर्चाल में बहुत बोरा होगा!
30:25पुलिस आगे पुलिस आगे चलो निकलो यहां से यार पुलिस आगई है यह क्या हो रहा है यह हमत इताराओ मेरे भाई अच्छा हुआ तुम आ गए यह जो लोग सामने खड़े हुए हैं इन सब के खिलाव शिकायत दर्च करानी है यह लोग अचानक तौरान के घर पर आ ग�
30:55यार तौरान अगर तुम्हे इस घर पे रहना ही था तो बेचा ही क्यों था यार एमद मैंने अपना घर क्यों बेचुगा शायद याले ने बेचा इने
31:01वाकई उसने तो यह घर बेच दिया है अब तो हम कुछ भी नहीं कर सकते तौरान इनके पास तो घर के खागजाद भी मौझद है
31:06अपने सारा पैसा ये घर खरीदने में लगा दिया अब आपे बताये चोटे मचों को लेगे कहां जाएंगे हो अब तो हमारे पास इस घर के सिवा को इन जगा भी नहीं है
31:14अब कबराओं नहीं कुछ नहीं होगा और अब यह लोग हमें घर के अंदर दाखिल भी नहीं होने दे रहे और जब हमने बात करने की कोशिश की तो यह सब लोग हमें मार ने पीटने लग गए
31:24किसी नए शक्स को बताओं जाएंगे बत सुलुकी तो इन लोग ने हमारे साथ की है जरा देखो मेरा चेहरा और वहाँ पर जो आदमे छुपा है ना ऑफिसर कहता है किसी नए शक्स को
31:54मौले में आने नहीं दूँगा देखो किसकी बात पर रहे हैं अहमद पकड़े गए हो अरसलान सहाब और फखरी सहाब हम गब से तलाश कर रहे थे आपको अरे यार देखो यहां मेरे बच्चे मुसीबत पहे मैं यहां इनकी मदद करने आया था मुझे से कोई लेना देना �
32:24मुझे बात पर रहे हैं तुम बहुत खलत कर रहे हैं अरे तुम्हें दिखा नहीं सकता के कुट्टे ने मुझे कहां काटा है लेकिन यह बैट नी सकता है
32:47अचा ठीक है लेकिन उनको पे तो करेफसार करो ना तुम समझ क्यों नहीं रहे हैं उनके पास घर के कावजाद में हुझूद है यह जूट बोलने ऐसा कुछ नहीं है
32:59बहुत शुक्री हो पिसा मतलब बहुत शुक्री कर सकते हैं यार उन्हें तो लेके जाओ
33:06वेरी गुट भासत वुफ मैं कब से ढूंड रही थी तुम्हें कहां थे तुम्यार कोई और काम नहीं है तुम्हारे पास जब तक तो मुझे माफ नहीं कर दे ते कहीं नहीं जाओंगी मैं तुम्हारे लिए मैंने सोचा शाइद यह देखकर तुम्हारा दिल पे घल जाए
33:36वैसे तो मैं एक दफ़ा पहले भी तुम्हारे लिए फूल लाई थी लेकिन उस दिन तुम नरमीन के साथ बातों में मसरूफ थे और फिर घुस्से में मैंने वो फूल फेग दिया खेर चोड़ो यह सब यह लो ना
33:49फिज़क यह बोलंड कौन है किसकी बात कर रहे हो यह शाइब और यह सच बताओ यह फूल चोरी के हैं नहीं मैं क्यू चोरी करूंगी यह मैं खरीदने जाही रही थी कि यह मुझे कमरे के बाहर मिले तुम मुझे लगगा कि इतने प्यारे फूलें
34:14बरबाद नहीं होने चाहिए, तो मैं तुम्हारे लिए ले आई, अच्छे ये सारी बाते जाने तो, लगता है कि फ्री हो गए तुम, क्या आप हम बात कर सकते हैं, नई, मस्रूफ हूँ मैं, जब तक तुम फ्री नहीं हो जाते हैं, मैं यहीं पर रहूँगी, छीक है तुम्
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