00:00मेरे पढोस में एक घर सालों से खाली पड़ा था, पर हर रात उसकी उपर वाली खिडकी में हलकी रोशनी दिखती थी, एक रात मैंने हिम्मत करके अंदर जाकने का फैसला किया, जैसे ही खिडकी के पास पहुँचा, अंदर एक महिला दिखाई दी, उम्र 55 साल, बिलकुल सफ
00:30और वो महिला मेरे ठीक पीछे खड़ी थी
00:33उसने फुस्फुसा कर कहा
00:35मुझे कोई देखता नहीं
00:38पर तुम देख सकते हो
00:39उसके चहरे पर आसु बा रहे थे
00:42पर वो आसु खून थे
00:44मैं डर कर भागा
00:46और पीछे से खिडकी फिर से अपने आप बंध हो गई
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